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Shahjahanpur News: पुष्प वाटिका का प्रसंग सुनाया
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पुवायां के पन्नघाट पर रामकथा सुनती महिलाएं। संवाद
पुवायां। पन्नघाट पर मंदिर परिसर में चल रहे श्री रुद्र महायज्ञ में कथा व्यास सुरेशचंद्र मिश्रा और आशीष ने पुष्प वाटिका प्रसंग और संत महिमा का बखान दिया।
कथा व्यास सुरेशचंद्र ने कहा कि ऋषि विश्वामित्र राजा जनक का निमंत्रण पाकर श्रीराम और लक्ष्मण को लेकर मिथिला पहुंचे। गुरु की आज्ञा से श्रीराम और लक्ष्मण पूजन के लिए पुष्प लाने राजा जनक की वाटिका में जाते हैं। वहां पहले से ही गौरी पूजन के लिए मौजूद भगवती सीता को भगवान राम का प्रथम दर्शन मिलता है। भगवती सीता, माता गौरी का पूजन करते हुए वर रूप में श्रीराम को मांगती हैं।
कथा व्यास ने कहा कि संत धरती पर अवतार लेकर लोगों को सही राह दिखाते हैं। सभी को संतों के बताए रास्ते पर चलना चाहिए। श्रीरामकथा से पूर्व दो युवकों का सामूहिक यज्ञोपवीत भी किया गया। संवाद
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कथा व्यास सुरेशचंद्र ने कहा कि ऋषि विश्वामित्र राजा जनक का निमंत्रण पाकर श्रीराम और लक्ष्मण को लेकर मिथिला पहुंचे। गुरु की आज्ञा से श्रीराम और लक्ष्मण पूजन के लिए पुष्प लाने राजा जनक की वाटिका में जाते हैं। वहां पहले से ही गौरी पूजन के लिए मौजूद भगवती सीता को भगवान राम का प्रथम दर्शन मिलता है। भगवती सीता, माता गौरी का पूजन करते हुए वर रूप में श्रीराम को मांगती हैं।
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कथा व्यास ने कहा कि संत धरती पर अवतार लेकर लोगों को सही राह दिखाते हैं। सभी को संतों के बताए रास्ते पर चलना चाहिए। श्रीरामकथा से पूर्व दो युवकों का सामूहिक यज्ञोपवीत भी किया गया। संवाद
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