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Shahjahanpur News: गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग
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तिलहर में दरगाह परिसर में हुई बैठक में बोलते सज्जादानशीन इकबाल हुसैन उर्फ फूल मियां। स्रोत: स
तिलहर। सूफी संत शाह शमसुद्दीन मियां की दरगाह के सज्जादानशीन इकबाल हुसैन उर्फ फूल मियां के आवास पर रविवार को हुई बैठक में गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग प्रमुखता से उठाई गई।
इस मौके पर वक्ताओं ने कहा कि गाय भारतीय संस्कृति, कृषि व्यवस्था और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है, इसलिए उसे राष्ट्रीय पशु का दर्जा दिया जाना चाहिए। सज्जादानशीन ने कहा कि गाय का भारतीय समाज में विशेष स्थान है। विभिन्न धर्मों और समुदायों के लोग सदियों से गो-संरक्षण और गो संवर्धन के लिए कार्य करते रहे हैं।
उन्होंने कहा कि गाय से प्राप्त दूध एवं अन्य उत्पाद मानव स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होने के साथ-साथ कृषि क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसलिए केंद्र सरकार को जन भावनाओं का सम्मान करते हुए गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
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इस दौरान इमाम गुलाम अहमद रजा, मौलाना वकार हुसैन, अंजुम खान, मोहम्मद जाहिद, कारी इदरीस, असलम, शरीफ कुरैशी आदि मौजूद रहे।
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इस मौके पर वक्ताओं ने कहा कि गाय भारतीय संस्कृति, कृषि व्यवस्था और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है, इसलिए उसे राष्ट्रीय पशु का दर्जा दिया जाना चाहिए। सज्जादानशीन ने कहा कि गाय का भारतीय समाज में विशेष स्थान है। विभिन्न धर्मों और समुदायों के लोग सदियों से गो-संरक्षण और गो संवर्धन के लिए कार्य करते रहे हैं।
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उन्होंने कहा कि गाय से प्राप्त दूध एवं अन्य उत्पाद मानव स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होने के साथ-साथ कृषि क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसलिए केंद्र सरकार को जन भावनाओं का सम्मान करते हुए गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
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इस दौरान इमाम गुलाम अहमद रजा, मौलाना वकार हुसैन, अंजुम खान, मोहम्मद जाहिद, कारी इदरीस, असलम, शरीफ कुरैशी आदि मौजूद रहे।