Shahjahanpur News: डायलिसिस यूनिट में बवाल का मामला, महापौर के सामने फफक पड़ी पीड़ित छात्रा, रिपोर्ट दर्ज
शाहजहांपुर के राजकीय मेडिकल कॉलेज की डायलिसिस इकाई में हुए बवाल के तीसरे दिन पुलिस ने पैरामेडिकल छात्रा अलका की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज की है। इसमें दो नामजद और 15 से 20 अज्ञात लोग शामिल हैं।
विस्तार
शाहजहांपुर के राजकीय मेडिकल कॉलेज की डायलिसिस यूनिट में हुए बवाल के तीसरे दिन पुलिस ने पैरामेडिकल छात्रा अलका की ओर से रिपोर्ट दर्ज कर ली है। इसमें दो नामजद व 15 से 20 अज्ञात लोगों को शामिल किया है। इससे पहले दोपहर में छात्राओं ने महापौर अर्चना वर्मा से मुलाकात कर न्याय की गुहार लगाई थी। पैरामेडिकल की छात्रा अल्का ने बहन अनुष्का के साथ रविवार को महापौर से मुलाकात की। पीड़ित छात्रा उनके गले लगकर फफक पड़ी और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
अलका ने बताया कि विपक्षी लगातार समझौते का दबाव बना रहा है। महापौर ने छात्रा को ढाढ़स बंधाते हुए अधिकारियों से वार्ता कर निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया। इधर, देर शाम छात्रा की तहरीर पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली। इसमें बताया कि शुक्रवार को डायलिसिस यूनिट में ड्यूटी के दौरान मदनापुर थाना क्षेत्र के महियाबाद गांव निवासी विजय प्रताप की 19 वर्षीय बेटी लता सिंह आई थी। लता क्रोनिक किडनी डिजीज (सीकेडी) से पीड़ित हैं।
छात्रा ने लगाए ये आरोप
मरीज को उसके पिता विजय प्रताप सिंह, भाई अभय प्रताप सिंह ने भर्ती कराया था। मरीज के परिजनों ने वीडियो बनाने का आरोप लगाते हुए गालियां दीं और मारपीट शुरू कर दी। फिर ओपीडी में जाने के दौरान मरीज के भाई व पिता ने बाल पकड़कर पीटा और गाड़ी में डालने का प्रयास करते हुए धमकी दी। इस बीच चार गाड़ियों में भरकर आए लोगों ने यूनिट में घुसकर तोड़फोड़ की। अभद्रता करते हुए बाल पकड़कर घसीटते हुए पीटा।
मारपीट के दौरान छात्रा बेबी गुप्ता की गर्दन, छात्र रिंकू की आंख और सूरज के हाथ पर चोटें आईं। बहन अनुष्का वर्मा को भी खींचकर पीटा गया। आरोपी उसका मोबाइल भी छीन ले गए। एसपी सौरभ दीक्षित ने बताया कि छात्रा की तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। इस पूरे प्रकरण की गहनता से जांच कराई जा रही है।
दूसरे पक्ष की तहरीर पर चल रही जांच
लता सिंह का वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया है, जिस पर उन्होंने अपना पक्ष रखा है। उनका आरोप है कि एक नंबर बेड पर डायलिसिस होती है। फिर भी उसे चार नंबर बेड पर लेटने को कह दिया। कुछ देर के बाद उसे झटके आने लगे और सांस में दिक्कत होने लगी। इस बीच छात्राओं ने उससे अभद्रता की। लता सिंह पक्ष की ओर से भी तहरीर दी गई है। पुलिस ने मामले की जांच की तो छात्रा का मोबाइल फोन छीनने और गाड़ी में खींचकर डालने के प्रयास की बात गलत बताई जा रही।
महापौर अर्चना वर्मा ने बताया कि दोनों पीड़ित छात्राएं मदद मांगने आई थीं। भाजपा प्रदेश सरकार महिलाओं और छात्राओं के सुरक्षा के लिए संवेदनशील है। इस मामले में डीएम और एसपी से बात की है।