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Shahjahanpur News: खाद के लिए सहकारी समितियों से लेकर बाजार तक भटक रहे किसान

Mon, 21 Jul 2025 10:38 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Mon, 21 Jul 2025 10:38 PM IST
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Farmers are wandering from cooperative societies to the market for fertilizers
तिलहर की समिति पर खाद के इंतजार में खड़े किसान। संवाद
शाहजहांपुर। किसान एक बार फिर यूरिया समेत अन्य खादों के लिए सहकारी समितियों से लेकर बाजार तक भटकने के लिए मजबूर हैं। साधन सहकारी समितियों पर खाद का पिछला स्टॉक वितरण के बाद खत्म हो जाने से वहां के गोदाम खाली हो चुके हैं। खुले बाजार से किसानों को महंगे दामों पर खाद मिल रही है। खाद जल्द नहीं मिली तो धान, गन्ना आदि फसलों की बढ़वार धीमी पड़ जाएगी।
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--खाद की आपूर्ति नहीं होने से किसान परेशान : कांट। नगर समेत कौढ़ा गांव की सहकारी समितियों पर यूरिया की कमी से किसान काफी परेशान हैं क्योंकि उन्हें बाजार में भी यूरिया नहीं मिल रही है। सहकारी समिति के सचिव अभय सिंह के अनुसार यूरिया की नई खेप आने पर प्राथमिकता से शेष किसानों को खाद दी जाएगी। संवाद
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यूरिया के साथ जिंक, जाइम, सल्फर लेने के लिए कर रहे मजबूर : कुर्रियाकलां। सहकारी समिति पर गत सप्ताह लगभग 400 बोरी यूरिया का वितरण होने पर भी तमाम किसानों को खाद नहीं मिल सकी। दुकानदार किसानों की बिना मर्जी के खाद के साथ जिंंक, जाइम, सल्फर आदि मनमाने दामों पर बेच रहे हैं। समिति के सचिव रंजीत सिंह ने बताया कि दो हजार बोरी यूरिया का वितरण किया जा चुका है और मंगलवार को मिलने वाली 400 बोरी खाद अगले दिन बांट दी जाएगी।
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धान, बाजरा और सरसों के लिए नहीं मिल रही डीएपी : तिलहर। किसानों को समितियों पर उनकी मांग के अनुरूप यूरिया नहीं मिल रही है। यही नहीं, धान समेत बाजरा और सरसों की फसल के लिए किसानों को डीएपी कहीं नहीं मिल रही है। कुछ दुकानदार डीएपी का पुराना स्टॉक महंगी दर पर बेच रहे हैं। राजनपुर गांव के बृजेश और जोधपुर नवदिया निवासी कुमार पाल ने बताया कि समितियों पर डीएपी नहीं मिल रही है।

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450 बोरी बंटने के बावजूद खाद की मांग बरकरार : मीरानपुर कटरा। समिति के आंकिक प्रांजल सक्सेना ने बताया कि सोमवार को 400 बोरी यूरिया और 50 बोरी डीएपी बांटी जा चुकी है। सभी को खाद मुहैया कराने के लिए समिति पर प्रति किसान दो-तीन बोरी दी जा रही हैं, जबकि किसान अपने रकबे के अनुसार ज्यादा खाद की मांग कर रहे हैं। हालांकि, समिति के सचिव श्रीपाल के अनुसार अभी गोदाम में विभिन्न अनुपात वाली एनपीके खाद की 500 बोरी का स्टॉक है और यूरिया की नई खेप भी जल्द आ रही है।

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कांवड़ यात्रा से समितियों पर खाद की आपूर्ति बाधित : जलालाबाद। इस समय केवल गुलड़िया, भटादेवर और निबऊ नगला सहकारी समितियों पर ही डीएपी व यूरिया उपलब्ध है। जिन समितियों पर खाद नहीं है, वहां सन्नाटा बना हुआ है। सोमवार को गुलड़िया में 500 बोरी डीएपी और 130 बोरी यूरिया पहुंच गई। अन्य समितियों पर एनपीके उपलब्ध है, लेकिन किसान उसकी मांग नहीं कर रहे हैं। एडीओ (कोऑपरेटिव) विजय राज ने बताया कि फरीदापुर व खंडहर समिति पर जल्द खाद पहुंच जाएगी। उनके मुताबिक कांवड़ यात्रा के कारण खाद पहुंचने में दिक्कत हो रही है।

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बंडा में 266 वाली यूरिया 600 रुपये में खरीद रहे किसान : बंडा। इफको केंद्र पर दो दिन से यूरिया नहीं होने से किसान सोमवार को वहां के चक्कर लगाते देखे गए। कुछ किसान दुकानों से यूरिया लेने गए तो उन्हें 266.50 रुपये सरकारी कीमत वाली यूरिया की एक बोरी के 600 रुपये दाम चुकाने पड़े। इफको केंद्र पर एक हफ्ते से किसानों को प्रति आधार कार्ड पर एक या दो बोरी यूरिया दी जा रही है। केंद्र प्रभारी अरविंद कुमार के अनुसार मंगलवार को एक ट्रक यूरिया आने की उम्मीद है।
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सिंधौली में मांग के अनुरूप नहीं मिल रही यूरिया : सिंधौली । क्षेत्र की नौ सहकारी समितियाें सहित दो सहकारी संघों के गोदामों पर यूरिया और डीएपी सोमवार को भी बांटी गई, लेकिन खाद के असमान वितरण से किसान नाराज हैं। मुड़िया पवार के किसान जसपाल सिंह के अनुसार उन्हें 20 बोरी के बजाय सिर्फ पांच बोरी यूरिया दी गई। इसी गांव के गुलजार सिंह का कहना है कि 15 बोरी यूरिया मांगी, लेकिन दो बोरियां मिल सकीं। संवाद

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वर्तमान में धान के पौधे में कल्ले निकलने का समय है। इस समय यूरिया की आवश्यकता अधिक होती है। इससे पौध में वृद्धि होती है। खाद में देरी होने से उत्पादन पर असर पड़ेगा। पौधा धीमी गति से बढ़ेगा। किसान इसकी भरपाई करने के लिए नैनो यूरिया का इस्तेमाल कर सकते हैं। इससे कुछ राहत मिलेगी। यूरिया मिलने पर फिर उसका इस्तेमाल कर सकते हैं।

- डॉ. एनसी त्रिपाठी, कृषि वैज्ञानिक, कृषि विज्ञान केंद्र, नियामतपुर

तिलहर की समिति पर खाद के इंतजार में खड़े किसान। संवाद

तिलहर की समिति पर खाद के इंतजार में खड़े किसान। संवाद

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