{"_id":"68acaf0262ef4689bb086ad7","slug":"more-than-8-thousand-people-became-victims-of-dogs-and-monkeys-in-july-shahjahanpur-news-c-122-1-spn1002-151219-2025-08-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shahjahanpur News: जुलाई में 8 हजार से अधिक लोग बने कुत्तों-बंदरों का शिकार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shahjahanpur News: जुलाई में 8 हजार से अधिक लोग बने कुत्तों-बंदरों का शिकार
विज्ञापन
सदर क्षेत्र में घूमते कुत्ते। संवाद
शाहजहांपुर। कुत्तों और बंदरों का आतंक बढ़ता जा रहा है। जुलाई में जिले में आठ हजार से अधिक लोगों को कुत्तों और बंदरों ने शिकार बनाया। पुराने जिला अस्पताल में रोजाना 70 से 80 मरीज एआरवी लगवाने के लिए पहुंच रहे हैं। नगर निगम की ओर से दावा किया जा रहा है कि जल्द ही एनिमल बर्थ कंट्रोल सेंटर शुरू करके कुत्तों की नसबंदी की जाएगी।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद केंद्र और राज्य सरकार आवारा कुत्तों के काटने के मामले में गंभीर हो गईं हैं। सरकार की ओर से निकायों में भी कुत्तों की नसंबदी कराने के लिए आश्रय खोले जाएंगे। गर्मी के दिनों में कुत्ते अधिक हिंसक हो जाते हैं। जनवरी में जनपद में 1698 लोगों को कुत्तों और बंदरों ने काटा था, जबकि जुलाई में इसकी संख्या बढ़कर आठ हजार से अधिक हो गई।
नगर निगम का एनिमल बर्थ कंट्रोल सेंटर न्यू ककरा सिटी में बनकर तैयार हो गया है। स्टाफ को रखने की टेंडर प्रक्रिया चल रही है। संभावना जताई जा रही है कि सितंबर के दूसरे सप्ताह में सेंटर शुरू हो जाएगा। संबंधित एजेंसी शहर में कुत्तों को पकड़ेगी और उनकी नसबंदी करके उसी स्थान पर छोड़ देगी। एक कुत्ते की नसबंदी में तकरीबन एक हजार रुपये का खर्च आएगा। नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनोज कुमार मिश्रा ने बताया कि सबसे पहले हिंसक कुत्तों की नसबंदी पर जोर दिया जाएगा। सेंटर पर उनको रखकर उनकी कार्यशैली की निगरानी की जाएगी। प्रतिक्रिया ठीक मिलने पर उनको छोड़ दिया जाएगा।
विज्ञापन
शासन के निर्देश मिलने के बाद नगर निकायों में कुत्तों की नसबंदी के लिए आश्रय स्थल बनवाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। शासनादेश आते ही इस पर काम शुरू हो जाएगा। - रजनीश कुमार मिश्र, एडीएम प्रशासन
एआरवी लगवाने का आंकड़ा
माह इस्तेमाल एआरवी वॉयल की संख्या
जनवरी 1698
फरवरी 1913
मार्च 2738
अप्रैल 2674
मई 1159
जून 1630
जुलाई 8220
विज्ञापन
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद केंद्र और राज्य सरकार आवारा कुत्तों के काटने के मामले में गंभीर हो गईं हैं। सरकार की ओर से निकायों में भी कुत्तों की नसंबदी कराने के लिए आश्रय खोले जाएंगे। गर्मी के दिनों में कुत्ते अधिक हिंसक हो जाते हैं। जनवरी में जनपद में 1698 लोगों को कुत्तों और बंदरों ने काटा था, जबकि जुलाई में इसकी संख्या बढ़कर आठ हजार से अधिक हो गई।
विज्ञापन
नगर निगम का एनिमल बर्थ कंट्रोल सेंटर न्यू ककरा सिटी में बनकर तैयार हो गया है। स्टाफ को रखने की टेंडर प्रक्रिया चल रही है। संभावना जताई जा रही है कि सितंबर के दूसरे सप्ताह में सेंटर शुरू हो जाएगा। संबंधित एजेंसी शहर में कुत्तों को पकड़ेगी और उनकी नसबंदी करके उसी स्थान पर छोड़ देगी। एक कुत्ते की नसबंदी में तकरीबन एक हजार रुपये का खर्च आएगा। नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनोज कुमार मिश्रा ने बताया कि सबसे पहले हिंसक कुत्तों की नसबंदी पर जोर दिया जाएगा। सेंटर पर उनको रखकर उनकी कार्यशैली की निगरानी की जाएगी। प्रतिक्रिया ठीक मिलने पर उनको छोड़ दिया जाएगा।
विज्ञापन
शासन के निर्देश मिलने के बाद नगर निकायों में कुत्तों की नसबंदी के लिए आश्रय स्थल बनवाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। शासनादेश आते ही इस पर काम शुरू हो जाएगा। - रजनीश कुमार मिश्र, एडीएम प्रशासन
एआरवी लगवाने का आंकड़ा
माह इस्तेमाल एआरवी वॉयल की संख्या
जनवरी 1698
फरवरी 1913
मार्च 2738
अप्रैल 2674
मई 1159
जून 1630
जुलाई 8220