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तीन ट्रॉलियों में छुट्टा पशुओं को तहसील में छोड़ गए किसान
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सीन तीन- ट्राली से उतारते समय गिरकर घायल हुई गाय
- फोटो : POWAYAN
पुवायां। सिंधौली के गांव लधोला के किसान सोमवार को तीन ट्रॉलियों में छुट्टा पशुओं को भरकर तहसील परिसर पहुंचे। गांव के लोगों की मांग थी कि छुट्टा पशुओं को गोशाला भिजवाया जाए। अधिकारियों ने उनकी सुनवाई नहीं की तो किसान पशुओं को तहसील परिसर में ही उतार कर चले गए।
करीब 25 छुट्टा पशुओं को लेकर तहसील में पहुंचे लधोला गांव के शैलेंद्र सिंह, सुचित सिंह, विनय आदि ने एसडीएम को संबोधित पत्र तहसीलदार धर्मेंद्र पांडे को देकर बताया कि उनके गांव के आसपास करीब 300 छुट्टा पशु घूम रहे हैं। ये फसल को नष्ट कर रहे हैं, इससे किसान बेहद परेशान हैं। पशुओं के कारण लोगों का रास्तों से निकलना मुश्किल है।
पशु लोगों पर हमला कर देते हैं। पशुओं के हमले में एक महिला की मौत भी हो चुकी है और कई लोग घायल भी हो चुके हैं। गांव के लोगों ने कई बार ऑनलाइन शिकायत दर्ज कर समस्या का निराकरण कराने की मांग की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं होने पर मजबूरन वे लोग पशुओं को भरकर तहसील आए हैं। शिकायत के बाद भी सुनवाई नहीं हुई तो गांव के लोग आक्रोशित हो उठे और पशुओं को तहसील परिसर में ही उतारकर लौट गए।
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ट्रॉली से उतारते समय घायल हुए पशु
किसान इस उम्मीद से पशुओं को तीन ट्रॉलियों में भरकर तहसील लाए थे कि अधिकारी उनकी समस्या सुनकर निराकरण कराएंगे। ज्ञापन भी दिया, लेकिन अधिकारियों ने किसानों को कोई आश्वासन नहीं दिया। इस पर पशुओं को ट्रॉली से उतारना शुरू कर दिया गया। ट्रॉली से उतारते समय कई पशु गिरकर घायल भी हो गए।
छुट्टा पशुओं को गांव से भरकर लाने के बारे में जानकारी नहीं है। ग्रामीणों ने अगर तहसीलदार को पत्र दिया है तो मामले को दिखवाया जाएगा। -सुशांत श्रीवास्तव, एसडीएम पुवायां
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करीब 25 छुट्टा पशुओं को लेकर तहसील में पहुंचे लधोला गांव के शैलेंद्र सिंह, सुचित सिंह, विनय आदि ने एसडीएम को संबोधित पत्र तहसीलदार धर्मेंद्र पांडे को देकर बताया कि उनके गांव के आसपास करीब 300 छुट्टा पशु घूम रहे हैं। ये फसल को नष्ट कर रहे हैं, इससे किसान बेहद परेशान हैं। पशुओं के कारण लोगों का रास्तों से निकलना मुश्किल है।
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पशु लोगों पर हमला कर देते हैं। पशुओं के हमले में एक महिला की मौत भी हो चुकी है और कई लोग घायल भी हो चुके हैं। गांव के लोगों ने कई बार ऑनलाइन शिकायत दर्ज कर समस्या का निराकरण कराने की मांग की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं होने पर मजबूरन वे लोग पशुओं को भरकर तहसील आए हैं। शिकायत के बाद भी सुनवाई नहीं हुई तो गांव के लोग आक्रोशित हो उठे और पशुओं को तहसील परिसर में ही उतारकर लौट गए।
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ट्रॉली से उतारते समय घायल हुए पशु
किसान इस उम्मीद से पशुओं को तीन ट्रॉलियों में भरकर तहसील लाए थे कि अधिकारी उनकी समस्या सुनकर निराकरण कराएंगे। ज्ञापन भी दिया, लेकिन अधिकारियों ने किसानों को कोई आश्वासन नहीं दिया। इस पर पशुओं को ट्रॉली से उतारना शुरू कर दिया गया। ट्रॉली से उतारते समय कई पशु गिरकर घायल भी हो गए।
छुट्टा पशुओं को गांव से भरकर लाने के बारे में जानकारी नहीं है। ग्रामीणों ने अगर तहसीलदार को पत्र दिया है तो मामले को दिखवाया जाएगा। -सुशांत श्रीवास्तव, एसडीएम पुवायां