फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shahjahanpur News ›   Hand pump rebar scam in Banda...no action taken even after six months

Shahjahanpur News: बंडा में हैंडपंप रीबोर घोटाला...छह माह बाद भी नहीं कार्रवाई

Thu, 22 Feb 2024 01:51 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर Updated Thu, 22 Feb 2024 01:51 AM IST
विज्ञापन
Hand pump rebar scam in Banda...no action taken even after six months
पुवायां। बंडा में हैंडपंप रीबोर घोटाला सामने आने के छह माह बाद भी अब तक कार्रवाई नहीं हुई है।जबकि, अगस्त, 2023 में टीम ने जांच रिपोर्ट डीडीओ को सौंप दी थी। हालांकि, सीडीओ ने संबंधित प्रधानों और सचिवों से वसूली के निर्देश देने की बात कही है।
विज्ञापन

मई 2023 में शिकायत के बाद डीडीओ ने अतिरिक्त मजिस्ट्रेट दुर्गेश यादव, जिला पंचायत की वित्त एवं लेखाधिकारी विभा यादव और निर्माण खंड के अधिशासी अभियंता सुनील कुमार यादव की टीम गठित कर जांच के आदेश दिए थे। जांच टीम ने 28 अगस्त को दी गई आख्या में डीडीओ को अवगत कराया था कि खंड विकास अधिकारी के कार्यालय की ओर से 64 रीबोर हैंडपंपोंं ही सूची उपलब्ध कराई गई। जबकि, पोर्टल पर अधिक हैंडपंपों के रीबोर का भुगतान पाया गया।
विज्ञापन

ग्रामसभा नभीची में दो हैंडपंप रीबोर की सूची दी। जबकि, पोर्टल पर 21 हैंडपंपों का भुगतान होना पाया गया। गांव आलमपुर पिपरिया, विरहना, रनमस्तपुर बुजुर्ग, लालपुर आजादपुर, बरीबरा, बालेमऊ, ररूआ, मुड़िगवां, चित्तरपुर नवदिया आदि के अभिलेख जांच टीम को नहीं दिए।
विज्ञापन
विज्ञापन

जांच में पाया गया था कि संबंधित फर्मों को भुगतान 12 से 18 प्रतिशत जीएसटी जोड़कर किया गया। फर्म ने जीएसटी जमा की या नहीं, इसकी पुष्टि नहीं हो सकी। जांच में यह भी पता नहीं लग सका कि हैंडपंप रीबोर योग्य थे भी या नहीं। हैंडपंपों को खोलने पर पाया गया कि माप पुस्तिका पर दर्शायी गई गहरायी अधिक है। स्थलीय जांच में बोरिंग की गहराई कम मिली।
नए पाइप का भुगतान लिया गया, लेकिन हैंडपंप में पुराने पाइप लगे मिले। हैंडपंपों का प्लेटफार्म भी सही नहीं मिला। 75 हैंडपंपों की जांच में पाया गया था कि 27 हैंडपंप रीबोर नहीं किए गए। जांच रिपोर्ट आने के बाद मामला ठंडे बस्ते में चला गया। अभी तक संबंधित प्रधानों और ग्राम विकास अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं की गई।
-------
फर्म को दोषी नहीं मानते अधिकारी
जिस फर्म को रीबोर का काम दिया जाता है, वहीं फर्म भुगतान प्राप्त करती है। अभी तक पुवायां, खुटार और बंडा में हैंडपंपों की जांच में केवल प्रधान, जेई और ग्राम विकास अधिकारियों को ही दोषी माना गया है। कुछ जगहों पर रिकवरी के नोटिस जारी किए गए। बड़ा सवाल है कि भुगतान लेने वाली फर्म पर कार्रवाई क्यों नहीं की जाती। जबकि, जांच में हैंडपंप रीबोर नहीं मिलने पर फर्म भी फर्जी भुगतान लेने की दोषी है।

------
बंडा में हैंडपंप रीबोर की जांच रिपोर्ट प्राप्त हुई थी, जहां रीबोर हुए बिना ही सरकारी धन ले लिया गया। उनके प्रधानों और ग्राम पंचायत अधिकारियों से रिकवरी के निर्देश दिए गए हैं।
एसबी सिंह, सीडीओ शाहजहांपुर
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed