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Shahjahanpur News: धम्म देशना व कठिन चीवरदान महोत्सव का हुआ समापन
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बुद्ध विहार में आयोजित कार्यक्रम में उपस्थित समाज के लोग। स्रोत: आयोजक
शाहजहांपुर। पुवायां रोड स्थित बुद्ध विहार में आयोजित पांच दिवसीय धम्म देशना एवं कठिन चीवरदान महोत्सव का सोमवार को समापन हो गया। इसमें तथागत बुद्ध के जीवन, उनके उपदेशों और महापरिनिर्वाण के प्रसंग सुनकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। पूरा परिसर नमो बुद्धाय के जयघोष से गूंज उठा।
समापन पर सुबह भिक्खु संघ को भोजन कराया गया। इसके बाद अपराह्न तीन बजे घंटाघर स्थित डॉ. भीमराव आंबेडकर पार्क से धम्म यात्रा निकाली गई। यात्रा कोतवाली सदर बाजार समेत शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए पुवायां रोड स्थित बुद्ध विहार पहुंची। इसमें पंचशील ध्वज लेकर बौद्ध भिक्षु और श्वेत वस्त्र धारण किए उपासक-उपासिकाएं बुद्ध वंदना करते हुए शामिल हुए।
समापन पर मुख्य धम्म उपदेशक श्रावस्ती के बुद्ध विहार के विहाराधीश भिक्खु डॉ. स्वरूपानंद ने तथागत बुद्ध के जीवन के अंतिम क्षणों और परिनिर्वाण का वर्णन किया। हरदोई के बालामऊ स्थित विहार के विहाराधीश भिक्खु करुणानंद ने कहा कि तीन माह का वस्सावास आत्मसाधना और धम्म के प्रचार-प्रसार का समय है।
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इस मौके पर मुख्य अतिथि बाईपी गौतम, विशिष्ट अतिथि अल्पसंख्यक आयोग के सदस्य अंशुमन कुमार सिंह मैसी, लार्ड बुद्धा एजुकेशनल कल्चरल सोसायटी के अध्यक्ष सुरेश पाल, वेदपाल सुमन आदि मौजूद रहे।
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समापन पर सुबह भिक्खु संघ को भोजन कराया गया। इसके बाद अपराह्न तीन बजे घंटाघर स्थित डॉ. भीमराव आंबेडकर पार्क से धम्म यात्रा निकाली गई। यात्रा कोतवाली सदर बाजार समेत शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए पुवायां रोड स्थित बुद्ध विहार पहुंची। इसमें पंचशील ध्वज लेकर बौद्ध भिक्षु और श्वेत वस्त्र धारण किए उपासक-उपासिकाएं बुद्ध वंदना करते हुए शामिल हुए।
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समापन पर मुख्य धम्म उपदेशक श्रावस्ती के बुद्ध विहार के विहाराधीश भिक्खु डॉ. स्वरूपानंद ने तथागत बुद्ध के जीवन के अंतिम क्षणों और परिनिर्वाण का वर्णन किया। हरदोई के बालामऊ स्थित विहार के विहाराधीश भिक्खु करुणानंद ने कहा कि तीन माह का वस्सावास आत्मसाधना और धम्म के प्रचार-प्रसार का समय है।
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इस मौके पर मुख्य अतिथि बाईपी गौतम, विशिष्ट अतिथि अल्पसंख्यक आयोग के सदस्य अंशुमन कुमार सिंह मैसी, लार्ड बुद्धा एजुकेशनल कल्चरल सोसायटी के अध्यक्ष सुरेश पाल, वेदपाल सुमन आदि मौजूद रहे।