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Shahjahanpur News: मिर्जापुर में बंदरों से बचने के लिए भागा मासूम, पिकअप से टकराकर मौत
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मिर्जापुर में आर्यन की मौत के बाद रोती-बिलखतीं उसकी मां और दादी। संवाद
मिर्जापुर (शाहजहांपुर)। मुरादाबाद-फर्रुखाबाद स्टेट हाईवे पर मंगलवार सुबह छह बजे बंदरों के झुंड से बचने के लिए अचानक सड़क पर आए आर्यन शर्मा (नौ) की तेज रफ्तार पिकअप वाहन से टकराकर मौत हो गई। टक्कर इतनी तेज थी कि बालक पिकअप के साथ 20 फुट घिसटता चला गया। सिर से पहिया निकलने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। पूरी घटना पास की एक बाइक एजेंसी के बाहर लगे सीसी कैमरे में रिकाॅर्ड हो गई है।
कस्बा निवासी सोनू शर्मा की मुरादाबाद-फर्रुखाबाद स्टेट हाईवे किनारे टायर पंक्चर जोड़ने की दुकान है। हाईवे के दूसरी ओर उन्होंने एक दुकान किराये पर ले रखी है। मंगलवार को साेनू का बेटा आर्यन अपनी दादी निर्मला के साथ दुकान खोलने गया था। दादी सड़क पार कर दूसरी ओर चली गईं।
इसी दौरान हाईवे किनारे पाकड़ के पेड़ पर चढ़े बंदर आपस में लड़ने लगे। उनका शोर-शराबा सुनकर घबराया आर्यन दौड़कर सड़क पार करने की कोशिश करने लगा। जरियनपुर की ओर से आती पिकअप की रफ्तार का उसको अंदाजा नहीं लगा और उसकी चपेट में आ गया। अपनी आंखों के सामने पोते के साथ हादसा होते देख घबराई निर्मला ने शोर मचाया तो लोग जुट गए।
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सोनू, घायल आर्यन को गोद में लेकर निजी चिकित्सक के पास पहुंचे लेकिन उसने परीक्षण कर मृत घोषित कर दिया। सीओ दीपक सिंह ने बताया कि पुलिस ने सीसी कैमरे के फुटेज देखे हैं। पिकअप का पता लगाया जा रहा है। तहरीर मिलने पर मामला दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
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मिर्जापुर में बाहर से लाकर छोड़ दिए गए बंदरों ने बढ़ाई दहशत
मिर्जापुर। कस्बे से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक बंदरों का आतंक लोगों के लिए जानलेवा बनता जा रहा है। प्रशासन की जानकारी में आया है कि कुछ दिन पहले दो-तीन गाड़ियों में भरकर बंदरों को यहां लाकर छोड़ा गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में बंदरों को पकड़ने की कोई व्यवस्था नहीं होने से लोगों में नाराजगी बढ़ रही है।
एसडीएम कलान आशुतोष कुमार सिंह ने बताया कि उन्हें जानकारी मिली है कि दो-तीन गाड़ियों से बंदरों को लाकर मिर्जापुर कस्बे में छोड़ा गया है। मामले की जानकारी कराई जा रही है। वहीं, बंदरों से बचने के दौरान कक्षा दो के छात्र आर्यन की मौत होने से परिवार में कोहराम मचा है।
पोस्टमॉर्टम के बाद शव घर पहुंचते ही परिजनों का रो-रोकर हाल बेहाल हो गया। परिजनों के अनुसार आर्यन श्री बाबा विश्वनाथ इंटर कॉलेज में पढ़ता था और पिता सोनू का हाथ भी बंटाता था। मां सुमन देवी का रो-रोकर हाल बेहाल हो गया है। काफी देर तक तो उन्हें यह बताया ही नहीं गया कि बेटे की मौत हो गई है। सिर्फ घायल होने का दिलासा दिया जाता रहा।
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बंदरों के कारण हुए प्रमुख हादसे
- 05 मई 2026 : कलान के बिचौला गांव निवासी सेवानिवृत्त सैनिक अरविंद यादव की बंदरों के दौड़ाने पर छत से गिरने के बाद मौत।
- 02 जनवरी 2026 : कांट के रावतपुर गांव निवासी अनीस अहमद की बंदरों के हमले में छत से गिरकर मौत।
