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शाहजहांपुर के शहीद को आखिरी सलामी देने उमड़ा जनसैलाब
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पुवायां (शाहजहांपुर)। कश्मीर के पुंछ में सरहद के पास सर्च ऑपरेशन के दौरान शहीद हुए 11वीं सिख रेजीमेंट (16 आरआर) के जवान सारज सिंह का बृहस्पतिवार को राजकीय सम्मान के साथ उनके गांव अखत्यारपुर धौकल में अंतिम संस्कार किया गया। इस मौके पर उमड़ी भीड़ शहीद को अंतिम विदाई देने के लिए पहुंची थी। भीड़ ने नारे लगे जब तक सूरज चांद रहेगा, सारज सिंह का नाम रहेगा।
11 अक्तूबर को कश्मीर में पुंछ के पास सूरनकोट के चामरेर फॉरेस्ट एरिया में सेना के आतंक विरोधी सर्च ऑपरेशन के दौरान सेना के जवानों की आतंकवादियों से मुठभेड़ हो गई थी। यहां घुसपैठ कर आए आतंकवादी भारी हथियारों से लैस थे। इस एनकाउंटर के दौरान सारज सिंह के साथ तीन जवान और एक जेसीओ शहीद हो गए थे। इसके बाद 13 अक्तूबर को शहीद का पार्थिव शरीर शाहजहांपुर लाया गया था। बृहस्पतिवार सुबह शाहजहांपुर में राजपूत रेजीमेंट की 27वीं बटालियन के स्टेशन कमांडर सुनील गोयल, सीओ राहुल गौतम, बिग्रेडियर राजेश रमन ने शहीद को सलामी दी और इसके बाद पार्थिव शरीर को घर ले जाया गया।
कश्मीर से सारज सिंह का पार्थिव शरीर लेकर आए 16 आरआर के सूबेदार नेत्रपाल, लांस नायक हरप्रीत सिंह और हरमन प्रीत सिंह, सिपाही सुखराज, रावेंद्र बृहस्पतिवार सुबह सवा आठ बजे सिख रेजीमेंट के जवानों के साथ पार्थिव शरीर लेकर गांव अखत्यारपुर धौकल पहुंचे। पार्थिव शरीर देखते ही पत्नी रजविंदर कौर, पिता विचित्र सिंह, मां परमजीत कौर, भाई सुखबीर सिंह, गुरप्रीत सिंह और तमाम रिश्तेदार बिलख पड़े। रिश्तेदारों ने उन्हें बमुश्किल संभाला। मां, पिता, पत्नी और भाइयों के अंतिम दर्शन करने के बाद तमाम लोगों ने शहीद के अंतिम दर्शन किए।
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प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना, भाजपा जिलाध्यक्ष हरिप्रकाश वर्मा, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष अजय प्रताप यादव, विधायक चेतराम, एमएलसी अमित यादव, दर्जा राज्यमंत्री सुरेंद्रनाथ बाल्मीकि, एससीएसटी आयोग के उपाध्यक्ष मिथलेश कुमार, डीएम इंद्र विक्रम सिंह, एसपी, एडीएम रामसेवक द्विवेदी, सपा जिलाध्यक्ष तनवीर खां, उपेंद्र पाल, अवधेश वर्मा, गोपाल अग्निहोत्री, एसडीएम सतीश चंद्रा, सीओ बीएस वीरकुमार आदि, इंडियन बैटर्न आर्गनाइजेशन जोन बरेली के कैप्टन रिटायर्ड रनवीर सिंह कुशवाहा, अध्यक्ष सतवीर सिंह, कोऑर्डीनेटर अमर सिंह ने पुष्प चक्र अर्पित किए गए। इस बीच बंडा, खुटार, पुवायां, बिलसंडा से भी तमाम लोग मौके पर पहुंचे। भारी जनसैलाब के बीच शहीद सैनिक की अंतिम यात्रा शुरू हुई। घर के पास ही बने अंत्येष्टि स्थल पर भी शहीद के पार्थिव शरीर के हजारों लोगों ने अंतिम दर्शन किए। गांव के पास ही शाहजहांपुर की राजपूताना रेजीमेंट के जेएन शर्मा के नेतृत्व में सेना के जवानों से शहीद को सलामी दी बैंड की मातमी धुन के बीच उन्हें अंतिम विदाई दी गई।
