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Shahjahanpur News: आत्महत्या के लिए उकसाने में दोषी पति को पांच वर्ष के कारावास की सजा
Tue, 10 Dec 2024 01:16 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
Updated Tue, 10 Dec 2024 01:16 AM IST
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शाहजहांपुर। चतुर्थ अपर सत्र न्यायाधीश नेहा आनंद ने दहेज हत्या के मुकदमे को आत्महत्या के लिए प्रेरित करने का मामला मानते हुए दोषी पति को पांच वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। उस पर 30 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। इसी मुकदमे में ससुर को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया गया।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, फर्रुखाबाद के मोहल्ला सूफी खां निवासी नरेश वर्मा ने अपनी बेटी सोनम की शादी जलालाबाद के गांव खंडहर के रहने वाले आलोक वर्मा उर्फ पप्पू से की थी। नरेश वर्मा के अनुसार बेटी के ससुराल वाले दहेज से संतुष्ट नहीं थे। वे लोग आए दिन दहेज की मांग करते थे। आलोक बेटी को जान से मारने की धमकी देता था। 27 जून 2018 को खबर मिलने पर वह ससुराल पहुंचा तो बेटी फंदे से लटकी मिली। वादी की तहरीर के आधार पर आलोक वर्मा और ससुर रामवीर के खिलाफ पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली। अदालत में मुकदमा चलने के दौरान गवाहों के बयानात और साक्ष्यों के आधार पर आलोक को दोषी पाया गया। उसे पांच वर्ष के कारावास की सजा सुनाई गई। साक्ष्य के अभाव में रामवीर को बरी कर दिया गया।
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अभियोजन पक्ष के अनुसार, फर्रुखाबाद के मोहल्ला सूफी खां निवासी नरेश वर्मा ने अपनी बेटी सोनम की शादी जलालाबाद के गांव खंडहर के रहने वाले आलोक वर्मा उर्फ पप्पू से की थी। नरेश वर्मा के अनुसार बेटी के ससुराल वाले दहेज से संतुष्ट नहीं थे। वे लोग आए दिन दहेज की मांग करते थे। आलोक बेटी को जान से मारने की धमकी देता था। 27 जून 2018 को खबर मिलने पर वह ससुराल पहुंचा तो बेटी फंदे से लटकी मिली। वादी की तहरीर के आधार पर आलोक वर्मा और ससुर रामवीर के खिलाफ पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली। अदालत में मुकदमा चलने के दौरान गवाहों के बयानात और साक्ष्यों के आधार पर आलोक को दोषी पाया गया। उसे पांच वर्ष के कारावास की सजा सुनाई गई। साक्ष्य के अभाव में रामवीर को बरी कर दिया गया।
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