{"_id":"65ce8f1fc5584e9ec80861f4","slug":"in-nahil-shops-were-built-by-occupying-forest-and-bush-land-worth-crores-of-rupees-shahjahanpur-news-c-122-1-sbly1038-113449-2024-02-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shahjahanpur News: नाहिल में जंगल-झाड़ी की करोड़ोें की भूमि पर कब्जा कर बना लीं दुकानें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shahjahanpur News: नाहिल में जंगल-झाड़ी की करोड़ोें की भूमि पर कब्जा कर बना लीं दुकानें
विज्ञापन
- नवंबर में हुई जांच के बाद भी कार्रवाई नहीं कर रहे अधिकारी
संवाद न्यूज एजेंसी
पुवायां। गांव नाहिल में जंगल व झाड़ी में दर्ज सरकारी भूमि पर कब्जा कर दुकानें बना ली गईं। नवंबर 2023 में जांच में मामला सही पाए जाने के बाद भी अधिकारी कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। खास बात यह है कि गड़बड़ी पाए जाने के बाद भी निर्माण कार्य लगातार जारी है। शिकायतकर्ता ने अवैध निर्माण गिराने की मांग की है।
गांव नाहिल निवासी नवनीत मिश्रा ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत की थी कि गांव नाहिल में जंगल-झाड़ी की भूमि अभिलेखों में दर्ज है। सरकारी भूमि रोड किनारे होने के कारण बेशकीमती है। इस पर कब्जा करके दुकानें बना ली गईं हैं। कुछ लोग भूखंड भी बेच रहे हैं। कई वर्ष से कब्जा होने के बावजूद प्रशासन ने कार्रवाई की जरूरत नहीं समझी है। सरकारी भूमि पर 70 से अधिक दुकानेंं बन गईं। नवनीत ने जांच कर अवैध कब्जे हटवाने की मांग की थी।
मामले की जांच में लेखपाल ने रिपोर्ट दी थी कि जंगल-झाड़ी की जमीन पर अवैध निर्माण किया गया है। लेखपाल ने भूमि पर काबिज लोगों और पट्टा, बैनामा आदि निरस्तीकरण के लिए अलग से रिपोर्ट भेजने की बात भी कही थी। लेखपाल, कानूनगो की रिपोर्ट के आधार पर नायब तहसीलदार ने आख्या एसडीएम को दी थी। एसडीएम ने 10 नवंबर 2023 को रिपोर्ट प्रभारी अधिकारी परिवाद (एडीएम न्यायिक) को भेजी थी।
विज्ञापन
इसके बाद भी अब तक अवैध कब्जे हटवाना तो दूर निरस्तीकरण की रिपोर्ट तक प्रशासन को नहीं भेजी गई है। करोड़ों की संपत्ति पर अवैध कब्जे के मामले में कई अधिकारियों, कर्मचारियों के भी फंसने की आशंका के चलते मामले को दबाने का प्रयास किया जा रहा है।
-- -- -- -
अवैध कब्जा करने वालों पर क्यों नहीं दर्ज कराई जा रही रिपोर्ट
जंगल-झाड़ी की करोड़ों की भूमि पर अवैध कब्जे का मामला उठाने वाले नवनीत कुमार का कहना है कि चकमार्ग तक पर अवैध कब्जा होने पर रिपोर्ट दर्ज करा दी जाती है, तो करोड़ों की सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे के मामले में रिपोर्ट क्यों नहीं कराई जा रही है। प्रशासन बेदखली के लिए कोर्ट जाने की बात कह रहा है, ऐसे में तमाम वर्षों तक मामला विचाराधीन रहेगा और अवैध कब्जे नहीं हट सकेंगे। इससे पूर्व में जंगल-झाड़ी की भूमि पर पट्टा आदि करने वाले कर्मचारी भी बचाए जा सकेंगे। कार्रवाई नहीं होने पर वह हाईकोर्ट जाएंगे।