- 04 नवंबर 2025 : रोजा के देवरास गांव में बंदरों की उछलकूद से छज्जा गिरने पर चार वर्षीय कार्तिक की मलबे में दबकर मौत।
- 22 सितंबर 2025 : कांट के औधापुर निवासी 50 वर्षीय आसाराम की बंदरों के हमले में छज्जे से गिरने पर मौत।
- 14 मई 2025 : निगोही रेलवे कॉलोनी निवासी 45 वर्षीय गुल्ले की बंदरों के हमले में छत से गिरकर मौत।
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कस्बा निवासी सोनू शर्मा की मुरादाबाद-फर्रुखाबाद स्टेट हाईवे किनारे टायर पंक्चर जोड़ने की दुकान है। हाईवे के दूसरी ओर उन्होंने एक दुकान किराये पर ले रखी है। मंगलवार को साेनू का बेटा आर्यन अपनी दादी निर्मला के साथ दुकान खोलने गया था। दादी सड़क पार कर दूसरी ओर चली गईं।
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इसी दौरान हाईवे किनारे पाकड़ के पेड़ पर चढ़े बंदर आपस में लड़ने लगे। उनका शोर-शराबा सुनकर घबराया आर्यन दौड़कर सड़क पार करने की कोशिश करने लगा। जरियनपुर की ओर से आती पिकअप की रफ्तार का उसको अंदाजा नहीं लगा और उसकी चपेट में आ गया। अपनी आंखों के सामने पोते के साथ हादसा होते देख घबराई निर्मला ने शोर मचाया तो लोग जुट गए।
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सोनू, घायल आर्यन को गोद में लेकर निजी चिकित्सक के पास पहुंचे लेकिन उसने परीक्षण कर मृत घोषित कर दिया। सीओ दीपक सिंह ने बताया कि पुलिस ने सीसी कैमरे के फुटेज देखे हैं। पिकअप का पता लगाया जा रहा है। तहरीर मिलने पर मामला दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
मिर्जापुर में बाहर से लाकर छोड़ दिए गए बंदरों ने बढ़ाई दहशत
मिर्जापुर। कस्बे से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक बंदरों का आतंक लोगों के लिए जानलेवा बनता जा रहा है। प्रशासन की जानकारी में आया है कि कुछ दिन पहले दो-तीन गाड़ियों में भरकर बंदरों को यहां लाकर छोड़ा गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में बंदरों को पकड़ने की कोई व्यवस्था नहीं होने से लोगों में नाराजगी बढ़ रही है।
एसडीएम कलान आशुतोष कुमार सिंह ने बताया कि उन्हें जानकारी मिली है कि दो-तीन गाड़ियों से बंदरों को लाकर मिर्जापुर कस्बे में छोड़ा गया है। मामले की जानकारी कराई जा रही है। वहीं, बंदरों से बचने के दौरान कक्षा दो के छात्र आर्यन की मौत होने से परिवार में कोहराम मचा है।
पोस्टमॉर्टम के बाद शव घर पहुंचते ही परिजनों का रो-रोकर हाल बेहाल हो गया। परिजनों के अनुसार आर्यन श्री बाबा विश्वनाथ इंटर कॉलेज में पढ़ता था और पिता सोनू का हाथ भी बंटाता था। मां सुमन देवी का रो-रोकर हाल बेहाल हो गया है। काफी देर तक तो उन्हें यह बताया ही नहीं गया कि बेटे की मौत हो गई है। सिर्फ घायल होने का दिलासा दिया जाता रहा।
बंदरों के कारण हुए प्रमुख हादसे
- 05 मई 2026 : कलान के बिचौला गांव निवासी सेवानिवृत्त सैनिक अरविंद यादव की बंदरों के दौड़ाने पर छत से गिरने के बाद मौत।
- 02 जनवरी 2026 : कांट के रावतपुर गांव निवासी अनीस अहमद की बंदरों के हमले में छत से गिरकर मौत।
- 04 नवंबर 2025 : रोजा के देवरास गांव में बंदरों की उछलकूद से छज्जा गिरने पर चार वर्षीय कार्तिक की मलबे में दबकर मौत।
- 22 सितंबर 2025 : कांट के औधापुर निवासी 50 वर्षीय आसाराम की बंदरों के हमले में छज्जे से गिरने पर मौत।
- 14 मई 2025 : निगोही रेलवे कॉलोनी निवासी 45 वर्षीय गुल्ले की बंदरों के हमले में छत से गिरकर मौत।

मिर्जापुर में आर्यन की मौत के बाद रोती-बिलखतीं उसकी मां और दादी। संवाद