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जीएसटी में संशोधन को व्यापारियों ने दिए कई सुझाव
ब्यूरो /शाहजहांपुर
Updated Tue, 06 Sep 2016 11:42 PM IST
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व्यापारियों ने दिए कई सुझाव
- फोटो : श्ााहजहांपुर उत्तर प्रदेश्ा
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अगले वर्ष एक अप्रैल से देश में प्रभावी होने जा रहे गुड्स सर्विस टैक्स की विसंगतियां दूर कराने और व्यापारी हित के प्रावधान शामिल कराने के लिए उप्र उद्योग व्यापार मंडल मिश्रा के पदाधिकारियों का शिष्टमंडल मंगलवार को खिरनीबाग के वाणिज्य कर कार्यालय जाकर उपायुक्त रमेश कुमार वैश्य से मिला। व्यापारी नेताओं ने उन्हें बरेली जोन के अतिरिक्त आयुक्त के नाम ज्ञापन के साथ जीएसटी में संशोधन कराने को सुझाव पत्र सौंपा।
शिष्टमंडल का नेतृत्व करते हुए संगठन के जिलाध्यक्ष कुलदीप सिंह दुआ ने कहा कि जीएसटी में रजिस्ट्रेशन को वार्षिक टर्न ओवर सीमा बढ़ाकर 25 लाख रुपये किए जाने सहित अन्य कई मांगों को प्रदेश अध्यक्ष पं. श्याम बिहारी मिश्र के स्तर से केंद्र सरकार की उच्च स्तरीय समिति को भेजा जा चुका है। सरकार इस बारे में कोई अंतिम नीतिगत निर्णय करे, इससे पहले व्यापारी हित के सुझावों पर गौर किया जाना जरूरी है। सुझाव पत्र में व्यापारियों को जेल भेजे जाने का प्रावधान वापस लेकर केवल अर्थ दंड प्रभावी करने, व्यापारिक फर्मों के वार्षिक एसेसमेंट के लिए केवल एक विभाग को अधिकृत किए जाने, मंडी शुल्क समाप्त करके उसे जीएसटी में समाहित करने, पेट्रोलियम उत्पादों को जीएसटी में शामिल करने, गेहूं, दलहन, तिलहन, साबुत मसाले आदि कृषि उपज को जीएसटी से मुक्त रखे जाने पर जोर दिया गया है। वाणिज्य कर उपायुक्त वैश्य ने बताया कि वार्षिक टर्नओवर की सीमा बढ़ाकर 25 लाख रुपये किए जाने की मांग सरकार ने मान ली है और अन्य सुझावों पर भी गंभीरता से विचार किया जाएगा। इस मौके पर नगर अध्यक्ष सुनील गुप्ता, नाजिम खां, ललित खुराना, नीरज गुप्ता, शाहबाज खां, धर्मपाल रैना, राजीव कमरा, रतन स्वरूप सक्सेना, पुरुषोत्तम गुप्ता, सुल्तान खां, सुरेंद्र सेठी, अभिषेक गुप्ता, चंद्र प्रकाश गुलाटी, नितिन गुप्ता, शुभम अग्रवाल आदि मौजूद रहे।
होटल रॉयल पन्ना में जीएसटी कार्यशाला आज
122वें संविधान संशोधन विधेयक के तहत लागू होने वाले जीएसटी के नवीनतम प्रावधानों से अवगत कराने के लिए वाणिज्य कर विभाग की ओर से बुधवार को होटल रॉयल पन्ना में वाणिज्य कर विभाग की ओर से दोपहर 2.30 बजे विशेष कार्यशाला आयोजित की गई है। जीएसटी के नोडल अफसर नामित किए गए विभागीय उपायुक्त अमित मोहन ने बताया कि कार्यशाला में वकीलों समेत विभिन्न संगठनों से जुड़े व्यापारियों को आमंत्रित किया गया है।
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शिष्टमंडल का नेतृत्व करते हुए संगठन के जिलाध्यक्ष कुलदीप सिंह दुआ ने कहा कि जीएसटी में रजिस्ट्रेशन को वार्षिक टर्न ओवर सीमा बढ़ाकर 25 लाख रुपये किए जाने सहित अन्य कई मांगों को प्रदेश अध्यक्ष पं. श्याम बिहारी मिश्र के स्तर से केंद्र सरकार की उच्च स्तरीय समिति को भेजा जा चुका है। सरकार इस बारे में कोई अंतिम नीतिगत निर्णय करे, इससे पहले व्यापारी हित के सुझावों पर गौर किया जाना जरूरी है। सुझाव पत्र में व्यापारियों को जेल भेजे जाने का प्रावधान वापस लेकर केवल अर्थ दंड प्रभावी करने, व्यापारिक फर्मों के वार्षिक एसेसमेंट के लिए केवल एक विभाग को अधिकृत किए जाने, मंडी शुल्क समाप्त करके उसे जीएसटी में समाहित करने, पेट्रोलियम उत्पादों को जीएसटी में शामिल करने, गेहूं, दलहन, तिलहन, साबुत मसाले आदि कृषि उपज को जीएसटी से मुक्त रखे जाने पर जोर दिया गया है। वाणिज्य कर उपायुक्त वैश्य ने बताया कि वार्षिक टर्नओवर की सीमा बढ़ाकर 25 लाख रुपये किए जाने की मांग सरकार ने मान ली है और अन्य सुझावों पर भी गंभीरता से विचार किया जाएगा। इस मौके पर नगर अध्यक्ष सुनील गुप्ता, नाजिम खां, ललित खुराना, नीरज गुप्ता, शाहबाज खां, धर्मपाल रैना, राजीव कमरा, रतन स्वरूप सक्सेना, पुरुषोत्तम गुप्ता, सुल्तान खां, सुरेंद्र सेठी, अभिषेक गुप्ता, चंद्र प्रकाश गुलाटी, नितिन गुप्ता, शुभम अग्रवाल आदि मौजूद रहे।
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होटल रॉयल पन्ना में जीएसटी कार्यशाला आज
122वें संविधान संशोधन विधेयक के तहत लागू होने वाले जीएसटी के नवीनतम प्रावधानों से अवगत कराने के लिए वाणिज्य कर विभाग की ओर से बुधवार को होटल रॉयल पन्ना में वाणिज्य कर विभाग की ओर से दोपहर 2.30 बजे विशेष कार्यशाला आयोजित की गई है। जीएसटी के नोडल अफसर नामित किए गए विभागीय उपायुक्त अमित मोहन ने बताया कि कार्यशाला में वकीलों समेत विभिन्न संगठनों से जुड़े व्यापारियों को आमंत्रित किया गया है।
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