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Shahjahanpur News: दिवाली से पहले नकली मावा पकड़ा, सरगना फरार

Thu, 24 Oct 2024 02:51 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर Updated Thu, 24 Oct 2024 02:51 AM IST
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Fake Mawa caught before Diwali, kingpin absconding
पुवायां में बन रहे नकली खोआ के मामले की जांच करने पहुंची पुलिस। संवाद
पुवायां । क्षेत्र के एक घर में बड़े पैमाने पर सिंथेटिक मावा बनाने का काम किया जा रहा था। पुलिस ने छापा मारकर भारी मात्रा में नकली खोया और उसे बनाने का सामान बरामद किया है। सरगना मौके से भाग निकला है। खाद्य विभाग की टीम को सूचना दी गई है।
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पुवायां के मोहल्ला कसभरा मिशन में अवनीश शुक्ला का मकान है। अवनीश शुक्ला पीलीभीत में रहते हैं। उन्होंने घर के कमरों को अलग-अलग लोगों को किराए पर दे रखा है। इसमें एक किराएदार सिंथेटिक खोया बनाने का काम कर रहा है। मकान में काफी समय से सिंथेटिक खोया, पनीर, दूध आदि बनाने का काम किया जा रहा था। दिवाली का त्योहार नजदीक आते ही खोया बनाने का काम तेज कर दिया गया था। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने बुधवार शाम मौके पर पहुंचकर तलाशी ली, तो सिंथेटिक खोया बनाए जाने का मामला सामने आया।
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मौके से खोया बना रहे एक किशोर और एक युवक को पकड़ा गया है। तीन बोरियों में मिल्क पाउडर के सैकड़ों खाली पैकेट, मिल्क पाउडर के डेढ़ बोरी भरे पैकेट, चीनी, डालडा, रवा आदि बरामद किया गया है। तीन परातों में बना हुआ खोया भी मिला है। पकड़े गए लोगों ने बताया कि सरगना उनसे मजदूरी पर खोया बनवाने का काम करता था और खोया बनाकर हरदोई में ले जाकर बेचा जाता था। पुलिस ने खाद्य विभाग के अधिकारियों को जानकारी दी है। टीम सैंपलिंग करेगी और उसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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फर्रुखाबाद का सरगना पुवायां में बनवा रहा था सिंथेटिक खोया...हरदोई में होती थी सप्लाई
पुवायां। मिल्क पाउडर आदि से सिंथेटिक खोया बनवाने वाला फर्रुखाबाद का रहने वाला है। वह पुवायां में चार महीने से सिंथेटिक खोया, पनीर आदि बनवा रहा था। पकड़े जाने से बचने के लिए स्थानीय स्तर पर कम बिक्री करते थे।
त्योहारों और शादी, बरात के समय मांग अधिक होने पर सिंथेटिक खोया बनाने के लिए कारीगरों को बढ़ा लिया जाता था। स्थानीय बाजार में भी खोया, पनीर सप्लाई किया जाता था, लेकिन हरदोई में ज्यादा सप्लाई किया जाता था, जिससे पकड़े जाने की संभावना न हो। सिंथेटिक खोया बनाने वाले खोया और पनीर को कम रेट पर दुकानदाराें को बिक्री कर चले आते थे, आर्डर पर भी खाेया, पनीर बनाकर सप्लाई किया जाता था।
गैर जनपदों में खोया और पनीर किन लोगों को बेचा जाता था, इसकी जानकारी सरगना के पकड़े जाने के बाद ही हो सकेगी। मौके से पकड़े गए लोग केवल खोया और पनीर बनाने का कही काम करते थे। बिक्री का काम सरगना के जिम्मे था।
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कम लागत में भरपूर मुनाफा
आरोपियों ने बताया कि चार किलो मिल्क पाउडर, एक किलो डालडा, एक किलो रवा, एक किलो चीनी, खोए की सुंगध के लिए पाउडर और कुछ अन्य पदार्थ मिलाकर 11 किलो तैयार सिंथेटिक खोया तैयार हो जाता है। 11 किलाे सिंथेटिक खोया बनाने में लगभग 12 सौ रुपये का खर्च आता है और खोया प्रति किलो 180 रुपये में बिक्री होता है, इस प्रकार 12 सौ रुपये की लागत में दो हजार रुपये का खोया तैयार हो जाता है। मिल्क पाउडर के 230 रुपये के एक पैकेट में दस लीटर दूध बनता है और 40 रुपये प्रति किलो बिकता है। ऐसे ही पनीर भी बनता है जिसमें रिफाइंड तेल, डालडा, मिल्क पाउडर आदि मिलाया जाता है। मिल्क पाउडर भी बेहद घटिया श्रेणी का होता है, जिससे लागत बेहद कम आती है और भरपूर मुनाफा होता है।

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सिंथेटिक खोया बनाते हुए दो लोगों को पकड़ा गया है, एक व्यक्ति मौके से भाग निकला है। मामले की जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पंकज पंत, सीओ पुवायां

पुवायां में बन रहे नकली खोआ के मामले की जांच करने पहुंची पुलिस। संवाद

पुवायां में बन रहे नकली खोआ के मामले की जांच करने पहुंची पुलिस। संवाद

पुवायां में बन रहे नकली खोआ के मामले की जांच करने पहुंची पुलिस। संवाद

पुवायां में बन रहे नकली खोआ के मामले की जांच करने पहुंची पुलिस। संवाद

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