सेना ने शहीद के पार्थिव शरीर पर लिपटा तिरंगा वित्त मंत्री के माध्यम से शहीद की पत्नी रजविंदर कौर को दिलवाया। पिता विचित्र सिंह ने शहीद को मुखाग्नि दी। अंतिम संस्कार स्थल पर सारज सिंह की पत्नी रजविंदर कौर, मां परमजीत कौर परिवार, रिश्तेदार की महिलाओं का करुण क्रंदन सुनकर लोगों की आंखें भर आईं।
पुलिस और सेना के जवानों ने संभाला मोर्चा
बंडा। सारज सिंह का पार्थिव शरीर घर पहुंचते ही वहां पहले से मौजूद भारी भीड़ में सैनिक का अंतिम दर्शन करने की होड़ मच गई। पार्थिव शरीर घर के आंगन में रखा गया। यहां पर मां परमजीत कौर ने सबसे पहले बेटे को सलामी दी। पिता विचित्र सिंह, भाई सुखबीर सिंह, गुरप्रीत सिंह, पत्नी रजविंदर कौर, शहीद की भाभी बलजिंदर कौर, सुखजिंदर कौर आदि ने अंतिम दर्शन किए। कुछ लोगों के बीच धक्का-मुक्की भी होने लगी। इस पर पुलिस और सेना के जवानों ने मोर्चा संभाला और लाइन से लोगों को शहीद के पार्थिव शरीर का अंतिम दर्शन कराया।
कई सर्च ऑपरेशन में भाग ले चुके थे सारज सिंह
पुवायां। शहीद सारज सिंह के भाई सैनिक सुखबीर सिंह ने बताया कि उनका भाई सेना के आतंकरोधी अभियान के तहत चलने वाले कई सर्च ऑपरेशन में भाग ले चुका था। इस कारण उसे खासा अनुभव हो चुका था। सेना के सर्च ऑपरेशन में सारज सिंह को अक्सर शामिल किया जाता था। तलाशी अभियान के दौरान सारज सिंह पहले भी आतंकवादियों से आमने-सामने मुकाबला कर चुके थे।
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11 अक्तूबर को कश्मीर में पुंछ के पास सूरनकोट के चामरेर फॉरेस्ट एरिया में सेना के आतंक विरोधी सर्च ऑपरेशन के दौरान सेना के जवानों की आतंकवादियों से मुठभेड़ हो गई थी। यहां घुसपैठ कर आए आतंकवादी भारी हथियारों से लैस थे। इस एनकाउंटर के दौरान सारज सिंह के साथ तीन जवान और एक जेसीओ शहीद हो गए थे। इसके बाद 13 अक्तूबर को शहीद का पार्थिव शरीर शाहजहांपुर लाया गया था। बृहस्पतिवार सुबह शाहजहांपुर में राजपूत रेजीमेंट की 27वीं बटालियन के स्टेशन कमांडर सुनील गोयल, सीओ राहुल गौतम, बिग्रेडियर राजेश रमन ने शहीद को सलामी दी और इसके बाद पार्थिव शरीर को घर ले जाया गया।
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कश्मीर से सारज सिंह का पार्थिव शरीर लेकर आए 16 आरआर के सूबेदार नेत्रपाल, लांस नायक हरप्रीत सिंह और हरमन प्रीत सिंह, सिपाही सुखराज, रावेंद्र बृहस्पतिवार सुबह सवा आठ बजे सिख रेजीमेंट के जवानों के साथ पार्थिव शरीर लेकर गांव अखत्यारपुर धौकल पहुंचे। पार्थिव शरीर देखते ही पत्नी रजविंदर कौर, पिता विचित्र सिंह, मां परमजीत कौर, भाई सुखबीर सिंह, गुरप्रीत सिंह और तमाम रिश्तेदार बिलख पड़े। रिश्तेदारों ने उन्हें बमुश्किल संभाला। मां, पिता, पत्नी और भाइयों के अंतिम दर्शन करने के बाद तमाम लोगों ने शहीद के अंतिम दर्शन किए।