-- -- -- -
राजस्व टीम गठित कर जांच और पैमाइश कराई जाएगी। जांच में जो भी निर्माण अवैध पाया जाएगा, उस पर नियमानुसार बेदखली की कार्रवाई कराई जाएगी। - संजय पांडे, एसडीएम पुवायां
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
पुवायां। गांव नाहिल में जंगल व झाड़ी में दर्ज सरकारी भूमि पर कब्जा कर दुकानें बना ली गईं। नवंबर 2023 में जांच में मामला सही पाए जाने के बाद भी अधिकारी कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। खास बात यह है कि गड़बड़ी पाए जाने के बाद भी निर्माण कार्य लगातार जारी है। शिकायतकर्ता ने अवैध निर्माण गिराने की मांग की है।
गांव नाहिल निवासी नवनीत मिश्रा ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत की थी कि गांव नाहिल में जंगल-झाड़ी की भूमि अभिलेखों में दर्ज है। सरकारी भूमि रोड किनारे होने के कारण बेशकीमती है। इस पर कब्जा करके दुकानें बना ली गईं हैं। कुछ लोग भूखंड भी बेच रहे हैं। कई वर्ष से कब्जा होने के बावजूद प्रशासन ने कार्रवाई की जरूरत नहीं समझी है। सरकारी भूमि पर 70 से अधिक दुकानेंं बन गईं। नवनीत ने जांच कर अवैध कब्जे हटवाने की मांग की थी।
विज्ञापन
मामले की जांच में लेखपाल ने रिपोर्ट दी थी कि जंगल-झाड़ी की जमीन पर अवैध निर्माण किया गया है। लेखपाल ने भूमि पर काबिज लोगों और पट्टा, बैनामा आदि निरस्तीकरण के लिए अलग से रिपोर्ट भेजने की बात भी कही थी। लेखपाल, कानूनगो की रिपोर्ट के आधार पर नायब तहसीलदार ने आख्या एसडीएम को दी थी। एसडीएम ने 10 नवंबर 2023 को रिपोर्ट प्रभारी अधिकारी परिवाद (एडीएम न्यायिक) को भेजी थी।
विज्ञापन
इसके बाद भी अब तक अवैध कब्जे हटवाना तो दूर निरस्तीकरण की रिपोर्ट तक प्रशासन को नहीं भेजी गई है। करोड़ों की संपत्ति पर अवैध कब्जे के मामले में कई अधिकारियों, कर्मचारियों के भी फंसने की आशंका के चलते मामले को दबाने का प्रयास किया जा रहा है।
अवैध कब्जा करने वालों पर क्यों नहीं दर्ज कराई जा रही रिपोर्ट
जंगल-झाड़ी की करोड़ों की भूमि पर अवैध कब्जे का मामला उठाने वाले नवनीत कुमार का कहना है कि चकमार्ग तक पर अवैध कब्जा होने पर रिपोर्ट दर्ज करा दी जाती है, तो करोड़ों की सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे के मामले में रिपोर्ट क्यों नहीं कराई जा रही है। प्रशासन बेदखली के लिए कोर्ट जाने की बात कह रहा है, ऐसे में तमाम वर्षों तक मामला विचाराधीन रहेगा और अवैध कब्जे नहीं हट सकेंगे। इससे पूर्व में जंगल-झाड़ी की भूमि पर पट्टा आदि करने वाले कर्मचारी भी बचाए जा सकेंगे। कार्रवाई नहीं होने पर वह हाईकोर्ट जाएंगे।
राजस्व टीम गठित कर जांच और पैमाइश कराई जाएगी। जांच में जो भी निर्माण अवैध पाया जाएगा, उस पर नियमानुसार बेदखली की कार्रवाई कराई जाएगी। - संजय पांडे, एसडीएम पुवायां

मृतक रामनाथ का फाइल फोटो। स्रोत : परिजन

मृतक रामनाथ का फाइल फोटो। स्रोत : परिजन

मृतक रामनाथ का फाइल फोटो। स्रोत : परिजन