हादसे ने छीनीं ईद की खुशियां: हाईवे पर वाहन की टक्कर से पिता और दो बेटों की मौत, परिवार में पसरा मातम
शाहजहांपुर में लखनऊ-दिल्ली नेशनल हाईवे पर सोमवार शाम दर्दनाक हादसा हो गया। रॉयन इंटरनेशनल स्कूल के पास अज्ञात वाहन ने बाइक को टक्कर मार दी, जिससे बाइक पर सवार पिता और दो पुत्रों की मौत हो गई। तीनों से वर्कशॉप से घर लौट रहे थे।
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शाहजहांपुर में लखनऊ-दिल्ली नेशनल हाईवे पर सोमवार शाम चौक कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला मेहमानशाह निवासी इंतजार खां (55) की बाइक को अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी। इससे इंतजार, उनके बेटे जुल्फिकार (25) और जरनैन (18) की मौत हो गई। इंतजार के घर में ईद-उल-फितर के त्योहार को लेकर तैयारी चल रही थी, लेकिन हादसे में उनके घर में मातम छा गया। इंतजार का छोटा बेटा जरनैन सभी रोजे रख रहा था। आमतौर पर वह हर दिन इफ्तार से पहले घर लौट आता था। सोमवार को पिता और भाई के साथ घर आने को लेकर उसने वर्कशॉप में रोजा इफ्तार किया था।
हाईवे पर मिश्रीपुर के पास इंतजार का ट्रक की बॉडी रिपेयरिंग का वर्कशॉप था। उनके साथ बेटे जुल्फिकार व जरनैन भी काम करते थे। सोमवार को शाम करीब सात बजे इंतजार वर्कशॉप बंद करके बाइक से अपने बेटों के साथ घर लौट रहे थे। रॉयन इंटरनेशनल स्कूल के पास उनकी बाइक को किसी वाहन ने टक्कर मार दी।
टक्कर मारने वाले वाहन की तलाश
हादसे में तीनों लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। सड़क पर घायलों के पड़े होने की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। तीनों को एंबुलेंस से राजकीय मेडिकल कॉलेज लाया गया। यहां डॉक्टर ने सभी को मृत घोषित कर दिया। बाइक चालक ने हेलमेट नहीं लगाया हुआ था। हादसे के बाद भारी भीड़ मौके पर पहुंच गई। सुरक्षा की दृष्टि से दो थानों की पुलिस को अस्पताल में तैनात कर दिया गया। एसपी एस. आनंद ने बताया कि हादसा करने वाले वाहन की तलाश की जा रही है।
इंतजार खां का भरा-पूरा परिवार है। पत्नी सीमा व तीन बेटों का भरण पोषण वर्कशॉप से करते थे। रोजाना वह बाइक से घर आते-जाते थे। रमजान में उनका बेटा जरनैन सभी रोजे रख रहा था। वह रोजाना इफ्तार से पहले घर आ जाते थे, जबकि इंतजार और जुल्फिकार बाद में घर आते थे। फिर तीनों एक साथ तरावीह पढ़ने जाते थे।
शाम सात बजे हुआ हादसा
सोमवार को जरनैन अकेले घर नहीं आया। उसने पिता के साथ चलने की बात कहते हुए वर्कशॉप में रोजा इफ्तार किया। शाम करीब सात बजे तीनों बाइक से चल दिए। वर्कशॉप से चलने के कुछ दूरी पर किसी वाहन ने उनकी बाइक में टक्कर मार दी। हादसे में तीनों घायल हो गए। पुलिस ने उन्हें राजकीय मेडिकल कॉलेज भेजा। इधर, हादसे की सूचना पर मोहल्ले के लोग अस्पताल पहुंचे और शवों को देखकर पहचान की।
शहर का मामला होने के चलते लोगों की भीड़ अस्पताल में बढ़ने लगी। चौक कोतवाली इंस्पेक्टर केबी सिंह मौके पर पहुंचे। इसके बाद सदर थाना प्रभारी अमित पांडेय को भी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर भेजा गया। पति और दो बेटों की मौत से सीमा का रो-रोकर बुरा हाल था। वह रोते हुए कई बार बेहोश हो गई। हर बार यहीं कहती थी कि या अल्लाह इबादत में कहां कमी रह गई।
भाई को बनाना चाहते थे डॉक्टर
जुल्फिकार और जरनैन खुद वर्कशॉप में काम करते थे, लेकिन वह छोटे भाई लारेब को डॉक्टर बनाना चाहते थे। लारेब इन दिनों लखनऊ में मेडिकल की पढ़ाई कर रहा है।