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प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना, भाजपा जिलाध्यक्ष हरिप्रकाश वर्मा, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष अजय प्रताप यादव, विधायक चेतराम, एमएलसी अमित यादव, दर्जा राज्यमंत्री सुरेंद्रनाथ बाल्मीकि, एससीएसटी आयोग के उपाध्यक्ष मिथलेश कुमार, डीएम इंद्र विक्रम सिंह, एसपी, एडीएम रामसेवक द्विवेदी, सपा जिलाध्यक्ष तनवीर खां, उपेंद्र पाल, अवधेश वर्मा, गोपाल अग्निहोत्री, एसडीएम सतीश चंद्रा, सीओ बीएस वीरकुमार आदि, इंडियन बैटर्न आर्गनाइजेशन जोन बरेली के कैप्टन रिटायर्ड रनवीर सिंह कुशवाहा, अध्यक्ष सतवीर सिंह, कोऑर्डीनेटर अमर सिंह ने पुष्प चक्र अर्पित किए गए। इस बीच बंडा, खुटार, पुवायां, बिलसंडा से भी तमाम लोग मौके पर पहुंचे। भारी जनसैलाब के बीच शहीद सैनिक की अंतिम यात्रा शुरू हुई। घर के पास ही बने अंत्येष्टि स्थल पर भी शहीद के पार्थिव शरीर के हजारों लोगों ने अंतिम दर्शन किए। गांव के पास ही शाहजहांपुर की राजपूताना रेजीमेंट के जेएन शर्मा के नेतृत्व में सेना के जवानों से शहीद को सलामी दी बैंड की मातमी धुन के बीच उन्हें अंतिम विदाई दी गई।
सेना ने शहीद के पार्थिव शरीर पर लिपटा तिरंगा वित्त मंत्री के माध्यम से शहीद की पत्नी रजविंदर कौर को दिलवाया। पिता विचित्र सिंह ने शहीद को मुखाग्नि दी। अंतिम संस्कार स्थल पर सारज सिंह की पत्नी रजविंदर कौर, मां परमजीत कौर परिवार, रिश्तेदार की महिलाओं का करुण क्रंदन सुनकर लोगों की आंखें भर आईं।
पुलिस और सेना के जवानों ने संभाला मोर्चा
बंडा। सारज सिंह का पार्थिव शरीर घर पहुंचते ही वहां पहले से मौजूद भारी भीड़ में सैनिक का अंतिम दर्शन करने की होड़ मच गई। पार्थिव शरीर घर के आंगन में रखा गया। यहां पर मां परमजीत कौर ने सबसे पहले बेटे को सलामी दी। पिता विचित्र सिंह, भाई सुखबीर सिंह, गुरप्रीत सिंह, पत्नी रजविंदर कौर, शहीद की भाभी बलजिंदर कौर, सुखजिंदर कौर आदि ने अंतिम दर्शन किए। कुछ लोगों के बीच धक्का-मुक्की भी होने लगी। इस पर पुलिस और सेना के जवानों ने मोर्चा संभाला और लाइन से लोगों को शहीद के पार्थिव शरीर का अंतिम दर्शन कराया।
कई सर्च ऑपरेशन में भाग ले चुके थे सारज सिंह
पुवायां। शहीद सारज सिंह के भाई सैनिक सुखबीर सिंह ने बताया कि उनका भाई सेना के आतंकरोधी अभियान के तहत चलने वाले कई सर्च ऑपरेशन में भाग ले चुका था। इस कारण उसे खासा अनुभव हो चुका था। सेना के सर्च ऑपरेशन में सारज सिंह को अक्सर शामिल किया जाता था। तलाशी अभियान के दौरान सारज सिंह पहले भी आतंकवादियों से आमने-सामने मुकाबला कर चुके थे।