गंगा में उफान: शाहजहांपुर में फर्रुखाबाद हाईवे पर दो फुट तक बाढ़ का पानी, गर्रा नदी में भी बढ़ा जलस्तर
शाहजहांपुर के मिर्जापुर क्षेत्र में गंगा का जलस्तर बढ़ गया है। यहां नदी उफान पर बह रही है। मंगलवार को बाढ़ का पानी हाईवे के ऊपर से बहने लगा। उधर, गर्रा नदी का जलस्तर भी बढ़ा है, जिससे एक बार फिर लोगों की चिंता बढ़ गई है।
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नरौरा बैराज से भारी मात्रा में हुई पानी की निकासी से गंगा में मंगलवार को लगातार चौथे दिन उफान बना रहा। शाहजहांपुर के मिर्जापुर में चौरा गांव के पास फर्रुखाबाद स्टेट हाईवे पर बाढ़ का पानी आ गया। करीब दो किमी रास्ते पर शाम को दो फीट तक पानी बह रहा था। इसके बावजूद फर्रुखाबाद और चंदोसी होकर मुरादाबाद जाने वाले तमाम भारी वाहन हाईवे से निकलते रहे।
चौरा-बसोला मार्ग पर भी पानी आ जाने से आसपास में बसे भगवानपुर, मस्जिदनगला, चितार, कमतरी, बांसखेड़ा आदि गांव से लोगों का आवागमन ठप हो गया है। बीते 24 घंटे में कलान क्षेत्र के भैंसार बांध पर गंगा का जलस्तर 22 सेमी. बढ़ा है। वहीं, गत चार दिन में गंगा का जलस्तर करीब एक मीटर बढ़ा है।
नरौरा बैराज से गत चार दिन से करीब 1.50 लाख क्यूसेक पानी की निकासी होने से गंगा के जलस्तर में लगातार वृद्धि हो रही है। बाढ़ नियंत्रण कक्ष को प्राप्त सूचनाओं के अनुसार, मंगलवार सुबह नरौरा से डिस्चार्ज हो रहे पानी की मात्रा 54 हजार 737 क्यूसेक कम हो गई है। चूंकि, अभी वहां से 99 हजार 613 क्यूसेक पानी निकल रहा है। इसलिए पानी की यह मात्रा बदायूं के कछला घाट होकर यहां से गुजरने तक गंगा के जलस्तर में बुधवार तक वृद्धि जारी रहने का अनुमान है। इससे जलालाबाद के चौरा, ढाई आदि गांवों सहित मिर्जापुर के कटरी क्षेत्र में नदी के किनारे बसे गांवों के लोगों को बाढ़ की विपदा परेशान करने लगी है।
गर्रा नदी का जलस्तर भी बढ़ा
बाढ़ नियंत्रण कक्ष के अनुसार, अन्य बैराजों व डैम से पानी की निकासी कम हो जाने से बरेली के चौबारी घाट से लेकर जनपद के जलालाबाद व परौर तक रामगंगा सिमटने लगी है, लेकिन नदियों के जलग्रहण क्षेत्र में सोमवार को हुई बारिश के कारण गर्रा नदी में उफान आ गया। 24 घंटे में गर्रा का जलस्तर 1.10 मीटर बढ़ जाने से सदर तहसील के करीब एक दर्जन गांवों पर बाढ़ से भूमि कटान, फसलें डूबने और वहां रहने वाले परिवारों के विस्थापन का खतरा बढ़ गया है।
रामगंगा का जलस्तर मंगलवार सुबह बरेली के चौबारी घाट पर पांच सेमी कम हो गया। हालांकि, पानी कम होने से परौर क्षेत्र में कई तटीय गांवों के आसपास भूमि कटान फिर तेज हो जाने की आशंका से ग्रामीण परेशान हैं।
गर्रा में पानी बढ़ता देख किसानों की बढ़ी चिंता
सेहरामऊ दक्षिणी इलाके में पिछले दिनों गर्रा नदी में आई बाढ़ से फसलों की तबाही झेल चुके किसानों में दोबारा नदी उफनाने से बेचैनी बढ़ गई। सोमवार की शाम से नदी में फिर पानी बढ़ता देखकर भूमि कटान से बचे किसान अपने खेतों की ओर नजरें गड़ाए हुए हैं।
तहसील सदर क्षेत्र में नदी के किनारे बसे गुर्रा, भमौली, खिरियाहीर, सरौरा, कुतुआपुर, मियांपुर गौंटिया, दिवैयापुर, चांदापुर, रौरा, बांगर, इटौरा, दुधौना, उटहा, देवकली, नागरपाल, परसनिया, भरगवां आदि गांवों के खेतों में लाखों की लागत से उगाई गईं और आवारा पशुओं से रात भर रखवाली करके बचाई गईं गन्ना, उर्द, तिल, धान आदि की सैकड़ों बीघा फसलें बर्बाद हो चुकी हैं। गांव उटहा और मियांपुर गौंटिया में फसलों सहित करीब ढाई सौ बीघा कृषि भूमि कटान होने पर नदी में समा जाने से पीड़ित किसानों के घरों पर सन्नाटा पसरा है।