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Shahjahanpur News: भूलकर सब कुछ सो जाऊं मां का आंचल ओढ़कर...

Mon, 28 Jul 2025 12:44 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Mon, 28 Jul 2025 12:44 AM IST
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Forgetting everything, I want to sleep covering myself with my mother's pallu...
काव्य फुहार कार्यक्रम में काव्यपाठ करते कवि। स्रोत: संगठन
शाहजहांपुर। उत्तर प्रदेश साहित्य सभा की ओर से प्रतापगढ़ से आए वरिष्ठ कवि व साहित्यकार राधे मोहन मिश्र ‘मटियारी’ के सम्मान में ‘काव्य फुहार’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें कवियों ने अपनी रचनाओं से समा बांध दिया।
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एक होटल में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि एडीएम प्रशासन रजनीश कुमार मिश्र, राधे मोहन मिश्रा व कार्यक्रम अध्यक्ष डॉ.रवि मोहन ने मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप जलाकर किया। संस्था अध्यक्ष कवयित्री सरिता बाजपेई ने मां शारदे की वंदना की। प्रतापगढ़ से आए अति विशिष्ट अतिथि कवि राधे मोहन मिश्र ने सुनाया- कैसे बयां करूं मीत अनीत, नई रीत अंगूठा दिखावत आहीं।
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एडीएम प्रशासन ने गजलों व मुक्तकों से सभी का मन मोह लिया। उन्होंने सुनाया-रोज मिलते हैं लेकिन मुलाकात नहीं होती, शब्द खत्म हो जाते हैं फिर भी बात नहीं होती। भूलकर सबकुछ सो जाऊं मां का आंचल ओढ़कर, जाने क्यों फिर से अब वह रात नहीं होती। संयोजक कवि डॉ.इंदु अजनबी, ओजकवि उर्मिलेश सौमित्र, कवि रामबाबू शुक्ला, कवयित्री सुमन पाठक, अरविंद पंडित, राशिद हुसैन राही ने भी कविताएं सुनाईं। भाजपा के जिला महामंत्री नवनीत पाठक, अमित त्यागी, राजीव राजे आदि मौजूद रहे। आभार उमेश पांडेय ने जताया।
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चिरागे राह जो बनकर रहे तो बात भी है...
शाहजहांपुर। मदरसा नुरुल हुदा बिजलीपुरा में भारत रत्न पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की पुण्यतिथि पर विज्ञान प्रदर्शनी एवं काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें शायरों व कवियों ने अपनी रचनाओं से तालियां बटोरीं।
कार्यक्रम का शुभारंभ वरिष्ठ कवि ज्ञानेंद्र मोहन ज्ञान ने किया। वरिष्ठ शायर असगर यासिर ने सुनाया कि चिरागे राह जो बनकर रहे तो बात भी है, हम इस तरह से मुन्नवर रहे तो बात भी है, हमारे पास वसाइल की कम सही चादर, मगर उसी के जो अंदर रहें तो बात भी है।

वरिष्ठ शायर हमीद खिजर, गुलिस्तां खान, खलीक अहमद ने काव्यपाठ किया। मदरसे के बच्चों की प्रदर्शनी भी लोगों ने सराही। शिक्षक नेता जुबैर आलम अंसारी ने आभार जताया। कार्यक्रम में इमरान सईद खां, शाहनवाज खां, जुबैर आलम अंसारी, फैसल फैज, फैजान आतिफ, फूलमियां, इजहार हसन आदि मौजूद रहे।

काव्य फुहार कार्यक्रम में काव्यपाठ करते कवि। स्रोत: संगठन

काव्य फुहार कार्यक्रम में काव्यपाठ करते कवि। स्रोत: संगठन

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