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जुलूस-ए-बारावफात में डीजे पर प्रतिबंध
अमर उजाला ब्यूरो शाहजहांपुर।
Updated Fri, 09 Dec 2016 10:56 PM IST
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प्रतिबंधित
- फोटो : अमर उजाला
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सोमवार को स्टेशन वाली मस्जिद से पेश इमाम करेंगे जुलूस रवाना
दावत-ए-इस्लामी संस्था के बैनर तले 12 दिसंबर को सुबह नौ बजे ईद मीलादुन्नबी (बारावफात) का जूलूस निकाला जाएगा। जुलूस को शहर पेश इमाम मौलाना हुजूर अहमद मंजरी स्टेशन वाली मस्जिद से रवाना करेंगे। जुलूस में डीजे पूर्ण रूप से प्रतिबंधित रहेगा।
दावते इस्लामी के जिला निगरा मोहम्मद अनीस अत्तारी ने शहर के एक होटल में प्रेसवार्ता में इसकी जानकारी दी। कहा, 12 रबी उल अव्वल मुसलमानों के लिए सबसे बड़ा दिन है। इस दिन खूब खुशियां मनाई जानी चाहिए और नए कपड़े पहनने चाहिए। इतना ही नहीं घरों, प्रतिष्ठानों और वाहनों पर हरे झंडे लगाने चाहिए। अत्तारी ने बताया कि सोमवार को स्टेशन वाली मस्जिद से जुलूसे मोहम्मदी सुबह लगभग नौ बजे निकलेगा। इसका समापन अंटा चौराहा स्थित कटहल वाली मस्जिद के पास इज्तिमाई दुआ के साथ होगा।
उन्होंने जुलूस में शामिल होने वाले लोगों से आग्रह किया है कि वे बा वजू होकर, नअत ख्वानी, दुरूद शरीफ, सलातो सलाम, सरकार की आमद मरहबा आदि नारे लगाते हुए चलें। जुलूस में डीजे बिल्कुल शामिल न करें। उन्होंने युवाओं का आह्वान किया कि वह ऐसा कोई नारा न लगाएं, जिससे किसी का दिल दुखे। जुलूस में उछल-कूद भी न करें। जुलूस के दौरान परेशानहाल, बीमार और बुजुर्गों को निकलने का रास्ता जरूर दें। इसी तरह जुलूस पर लंगर फेंकें नहीं, बल्कि उसे सलीके से हाथों में ही तकसीम करें। इस अवसर पर इफ्तेखार अत्तारी, तौसीफ अत्तारी, मो. अतहर, रिजवान अत्तारी, फहीम अत्तारी, सरताज अत्तारी आदि मौजूद रहे।
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दावत-ए-इस्लामी संस्था के बैनर तले 12 दिसंबर को सुबह नौ बजे ईद मीलादुन्नबी (बारावफात) का जूलूस निकाला जाएगा। जुलूस को शहर पेश इमाम मौलाना हुजूर अहमद मंजरी स्टेशन वाली मस्जिद से रवाना करेंगे। जुलूस में डीजे पूर्ण रूप से प्रतिबंधित रहेगा।
दावते इस्लामी के जिला निगरा मोहम्मद अनीस अत्तारी ने शहर के एक होटल में प्रेसवार्ता में इसकी जानकारी दी। कहा, 12 रबी उल अव्वल मुसलमानों के लिए सबसे बड़ा दिन है। इस दिन खूब खुशियां मनाई जानी चाहिए और नए कपड़े पहनने चाहिए। इतना ही नहीं घरों, प्रतिष्ठानों और वाहनों पर हरे झंडे लगाने चाहिए। अत्तारी ने बताया कि सोमवार को स्टेशन वाली मस्जिद से जुलूसे मोहम्मदी सुबह लगभग नौ बजे निकलेगा। इसका समापन अंटा चौराहा स्थित कटहल वाली मस्जिद के पास इज्तिमाई दुआ के साथ होगा।
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उन्होंने जुलूस में शामिल होने वाले लोगों से आग्रह किया है कि वे बा वजू होकर, नअत ख्वानी, दुरूद शरीफ, सलातो सलाम, सरकार की आमद मरहबा आदि नारे लगाते हुए चलें। जुलूस में डीजे बिल्कुल शामिल न करें। उन्होंने युवाओं का आह्वान किया कि वह ऐसा कोई नारा न लगाएं, जिससे किसी का दिल दुखे। जुलूस में उछल-कूद भी न करें। जुलूस के दौरान परेशानहाल, बीमार और बुजुर्गों को निकलने का रास्ता जरूर दें। इसी तरह जुलूस पर लंगर फेंकें नहीं, बल्कि उसे सलीके से हाथों में ही तकसीम करें। इस अवसर पर इफ्तेखार अत्तारी, तौसीफ अत्तारी, मो. अतहर, रिजवान अत्तारी, फहीम अत्तारी, सरताज अत्तारी आदि मौजूद रहे।
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