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Shahjahanpur News: उम्र पूरी कर चुकीं रोडवेज की बसों को दौड़ाकर जान से खिलवाड़
Tue, 25 Mar 2025 12:58 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
Updated Tue, 25 Mar 2025 12:58 AM IST
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शाहजहांपुर में रोडवेज बस अड्डे परखड़ी बस के स्टेयरिंग के नीचे तारों का जाल। संवाद
शाहजहांपुर। परिवहन निगम के पास पर्याप्त बसें हैं। इसके बाद भी उम्र पूरी कर चुकीं रोडवेज बसों को लोकल और लंबे मार्ग पर दौड़ाकर यात्रियों की जान से खिलवाड़ किया जा रहा है। खटारा हो चुकीं इन बनों से खड़खड़ की आवाज आती है। नीलामी की दहलीज पर खड़ीं ये बसें आए दिन मार्ग पर धोखा देकर खड़ी हो जाती हैं। ऐसे में यात्रियों को मुसीबत का सामना कराना पड़ता है।
परिवहन निगम के बेड़े में वर्तमान में 150 सरकारी व 79 अनुबंधित बसों का संचालन होता है। जिले की पांच तहसीलों और 15 ब्लॉकों को जोड़ने के साथ दिल्ली, आगरा, लखनऊ, मथुरा समेत कई रूटों पर बसों का संचालन होता है। इन बसों से शाहजहांपुर डिपो को प्रति दिन लगभग 25 से 30 लाख रुपये की आमदनी होती है। इसके बावजूद डिपो यात्रियों की सुरक्षा के प्रति लापरवाह है। डिपो की लगभग 18 बसें अपनी मियाद को पूरी कर चुकी हैं।
नियम के अनुसार, 12 लाख किलोमीटर चलने के बाद बस को नीलाम करना चाहिए, लेकिन उन्हें 15 से 16 लाख किलोमीटर तक चलाने की कोशिश रहती है। उम्र पूरी कर चुकने वाली बसों को उन्हें बंडा, पाली, सीतापुर समेत कई रूटों पर दौड़ाया जा रहा है। खटारा हो चुकीं अधिकांश बसों में आग से बचाव के संसाधन तक नहीं हैं। इनमें प्राथमिक उपचार की व्यवस्था भी नहीं है। स्टेयरिंग के नीचे तारों का जाल होने से शार्ट सर्किट होने का खतरा बना रहता है।
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केस-1
-13 मार्च को शाहजहांपुर से हरदोई जा रही रोडवेज बस की एक्सलेटर रॉड निकल गई। बस में 30 से ज्यादा यात्री सवार थे। काफी प्रयास के बाद बस ठीक नहीं होने पर बस अड्डे पर सूचना दी। तब दूसरी गाड़ी भेजकर यात्रियों को रवाना किया गया।
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केस 2
-इसी माह पलिया से आ रही रोडवेज की बस की इंजन को ठंडा करने के लिए लगी बेल्ट टूट गई। इसके चलते बस खुटार में खड़ी हो गई। काफी इंतजार के बाद दूसरी बस आई तो उसमें सवारियाें को ट्रांसफर कर रवाना किया गया।
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नई गाड़ियां मिलने के बाद मियाद पूरी करने वाली बसाें को नीलामी के लिए एमडी के पास पत्र भेजा है। यह प्रक्रिया विचाराधीन है। लखनऊ से आदेश आते ही बसें भेज दी जाएंगी।
रामप्यारे प्रसाद, एआरएम
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परिवहन निगम के बेड़े में वर्तमान में 150 सरकारी व 79 अनुबंधित बसों का संचालन होता है। जिले की पांच तहसीलों और 15 ब्लॉकों को जोड़ने के साथ दिल्ली, आगरा, लखनऊ, मथुरा समेत कई रूटों पर बसों का संचालन होता है। इन बसों से शाहजहांपुर डिपो को प्रति दिन लगभग 25 से 30 लाख रुपये की आमदनी होती है। इसके बावजूद डिपो यात्रियों की सुरक्षा के प्रति लापरवाह है। डिपो की लगभग 18 बसें अपनी मियाद को पूरी कर चुकी हैं।
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नियम के अनुसार, 12 लाख किलोमीटर चलने के बाद बस को नीलाम करना चाहिए, लेकिन उन्हें 15 से 16 लाख किलोमीटर तक चलाने की कोशिश रहती है। उम्र पूरी कर चुकने वाली बसों को उन्हें बंडा, पाली, सीतापुर समेत कई रूटों पर दौड़ाया जा रहा है। खटारा हो चुकीं अधिकांश बसों में आग से बचाव के संसाधन तक नहीं हैं। इनमें प्राथमिक उपचार की व्यवस्था भी नहीं है। स्टेयरिंग के नीचे तारों का जाल होने से शार्ट सर्किट होने का खतरा बना रहता है।
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केस-1
-13 मार्च को शाहजहांपुर से हरदोई जा रही रोडवेज बस की एक्सलेटर रॉड निकल गई। बस में 30 से ज्यादा यात्री सवार थे। काफी प्रयास के बाद बस ठीक नहीं होने पर बस अड्डे पर सूचना दी। तब दूसरी गाड़ी भेजकर यात्रियों को रवाना किया गया।
केस 2
-इसी माह पलिया से आ रही रोडवेज की बस की इंजन को ठंडा करने के लिए लगी बेल्ट टूट गई। इसके चलते बस खुटार में खड़ी हो गई। काफी इंतजार के बाद दूसरी बस आई तो उसमें सवारियाें को ट्रांसफर कर रवाना किया गया।
नई गाड़ियां मिलने के बाद मियाद पूरी करने वाली बसाें को नीलामी के लिए एमडी के पास पत्र भेजा है। यह प्रक्रिया विचाराधीन है। लखनऊ से आदेश आते ही बसें भेज दी जाएंगी।
रामप्यारे प्रसाद, एआरएम

शाहजहांपुर में रोडवेज बस अड्डे परखड़ी बस के स्टेयरिंग के नीचे तारों का जाल। संवाद