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Shahjahanpur News: लापरवाही से डरीं आधी महिलाएं नहीं कराने आईं नसबंदी
Sat, 02 Dec 2023 12:13 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
Updated Sat, 02 Dec 2023 12:13 AM IST
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शाहजहांपुर। निगोही सीएचसी में महिलाओं की नसबंदी के नाम पर स्वास्थ्य से खिलवाड़ का असर शुक्रवार को दोबारा लगे कैंप में स्पष्ट नजर आया। स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही से डरीं आधी महिलाएं काफी मान-मनौव्वल के बावजूद नसबंदी कराने नहीं पहुंचीं। उन्होंने स्वास्थ्य खराब हाेने और रिश्तेदारी में जाने का बहाना कर कैंप से दूरी बना ली।
मंगलवार को निगोही सीएचसी में आयोजित नसबंदी शिविर में 48 महिलाओं को नसबंदी के लिए बेहोशी का इंजेक्शन लगाया गया था। ऑपरेशन करने के लिए महिलाओं को बुलाया तो किट में रिंग लोडर नहीं था। इसके चलते ऑपरेशन नहीं किए गए। इंजेक्शन लगने के चलते कई महिलाओं का स्वास्थ्य खराब हो गया था। उच्च अधिकारियाें तक बात पहुंचने पर एसीएमओ डॉ. गोविंद स्वर्णकार ने पुवायां से रिंग लोडर की व्यवस्था कराई, लेकिन देर होने के चलते महिलाओं ने नसबंदी से इन्कार कर दिया। इसके बाद सीएमओ डॉ. आरके गौतम ने एसीएमओ डॉ.गोविंद, परामर्शदाता अनिल कुमार, मदनापुर की स्टाफ नर्स प्रीति को नोटिस जारी किया। शुक्रवार को एक बार फिर कैंप का आयोजन किया गया था। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों ने पहले कैंप से लौटाई गईं महिलाओं और आशा वर्करों से संपर्क साधकर दोबारा से बुलाने की कवायद की, लेकिन कैंप में आधी महिलाएं ही पहुंचीं। बाकी ने बहाना बनाकर कैंप से दूरी बना ली। कैंप के दौरान एक पुरुष समेत 29 ने नसबंदी के लिए रजिस्ट्रेशन कराया। सभी की नसबंदी कराकर लौटा दिया गया। पुरुष की नसबंदी पुवायां में कराई गई। इस दौरान एसीएमओ डॉ.गोविंद स्वर्णकार मौके पर मौजूद रहे। शिविर में आने वाली महिलाओं के लिए बेड, सेनेटाइज रूम आदि की व्यवस्था की गई थी।
एसीएमओ समेत पांच ने दर्ज कराए बयान : निगोही में कैंप में महिलाओं को बुलाकर नसबंदी जैसे महत्वपूर्ण कार्य में लापरवाही किए जाने के मामले की जांच शुरू कर दी गई है। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी ने एसीएमओ समेत पांच के बयान दर्ज किए। जांच के दौरान कुछ नए नाम भी सामने आए हैं, जिन्हें बुलाया गया है। सीएमओ ने कैंप में लापरवाही सामने आने के बाद संबंधित को नोटिस जारी कर एसीएमओ डॉ. पीपी श्रीवास्तव को जांच सौंपी थी। शुक्रवार को उनके कार्यालय में एसीएमओ डॉ.गोविंद, निगोही सीएचसी के एमओआईसी डॉ. नितिन चौधरी, मदनापुर की स्टाफ नर्स प्रीति, शालिनी और हिना परवीन के बयान भी दर्ज किए गए। इस बीच पूछताछ में कुछ नाम सामने आए हैं। इसमें पुवायां सीएचसी से भी कुछ लोगों से पूछताछ हो सकती है।
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मंगलवार को निगोही सीएचसी में आयोजित नसबंदी शिविर में 48 महिलाओं को नसबंदी के लिए बेहोशी का इंजेक्शन लगाया गया था। ऑपरेशन करने के लिए महिलाओं को बुलाया तो किट में रिंग लोडर नहीं था। इसके चलते ऑपरेशन नहीं किए गए। इंजेक्शन लगने के चलते कई महिलाओं का स्वास्थ्य खराब हो गया था। उच्च अधिकारियाें तक बात पहुंचने पर एसीएमओ डॉ. गोविंद स्वर्णकार ने पुवायां से रिंग लोडर की व्यवस्था कराई, लेकिन देर होने के चलते महिलाओं ने नसबंदी से इन्कार कर दिया। इसके बाद सीएमओ डॉ. आरके गौतम ने एसीएमओ डॉ.गोविंद, परामर्शदाता अनिल कुमार, मदनापुर की स्टाफ नर्स प्रीति को नोटिस जारी किया। शुक्रवार को एक बार फिर कैंप का आयोजन किया गया था। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों ने पहले कैंप से लौटाई गईं महिलाओं और आशा वर्करों से संपर्क साधकर दोबारा से बुलाने की कवायद की, लेकिन कैंप में आधी महिलाएं ही पहुंचीं। बाकी ने बहाना बनाकर कैंप से दूरी बना ली। कैंप के दौरान एक पुरुष समेत 29 ने नसबंदी के लिए रजिस्ट्रेशन कराया। सभी की नसबंदी कराकर लौटा दिया गया। पुरुष की नसबंदी पुवायां में कराई गई। इस दौरान एसीएमओ डॉ.गोविंद स्वर्णकार मौके पर मौजूद रहे। शिविर में आने वाली महिलाओं के लिए बेड, सेनेटाइज रूम आदि की व्यवस्था की गई थी।
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एसीएमओ समेत पांच ने दर्ज कराए बयान : निगोही में कैंप में महिलाओं को बुलाकर नसबंदी जैसे महत्वपूर्ण कार्य में लापरवाही किए जाने के मामले की जांच शुरू कर दी गई है। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी ने एसीएमओ समेत पांच के बयान दर्ज किए। जांच के दौरान कुछ नए नाम भी सामने आए हैं, जिन्हें बुलाया गया है। सीएमओ ने कैंप में लापरवाही सामने आने के बाद संबंधित को नोटिस जारी कर एसीएमओ डॉ. पीपी श्रीवास्तव को जांच सौंपी थी। शुक्रवार को उनके कार्यालय में एसीएमओ डॉ.गोविंद, निगोही सीएचसी के एमओआईसी डॉ. नितिन चौधरी, मदनापुर की स्टाफ नर्स प्रीति, शालिनी और हिना परवीन के बयान भी दर्ज किए गए। इस बीच पूछताछ में कुछ नाम सामने आए हैं। इसमें पुवायां सीएचसी से भी कुछ लोगों से पूछताछ हो सकती है।
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