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Shahjahanpur News: दीपावली के लिए स्वास्थ्य विभाग अलर्ट...बर्न वार्ड में बेड आरक्षित
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महिला बर्न वार्ड। संवाद
शाहजहांपुर। दिवाली पर पटाखों से झुलसने व अन्य घटनाओं के मद्देनजर स्वास्थ्य विभाग सक्रिय हो गया है। विभाग ने अलर्ट जारी करते हुए डॉक्टरों की ड्यूटी लगा दी है। राजकीय मेडिकल कॉलेज में महिला और पुरुष बर्न वार्ड में छह-छह बेड आरक्षित किए गए हैं।
राजकीय मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डाॅ. राजेश कुमार ने बताया कि ट्रामा सेंटर में 24 घंटे डॉक्टरों व कर्मचारियों की ड्यूटी रहेगी। ड्यूटी तीन शिफ्टों में लगाई गई है। अगर कोई मरीज आता है तो उसे किसी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं होने दी जाएगी। प्राचार्य ने बताया कि पटाखों में कई ज्वलनशील रसायन होते हैं। इन रसायनों के जलने पर तेज आवाज व ध्वनि के साथ बहुत ज्यादा धुआं भी निकलता है जो नुकसानदायक होता है। जरूरी है कि ग्रीन पटाखे ही छुड़ाएं।
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इन बातों का रखें ध्यान
- पटाखे जलाते समय ढीले या सिंथेटिक कपड़े न पहनें, सूती कपड़ों का प्रयोग करें।
- आस-पास ज्वलनशील पदार्थ न रखें, पास में पानी से भरी बाल्टी रखें।
- आतिशबाजी से आंख में जलन होने पर ठंडे पानी से धोएं और तुरंत डाॅक्टर की सलाह लें।
- घायल व हल्के जले हिस्से पर राख मिट्टी या पाउडर, ग्रीस तथा अन्य पदार्थों को न लगाएं।
- अधजले या न जले पटाखे को पुन: जलाने, उठाने, हटाने का प्रयास बिल्कुल न करें।
- छोटे बच्चों को अकेले पटाखे न छुड़ाने दें, उनके संग अभिभावक जरूर रहें।
- अधिक तेज आवाज के पटाखे न छुड़ाएं, इससे सुनने की शक्ति कम हो सकती है
(जैसा कि डॉक्टर राजेश कुमार ने बताया)
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राजकीय मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डाॅ. राजेश कुमार ने बताया कि ट्रामा सेंटर में 24 घंटे डॉक्टरों व कर्मचारियों की ड्यूटी रहेगी। ड्यूटी तीन शिफ्टों में लगाई गई है। अगर कोई मरीज आता है तो उसे किसी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं होने दी जाएगी। प्राचार्य ने बताया कि पटाखों में कई ज्वलनशील रसायन होते हैं। इन रसायनों के जलने पर तेज आवाज व ध्वनि के साथ बहुत ज्यादा धुआं भी निकलता है जो नुकसानदायक होता है। जरूरी है कि ग्रीन पटाखे ही छुड़ाएं।
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इन बातों का रखें ध्यान
- पटाखे जलाते समय ढीले या सिंथेटिक कपड़े न पहनें, सूती कपड़ों का प्रयोग करें।
- आस-पास ज्वलनशील पदार्थ न रखें, पास में पानी से भरी बाल्टी रखें।
- आतिशबाजी से आंख में जलन होने पर ठंडे पानी से धोएं और तुरंत डाॅक्टर की सलाह लें।
- घायल व हल्के जले हिस्से पर राख मिट्टी या पाउडर, ग्रीस तथा अन्य पदार्थों को न लगाएं।
- अधजले या न जले पटाखे को पुन: जलाने, उठाने, हटाने का प्रयास बिल्कुल न करें।
- छोटे बच्चों को अकेले पटाखे न छुड़ाने दें, उनके संग अभिभावक जरूर रहें।
- अधिक तेज आवाज के पटाखे न छुड़ाएं, इससे सुनने की शक्ति कम हो सकती है
(जैसा कि डॉक्टर राजेश कुमार ने बताया)

महिला बर्न वार्ड। संवाद
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