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अहंकार से खुद को बचाना ही मनुष्य का धर्म : विजय कौशल
Sat, 01 Mar 2025 12:50 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
Updated Sat, 01 Mar 2025 12:50 AM IST
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मुमुक्षु आश्रम में कथा सुनाते कथाव्यास विजय कौशल महाराज। स्रोत: आयोजक
शाहजहांपुर। मुमुक्षु आश्रम परिसर में आयोजित श्रीराम कथा के चौथे दिन शुक्रवार को कथा व्यास विजय कौशल महाराज ने कई प्रसंग सुनाए। कहा कि एक बार माता पार्वती ने शिव जी से पूछा कि निर्गुण, निराकार एवं अव्यक्त कहे जाने वाले भगवान को किन कारणों से खुद को सगुण, साकार और व्यक्त रूप में संसार मेंं अवतरित होना पड़ा।
कथा व्यास ने नारद मोह का प्रसंग सुनाकर श्रद्धालु श्रोताओं को संदेश दिया कि संसार में सब कुछ नश्वर है और अंत समय में शरीर भी यही रह जाता है। इसलिए किसी भी प्रकार के अहंकार से स्वयं को बचाए रखना ही मनुष्य का धर्म है।
कथा व्यास ने गुरु निंदा को सबसे बड़ा पाप बताया। उन्हाेंने मनु व शतरूपा के प्रसंग का भी मनोहारी तरीके से वर्णन किया। तत्पश्चात उन्होंने भजन सुनाया तो कई श्रद्धालु पंडाल मेंं अपने स्थान पर खड़े होकर झूमने और नृत्य करने लगे। इससे पूर्व, डॉ. अनुराग अग्रवाल के संचालन में हुई कथा का शुभारंभ प्रभु श्रीराम की स्तुति एवं श्री हनुमान चालीसा के पाठ से हुआ। अंत में श्रीराम दरबार की आरती हुई। पूजन व आरती में जगदीश प्रसाद अग्रवाल, मीरा अग्रवाल, सुमन अग्रवाल, प्रमोद अग्रवाल, रागिनी अग्रवाल, द्रौपदी अग्रवाल, अरुण खंडेलवाल, अंजू खंडेलवाल, नरेंद्र सेठ, पूनम सेठ आदि शामिल रहे। प्रसाद वितरण में डॉ. देवेंद्र सिंह, हरीश चंद्र श्रीवास्तव, डॉ विनीत श्रीवास्तव आदि का सहयोग रहा।
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कथा व्यास ने नारद मोह का प्रसंग सुनाकर श्रद्धालु श्रोताओं को संदेश दिया कि संसार में सब कुछ नश्वर है और अंत समय में शरीर भी यही रह जाता है। इसलिए किसी भी प्रकार के अहंकार से स्वयं को बचाए रखना ही मनुष्य का धर्म है।
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कथा व्यास ने गुरु निंदा को सबसे बड़ा पाप बताया। उन्हाेंने मनु व शतरूपा के प्रसंग का भी मनोहारी तरीके से वर्णन किया। तत्पश्चात उन्होंने भजन सुनाया तो कई श्रद्धालु पंडाल मेंं अपने स्थान पर खड़े होकर झूमने और नृत्य करने लगे। इससे पूर्व, डॉ. अनुराग अग्रवाल के संचालन में हुई कथा का शुभारंभ प्रभु श्रीराम की स्तुति एवं श्री हनुमान चालीसा के पाठ से हुआ। अंत में श्रीराम दरबार की आरती हुई। पूजन व आरती में जगदीश प्रसाद अग्रवाल, मीरा अग्रवाल, सुमन अग्रवाल, प्रमोद अग्रवाल, रागिनी अग्रवाल, द्रौपदी अग्रवाल, अरुण खंडेलवाल, अंजू खंडेलवाल, नरेंद्र सेठ, पूनम सेठ आदि शामिल रहे। प्रसाद वितरण में डॉ. देवेंद्र सिंह, हरीश चंद्र श्रीवास्तव, डॉ विनीत श्रीवास्तव आदि का सहयोग रहा।

मुमुक्षु आश्रम में कथा सुनाते कथाव्यास विजय कौशल महाराज। स्रोत: आयोजक
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