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Shahjahanpur News: ऑटोमेटिक टेस्टिंग ट्रैक पर तीन दिन में 75 में सिर्फ 17 पास
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कांट में टेस्टिंग ट्रैक पर वाहन चलाता आवेदक। संवाद
कांट। ड्राइविंग लाइसेंस प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए शुरू किए गए ऑटोमेटिक टेस्टिंग ट्रैक पर अभ्यर्थियों की कड़ी परीक्षा हो रही है। स्थिति यह है कि तीन दिन में टेस्ट देने पहुंचे 75 अभ्यर्थियों में से केवल 17 ही परीक्षा पास हो सके हैं। अभ्यर्थी ट्रैक पर निर्धारित मानकों को पूरा नहीं कर पा रहे हैं।
पहले मैनुअल व्यवस्था में प्रतिदिन 80 से 82 लोग ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए आते थे। ऑटोमेटिक टेस्टिंग सिस्टम लागू होने के बाद तस्वीर बदल गई है। अब पूरा परीक्षण सीसी कैमरों की निगरानी में हो रहा है और मानकों से जरा-सी चूक होने पर अभ्यर्थी फेल हो जाते हैं। यही कारण है कि फेल होने के डर से भी कई लोग टेस्ट देने नहीं पहुंच रहे हैं।
आंकड़ों के अनुसार 17 जून को 22 अभ्यर्थियों ने टेस्ट दिया, जिनमें से केवल 2 सफल हो सके। 18 जून को 25 लोगों ने परीक्षा दी और 6 पास हुए। वहीं 19 जून को 28 अभ्यर्थी पहुंचे, जिनमें नौ ने सफलता हासिल की। तीन दिनों में कुल 75 लोगों ने टेस्ट दिया, जबकि सिर्फ 17 ही पास हो पाए।
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एआरटीओ प्रशासन सर्वेश सिंह ने बताया कि शुरुआती दौर में लोगों को नई व्यवस्था को समझने में समय लग रहा है। ऑटोमेटिक ट्रैक पर वाहन संचालन के लिए निर्धारित नियमों का पालन करना अनिवार्य है। धीरे-धीरे लोग अभ्यास के साथ बेहतर प्रदर्शन करने लगेंगे और सफलता दर में भी सुधार होगा।
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पहले मैनुअल व्यवस्था में प्रतिदिन 80 से 82 लोग ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए आते थे। ऑटोमेटिक टेस्टिंग सिस्टम लागू होने के बाद तस्वीर बदल गई है। अब पूरा परीक्षण सीसी कैमरों की निगरानी में हो रहा है और मानकों से जरा-सी चूक होने पर अभ्यर्थी फेल हो जाते हैं। यही कारण है कि फेल होने के डर से भी कई लोग टेस्ट देने नहीं पहुंच रहे हैं।
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आंकड़ों के अनुसार 17 जून को 22 अभ्यर्थियों ने टेस्ट दिया, जिनमें से केवल 2 सफल हो सके। 18 जून को 25 लोगों ने परीक्षा दी और 6 पास हुए। वहीं 19 जून को 28 अभ्यर्थी पहुंचे, जिनमें नौ ने सफलता हासिल की। तीन दिनों में कुल 75 लोगों ने टेस्ट दिया, जबकि सिर्फ 17 ही पास हो पाए।
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एआरटीओ प्रशासन सर्वेश सिंह ने बताया कि शुरुआती दौर में लोगों को नई व्यवस्था को समझने में समय लग रहा है। ऑटोमेटिक ट्रैक पर वाहन संचालन के लिए निर्धारित नियमों का पालन करना अनिवार्य है। धीरे-धीरे लोग अभ्यास के साथ बेहतर प्रदर्शन करने लगेंगे और सफलता दर में भी सुधार होगा।