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अब मंडी से बाहर कारोबार करने वालों को भी देना होगा मंडी शुल्क
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पुवायां मंडी समिति का फाइल फोटो
- फोटो : POWAYAN
पुवायां (शाहजहांपुर)। कृषि कानून निरस्त होने के बाद अब मंडी शुल्क की पुरानी व्यवस्था बहाल हो गई है। अब मंडी से बाहर अनाज, सब्जी, फल आदि का कारोबार करने वालों को भी मंडी शुल्क देना होगा। आदेश जारी कर दिए हैं और सभी मंडी समितियों तक पहुंच भी गए हैं।
वर्ष 2020 में तीन कृषि कानूनों के लागू होने के बाद राज्य सरकार ने आठ जून 2020 को मंडी के बाहर कारोबार करने वाले व्यापारियों से मंडी शुल्क वसूलने की व्यवस्था समाप्त कर दी थी। इससे मंडी से बाहर कारोबार करने वाले व्यापारियों की संख्या बढ़ गई थी। जो व्यापारी मंडी में दुकान लिए थे, वह भी बाहर से कारोबार करने लगे थे। केंद्र सरकार के तीनों कृषि कानून रद्द किए जाने के बाद फिर से मंडी शुल्क लागू हो गया है। अब मंडी के बाहर कारोबार करने वाले व्यापारियों को डेढ़ प्रतिशत शुल्क देना होगा। इसमें एक प्रतिशत मंडी शुल्क और आधा प्रतिशत विकास सेस होगा।
राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद के निदेशक अंजनी कुमार सिंह की ओर से 10 दिसंबर को मंडी परिषद के सभी उप निदेशकों, सभी सभापतियों और सचिवों को पत्र जारी कर नियमों का पालन कराने के निर्देश दिए हैं। मंडी परिषद की अपर निदेशक (प्रशासन) निधि श्रीवास्तव ने केंद्र सरकार के गजट को संलग्न करते हुए पत्र जारी किए हैं।
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बढ़ सकती है महंगाई
मंडी शुल्क और विकास सेस वसूलने की पुरानी प्रक्रिया लागू होने से गेहूं, दाल, चावल आदि के रेट बढ़ सकते हैं। इसका असर आम आदमी पर पड़ेगा। मंडी शुल्क की व्यवस्था दस दिसंबर के बाद खरीदे गए अनाज आदि पर लागू होगी। दस दिसंबर से पहले की गई खरीद टैक्स के दायरे से बाहर रहेगी।
सबसे पहले राइस मिलों पर सीधे होने वाली खरीद को बंद करना चाहिए। मंडी में ही सभी को खरीदारी करनी चाहिए। अधिकारियों को इस पर ध्यान देना चाहिए कि पूरे प्रदेश में सिर्फ पुवायां और पूरनपुर मंडी क्षेत्र में ही राइस मिलों में सीधे खरीद हो रही है।
सुबोध कुमार पंजू, आढ़ती मंडी पुवायां
मंडी के अंदर काम करने वाले लाइसेंस होल्डर व्यापारियों को लाभ मिलेगा और जब व्यापारियों को लाभ होगा तो मंडी को भी उसका लाभ मिलेगा। किसानों को अपनी फसल बेचने के लिए इधर उधर नहीं भटकना पड़ेगा।
राजेश शुक्ला, आढ़ती मंडी परिसर पुवायां
मंडी के अधिकार बहाल होने से किसानों को लाभ मिलेगा। मंडी के बाहर शुल्क और लाइसेंस खत्म होने से किसानों को बाहर दिक्कत होती थी। नियम लागू होने से मंडी में व्यापारी बढ़ेंगे और उससे किसानों को लाभ होगा और मंडी को भी फायदा होगा।
पुतान सिंह, अध्यक्ष गल्ला व्यापार संघ मंडी पुवायां
बाहर भी मंडी शुल्क लागू होने से मंडी को लाभ होगा। किसानों को मंडी के बाहर फसल बिक्री के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। इसके अलावा मंडी में कारोबार होने से व्यापारियों को भी लाभ होगा। सरकार का निर्णय सही है। किसानों को भी लाभ होगा।
माया देवी, आढ़ती मंडी पुवायां
सरकार ने जो निर्णय लिया है वह ठीक है। मंडी के बाहर खरीद पर शुल्क होना बेहतर है, लेकिन मंडी के अंदर कारोबार करने वाले आढ़तियों को छूट दी जानी चाहिए। किसानों को बहुत लाभ होगा ।
महेश पाल सिंह, आढ़ती मंडी पुवायां
