सिंधी समाज के आराध्य भगवान झूले लाल की जयंती परंपरागत ढंग से धूमधाम से मनाई गई। इस अवसर पर शोभायात्रा निकालकर श्रद्धालुओं ने बैंडबाजे की धुन पर डांडिया किया और भजन-कीर्तन कर भंडारा छका। कार्यक्रम का समापन भगवान झूले लाल की अखंड ज्योति को गर्रा नदी में विसर्जित कर किया गया। सिंधी समाज ने भगवान झूले लाल की जयंती पर फ्रैंड्स कालोनी स्थित जगदीश चंद्र कालानी के आवास से शोभायात्रा शुरू की। बैंडबाजे के साथ निकाली गई शोभायात्रा में भगवान झूले लाल की झांकी के साथ रथों पर मां दुर्गा, राधा-कृष्ण और शिव-पार्वती की आकर्षक झांकी शामिल की गई। सबसे आगे रथ पर भगवान झूलेलाल की अखंड ज्योति चल रही थी। श्रद्धालु नाचते-गाते और अपने आराध्य की जय-जयकार करते चल रहे थे। शोभायात्रा का समापन खत्री धर्मशाला घूरनतलैया में हुआ। यहां भजन-कीर्तन के बाद सभी ने भंडारा छका और अंत में अखंड ज्योति को गर्रा नदी में विसर्जित किया। आयोजन में समिति के अध्यक्ष प्रकाश चंद्र कालानी, महामंत्री बालकिशन रोहरा, टेकचंद्र जवरानी, तुलसीराम रोहरा, विजय कालानी, महेश वाधवानी, प्रकाश माखीजा, धर्मेंद्र रोहरा, विनोद कालानी, भारती कलानी, विजय जावरानी, घासीराम रोहरा, लखीम चंद्र, संजीव रोहरा आदि का योगदान रहा।