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काम कोई भी करें पर कानून की जानकारी होना जरूरी
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शाहजहांपुर में शनिवार को लीड कांवेंट स्कूल में छात्राओं को सम्बोधित करतीं अधिवक्ता गुलिस्ता खा?
- फोटो : SHAHJAHANPUR
शाहजहांपुर। लीड कॉन्वेंट स्कूल में शनिवार को अधिवक्ता व वन स्टॉप सेंटर की लीगल एडवाइजर गुलिस्तां खान ने छात्राओं को घरेलू हिंसा व अन्य महत्वपूर्ण मामलों की कानूनी जानकारी दी। कहा कि छात्राएं भले ही किसी प्रोफेशन में भविष्य बनाएं पर कानूनी जानकारी रखकर खुद को मजबूत जरूर करें।
अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से आयोजित अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि गुलिस्तां खान ने छात्राओं को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि संघर्ष के बल पर आगे बढ़कर अपने लक्ष्य को प्राप्त कर सकते हैं। गंभीर समस्या आने पर घबराने के बजाय डटकर मुकाबला करें। उन्होंने कहा कि भविष्य में करियर किसी भी क्षेत्र में बनाएं लेकिन कानून का ज्ञान अवश्य रखें। उन्होंने छात्राओं को वन स्टॉप सेंटर के बारे में जानकारी दी। कहा कि सेंटर महिलाओं के लिए ही बनाया गया है। छेड़छाड़, शोषण होने पर सेंटर पर शिकायत दर्ज करा सकती हैं।
गुलिस्ता ने कहा कि कम उम्र में लड़कियां बहककर कोर्ट मैरिज कर लेती हैं। यह एक अपराध है। इसमें लड़के के खिलाफ केस दर्ज करने के साथ ही उसे जेल भेजा जाता है। जबकि लड़की को नारी केंद्र में रखा जाता है। उन्होंने छात्राओं से किसी भी तरह की परेशानी होने पर अपने परिजनों को जानकारी देने पर जोर दिया। महिला अधिवक्ता ने हेल्पलाइन नंबरों को छात्राओं से साझा किया। कहा कि राह चलते कोई तंग करें तो बिल्कुल न डरें, बल्कि परिस्थितियों से लड़ते हुए हेल्पलाइन नंबरों पर शिकायत करें। अंत में प्रधानाचार्य तराना जमाल और निदेशक मोहम्मद जमाल ने अतिथि को स्मृति चिह्न भेंट किया। संचालन गुरप्रीत कौर ने किया। कार्यक्रम में करीब 45 छात्राएं मौजूद रहीं।
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छात्राएं कमजोर नहीं
लड़कियां अपना हक कैसे प्राप्त कर सकती हैं। कार्यक्रम के जरिये यह पता चला है। हेल्पलाइन नंबरों को भी नोट कर लिया है। छात्राएं कमजोर नहीं हैं, बल्कि उन्हें अपने अंदर की शक्ति को पहचानने की जरूरत है। - आयुषी प्रभाकर
कानूनी जानकारी मिली
छात्राओं को बहुत ही महत्वपूर्ण कानूनी जानकारी मिली है। वन स्टॉप सेंटर के बारे में पहली बार पता चला है। इसके अलावा जरूरी हेल्पलाइन नंबरों पर रोशनी डाली गई। छात्राएं नंबरों को दूसरों से भी साझा करें। - एमन जारा
कानून की पुस्तकों का अध्ययन भी करें
प्रत्येक व्यक्ति को कानून की जानकारी अवश्य होना चाहिए। धाराओं का ज्ञान होने से कई लाभ हैं। इसलिए अपनी स्कूली किताबों के साथ कानून की पुस्तकों का अध्ययन भी प्रत्येक छात्रा को करना चाहिए। - इफरा फातिमा
लड़कियों को कमजोर न समझें
लड़कियों को आमतौर पर लोग कमजोर समझते हैं पर आधी आबादी मजबूर न होकर काफी मजबूत है। आज हर सेक्टर में महिलाएं काम कर रही है। यही उनकी मजबूती का उदाहरण है। - इकरा
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अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से आयोजित अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि गुलिस्तां खान ने छात्राओं को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि संघर्ष के बल पर आगे बढ़कर अपने लक्ष्य को प्राप्त कर सकते हैं। गंभीर समस्या आने पर घबराने के बजाय डटकर मुकाबला करें। उन्होंने कहा कि भविष्य में करियर किसी भी क्षेत्र में बनाएं लेकिन कानून का ज्ञान अवश्य रखें। उन्होंने छात्राओं को वन स्टॉप सेंटर के बारे में जानकारी दी। कहा कि सेंटर महिलाओं के लिए ही बनाया गया है। छेड़छाड़, शोषण होने पर सेंटर पर शिकायत दर्ज करा सकती हैं।
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गुलिस्ता ने कहा कि कम उम्र में लड़कियां बहककर कोर्ट मैरिज कर लेती हैं। यह एक अपराध है। इसमें लड़के के खिलाफ केस दर्ज करने के साथ ही उसे जेल भेजा जाता है। जबकि लड़की को नारी केंद्र में रखा जाता है। उन्होंने छात्राओं से किसी भी तरह की परेशानी होने पर अपने परिजनों को जानकारी देने पर जोर दिया। महिला अधिवक्ता ने हेल्पलाइन नंबरों को छात्राओं से साझा किया। कहा कि राह चलते कोई तंग करें तो बिल्कुल न डरें, बल्कि परिस्थितियों से लड़ते हुए हेल्पलाइन नंबरों पर शिकायत करें। अंत में प्रधानाचार्य तराना जमाल और निदेशक मोहम्मद जमाल ने अतिथि को स्मृति चिह्न भेंट किया। संचालन गुरप्रीत कौर ने किया। कार्यक्रम में करीब 45 छात्राएं मौजूद रहीं।
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छात्राएं कमजोर नहीं
लड़कियां अपना हक कैसे प्राप्त कर सकती हैं। कार्यक्रम के जरिये यह पता चला है। हेल्पलाइन नंबरों को भी नोट कर लिया है। छात्राएं कमजोर नहीं हैं, बल्कि उन्हें अपने अंदर की शक्ति को पहचानने की जरूरत है। - आयुषी प्रभाकर
कानूनी जानकारी मिली
छात्राओं को बहुत ही महत्वपूर्ण कानूनी जानकारी मिली है। वन स्टॉप सेंटर के बारे में पहली बार पता चला है। इसके अलावा जरूरी हेल्पलाइन नंबरों पर रोशनी डाली गई। छात्राएं नंबरों को दूसरों से भी साझा करें। - एमन जारा
कानून की पुस्तकों का अध्ययन भी करें
प्रत्येक व्यक्ति को कानून की जानकारी अवश्य होना चाहिए। धाराओं का ज्ञान होने से कई लाभ हैं। इसलिए अपनी स्कूली किताबों के साथ कानून की पुस्तकों का अध्ययन भी प्रत्येक छात्रा को करना चाहिए। - इफरा फातिमा
लड़कियों को कमजोर न समझें
लड़कियों को आमतौर पर लोग कमजोर समझते हैं पर आधी आबादी मजबूर न होकर काफी मजबूत है। आज हर सेक्टर में महिलाएं काम कर रही है। यही उनकी मजबूती का उदाहरण है। - इकरा