पुराने नियम लागू हो गए हैं। जल्द ही सूचना प्रकाशित कर सबको सूचित किया जाएगा कि जिन लोगों के लाइसेंस आदि नहीं हैं, वह जल्द ही बनवा लें। पुराने लाइसेंसधारक नवीनीकरण करा लें। बिना लाइसेंस कहीं भी खरीद नहीं हो सकेगी।
सुमन भारती, सचिव मंडी परिषद पुवाया
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वर्ष 2020 में तीन कृषि कानूनों के लागू होने के बाद राज्य सरकार ने आठ जून 2020 को मंडी के बाहर कारोबार करने वाले व्यापारियों से मंडी शुल्क वसूलने की व्यवस्था समाप्त कर दी थी। इससे मंडी से बाहर कारोबार करने वाले व्यापारियों की संख्या बढ़ गई थी। जो व्यापारी मंडी में दुकान लिए थे, वह भी बाहर से कारोबार करने लगे थे। केंद्र सरकार के तीनों कृषि कानून रद्द किए जाने के बाद फिर से मंडी शुल्क लागू हो गया है। अब मंडी के बाहर कारोबार करने वाले व्यापारियों को डेढ़ प्रतिशत शुल्क देना होगा। इसमें एक प्रतिशत मंडी शुल्क और आधा प्रतिशत विकास सेस होगा।
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राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद के निदेशक अंजनी कुमार सिंह की ओर से 10 दिसंबर को मंडी परिषद के सभी उप निदेशकों, सभी सभापतियों और सचिवों को पत्र जारी कर नियमों का पालन कराने के निर्देश दिए हैं। मंडी परिषद की अपर निदेशक (प्रशासन) निधि श्रीवास्तव ने केंद्र सरकार के गजट को संलग्न करते हुए पत्र जारी किए हैं।
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बढ़ सकती है महंगाई
मंडी शुल्क और विकास सेस वसूलने की पुरानी प्रक्रिया लागू होने से गेहूं, दाल, चावल आदि के रेट बढ़ सकते हैं। इसका असर आम आदमी पर पड़ेगा। मंडी शुल्क की व्यवस्था दस दिसंबर के बाद खरीदे गए अनाज आदि पर लागू होगी। दस दिसंबर से पहले की गई खरीद टैक्स के दायरे से बाहर रहेगी।
सबसे पहले राइस मिलों पर सीधे होने वाली खरीद को बंद करना चाहिए। मंडी में ही सभी को खरीदारी करनी चाहिए। अधिकारियों को इस पर ध्यान देना चाहिए कि पूरे प्रदेश में सिर्फ पुवायां और पूरनपुर मंडी क्षेत्र में ही राइस मिलों में सीधे खरीद हो रही है।
सुबोध कुमार पंजू, आढ़ती मंडी पुवायां
मंडी के अंदर काम करने वाले लाइसेंस होल्डर व्यापारियों को लाभ मिलेगा और जब व्यापारियों को लाभ होगा तो मंडी को भी उसका लाभ मिलेगा। किसानों को अपनी फसल बेचने के लिए इधर उधर नहीं भटकना पड़ेगा।
राजेश शुक्ला, आढ़ती मंडी परिसर पुवायां
मंडी के अधिकार बहाल होने से किसानों को लाभ मिलेगा। मंडी के बाहर शुल्क और लाइसेंस खत्म होने से किसानों को बाहर दिक्कत होती थी। नियम लागू होने से मंडी में व्यापारी बढ़ेंगे और उससे किसानों को लाभ होगा और मंडी को भी फायदा होगा।
पुतान सिंह, अध्यक्ष गल्ला व्यापार संघ मंडी पुवायां
बाहर भी मंडी शुल्क लागू होने से मंडी को लाभ होगा। किसानों को मंडी के बाहर फसल बिक्री के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। इसके अलावा मंडी में कारोबार होने से व्यापारियों को भी लाभ होगा। सरकार का निर्णय सही है। किसानों को भी लाभ होगा।
माया देवी, आढ़ती मंडी पुवायां
सरकार ने जो निर्णय लिया है वह ठीक है। मंडी के बाहर खरीद पर शुल्क होना बेहतर है, लेकिन मंडी के अंदर कारोबार करने वाले आढ़तियों को छूट दी जानी चाहिए। किसानों को बहुत लाभ होगा ।
महेश पाल सिंह, आढ़ती मंडी पुवायां
पुराने नियम लागू हो गए हैं। जल्द ही सूचना प्रकाशित कर सबको सूचित किया जाएगा कि जिन लोगों के लाइसेंस आदि नहीं हैं, वह जल्द ही बनवा लें। पुराने लाइसेंसधारक नवीनीकरण करा लें। बिना लाइसेंस कहीं भी खरीद नहीं हो सकेगी।
सुमन भारती, सचिव मंडी परिषद पुवाया