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Shahjahanpur News: संकरे इलाकों के लिए मात्र दो बाइकें, आग बुझाने के नहीं पर्याप्त इंतजाम
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दमकल यूनिट में खड़ी आग बुझाने के लिए प्रयोग होने वाली बाइक। संवाद
शाहजहांपुर। पूर्वी दिल्ली के विवेक विहार में चार मंजिला रिहायशी इमारत में एयर कंडीशन में विस्फोट जैसी घटना से बचाव के लिए यहां पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। शहर की संकरी गलियों में पहुंचने के लिए दमकल यूनिट के पास मात्र दो बाइकें हैं। इसके अलावा चार पहिया दो वाहन हैं। ग्रामीण इलाकों में बड़ी गाड़ियों से ही काम चलाया जा रहा है।
स्मार्ट सिटी बनने के बाद भी सड़कों व गलियों से अतिक्रमण नहीं हटाए जाने के कारण आग लगने पर दुश्वारी आती है। घनी आबादी वाले इलाकों में आग लगने पर गाड़ी पहुंचना मुश्किल होता है। दमकल यूनिट के पास संकरी इलाकों में जाने के लिए मात्र दो ही बाइकें हैं, जो शहर की आबादी के हिसाब से पर्याप्त नहीं हैं।
आग लगने पर संकरे इलाकों में बड़ी गाड़ियां पहुंचना मुश्किल हो जाता है। इसके अलावा चार पहिया वाहनों में एक एफक्यूआरवी और एक योद्धा वाहन है। आग लगने पर बाइकें तो पहुंच जाती हैं, लेकिन ये चार पहिया वाहनों का संकरी इलाकों में पहुंचना संभव नहीं होता।
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एफएसओ डॉ.बीएन पटेल ने बताया कि बाइकों से गली-कूंचों में आग बुझाई जाती है। इसमें 20 से 25 मिनट तक पानी का इंतजाम रहता है। छोटी चार पहिया वाहनों से भी हाईप्रेशर में पतली फुहारों से पानी पड़ने आग पर काबू पाया जाता है। शहरी क्षेत्र में सिलिंडर में आग लगने पर बाइकों का ही अधिकतम प्रयोग करते हैं।
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यह हैं संकरे इलाके
सदर बाजार में चूड़ी वाली गली, आर्य महिला काॅलेज वाली गली, किसानों वाली गली का एरिया, गोविंदगंज बाजार का क्षेत्र, चौक क्षेत्र में गुदड़ी बाजार, मंडी, जलालनगर बजरिया।
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एसी को लेकर यह बरतें सावधानी
-एसी में इनर और आउटर धूल को साफ करते रहे।
-एयरकंडीशन के हिसाब से ही स्टेब्लाइजर का प्रयोग करें।
-एक्जॉस्ट फैन को ठंडा रखने का इंतजाम करें। जूट की बोरी डालकर उसके ऊपर एक बोतल पानी डाल दें।
-साल में कम से कम एक बार योग्य तकनीशियन से सर्विसिंग कराएं।
-एसी को कुछ घंटे के अंतराल में बंद जरूर कर दें, जिससे मशीन को आराम मिल सकें।
(जैसा कि विद्युत निगम के एसडीओ मनीष कुमार सिंह ने बताया)
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स्मार्ट सिटी बनने के बाद भी सड़कों व गलियों से अतिक्रमण नहीं हटाए जाने के कारण आग लगने पर दुश्वारी आती है। घनी आबादी वाले इलाकों में आग लगने पर गाड़ी पहुंचना मुश्किल होता है। दमकल यूनिट के पास संकरी इलाकों में जाने के लिए मात्र दो ही बाइकें हैं, जो शहर की आबादी के हिसाब से पर्याप्त नहीं हैं।
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आग लगने पर संकरे इलाकों में बड़ी गाड़ियां पहुंचना मुश्किल हो जाता है। इसके अलावा चार पहिया वाहनों में एक एफक्यूआरवी और एक योद्धा वाहन है। आग लगने पर बाइकें तो पहुंच जाती हैं, लेकिन ये चार पहिया वाहनों का संकरी इलाकों में पहुंचना संभव नहीं होता।
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एफएसओ डॉ.बीएन पटेल ने बताया कि बाइकों से गली-कूंचों में आग बुझाई जाती है। इसमें 20 से 25 मिनट तक पानी का इंतजाम रहता है। छोटी चार पहिया वाहनों से भी हाईप्रेशर में पतली फुहारों से पानी पड़ने आग पर काबू पाया जाता है। शहरी क्षेत्र में सिलिंडर में आग लगने पर बाइकों का ही अधिकतम प्रयोग करते हैं।
यह हैं संकरे इलाके
सदर बाजार में चूड़ी वाली गली, आर्य महिला काॅलेज वाली गली, किसानों वाली गली का एरिया, गोविंदगंज बाजार का क्षेत्र, चौक क्षेत्र में गुदड़ी बाजार, मंडी, जलालनगर बजरिया।
एसी को लेकर यह बरतें सावधानी
-एसी में इनर और आउटर धूल को साफ करते रहे।
-एयरकंडीशन के हिसाब से ही स्टेब्लाइजर का प्रयोग करें।
-एक्जॉस्ट फैन को ठंडा रखने का इंतजाम करें। जूट की बोरी डालकर उसके ऊपर एक बोतल पानी डाल दें।
-साल में कम से कम एक बार योग्य तकनीशियन से सर्विसिंग कराएं।
-एसी को कुछ घंटे के अंतराल में बंद जरूर कर दें, जिससे मशीन को आराम मिल सकें।
(जैसा कि विद्युत निगम के एसडीओ मनीष कुमार सिंह ने बताया)