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दहशत : सीतापुर में कुत्ते का पीछा कर आबादी तक आया तेंदुआ
Tue, 05 Mar 2024 01:18 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
Updated Tue, 05 Mar 2024 01:18 AM IST
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खुटार। क्षेत्र में तेंदुए की दहशत अब भी बरकरार है। गांव सीतापुर में सोमवार सुबह करीब 4 बजे कुत्ते का पीछा कर तेंदुआ आबादी तक पहुंच गया। ग्रामीणों के टॉर्च जलाकर शोर करने पर वह खेतों की तरफ भाग गया। सूचना पर पहुंचे वनकर्मी पग चिह्न देखकर लौट गए।
गांव सीतापुर, सहारू, महुआ पिमई, नरौठा हंसराम, नरौठा देवीदास के पास तेंदुआ कई दिन से घूम रहा है। 22 फरवरी को तेंदुए ने गन्ने की छिलाई कर रहे नरौठा देवीदास निवासी दीपक कुमार पर हमला कर घायल कर दिया था। जानकारी पर डीएफओ प्रखर गुप्ता ने तेंदुए को जंगल की ओर खदेड़ने के लिए टीमें गठित की थीं, लेकिन तेंदुए की आवाजाही को रिकार्ड करने के लिए कैमरे लगाने की जरूरत नहीं समझी।
गांव सीतापुर निवासी सरफुद्दीन ने बताया कि सोमवार तड़के वह अपने घर में सो रहे थे। अचानक किसी के कूदने की आहट होने पर उनकी आंख खुल गई। उन्होंने दरवाजे के पास जाकर देखा तो उनका कुत्ता दौड़ते हुए घर में घुस आया था। बाहर तेंदुआ था, जो टाॅर्च जलाने और शोर करने पर खेत की ओर चला गया। सुबह वनकर्मी मौके पर पहुंचे और पग चिह्न ट्रेस कर वापस चले गए। ग्रामीणों का कहना है कि तेंदुआ छुट्टा पशुओं और नीलगाय को मार चुका है। कभी भी किसी व्यक्ति पर भी हमला कर सकता है। लोगों की जान को भारी खतरा है।
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रेंजर मनोज श्रीवास्तव ने बताया कि तेंदुए को जंगल की ओर खदेड़ने के लिए वनकर्मियों को लगाया गया है। साथ ही ग्रामीणों को सचेत किया है कि सुबह-शाम अकेले गांव के बाहर न निकलें। खेत में काम करने के दौरान शोर करते रहें। झाड़ियों से दूर रहें और खेतों में डंडा या लाठी लेकर ही जाएं।
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गांव सीतापुर, सहारू, महुआ पिमई, नरौठा हंसराम, नरौठा देवीदास के पास तेंदुआ कई दिन से घूम रहा है। 22 फरवरी को तेंदुए ने गन्ने की छिलाई कर रहे नरौठा देवीदास निवासी दीपक कुमार पर हमला कर घायल कर दिया था। जानकारी पर डीएफओ प्रखर गुप्ता ने तेंदुए को जंगल की ओर खदेड़ने के लिए टीमें गठित की थीं, लेकिन तेंदुए की आवाजाही को रिकार्ड करने के लिए कैमरे लगाने की जरूरत नहीं समझी।
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गांव सीतापुर निवासी सरफुद्दीन ने बताया कि सोमवार तड़के वह अपने घर में सो रहे थे। अचानक किसी के कूदने की आहट होने पर उनकी आंख खुल गई। उन्होंने दरवाजे के पास जाकर देखा तो उनका कुत्ता दौड़ते हुए घर में घुस आया था। बाहर तेंदुआ था, जो टाॅर्च जलाने और शोर करने पर खेत की ओर चला गया। सुबह वनकर्मी मौके पर पहुंचे और पग चिह्न ट्रेस कर वापस चले गए। ग्रामीणों का कहना है कि तेंदुआ छुट्टा पशुओं और नीलगाय को मार चुका है। कभी भी किसी व्यक्ति पर भी हमला कर सकता है। लोगों की जान को भारी खतरा है।
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रेंजर मनोज श्रीवास्तव ने बताया कि तेंदुए को जंगल की ओर खदेड़ने के लिए वनकर्मियों को लगाया गया है। साथ ही ग्रामीणों को सचेत किया है कि सुबह-शाम अकेले गांव के बाहर न निकलें। खेत में काम करने के दौरान शोर करते रहें। झाड़ियों से दूर रहें और खेतों में डंडा या लाठी लेकर ही जाएं।