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Shahjahanpur News: एनओसी के अभाव में सीटी स्कैन बंद... भटक रहे मरीज
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राजकीय मेडिकल कॉलेज स्थित सीटी स्कैन सेंटर। संवाद
शाहजहांपुर। राजकीय मेडिकल कॉलेज में सीटी स्कैन मशीन लगी होने के बावजूद मरीजों को भटकना पड़ रहा है। मशीन के रेडिएशन को लेकर कंपनी की एनओसी न मिलने से सीटी स्कैन शुरू नहीं हो सके हैं। वहीं पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल की मशीन पानी में डूबने के बाद दूसरी भेजी गई। इसे भी अभी तक स्थापित नहीं किया गया है। प्राचार्य का दावा है कि एक सप्ताह में दोनों ही मशीनों को शुरू करा देंगे।
अजीजगंज स्थित राजकीय मेडिकल कॉलेज में पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप के जरिये सीटी स्कैन मशीन लगी थी। यहां पर 35 से 40 सीटी स्कैन रोजाना होते थे। कम क्षमता की मशीन होने के चलते मरीजों को इंतजार करना पड़ता था। जुलाई में आई बाढ़ से राजकीय मेडिकल कॉलेज में जलभराव हो गया था। पानी में डूबकर सीटी स्कैन मशीन खराब हो गई थी। तब से अभी तक सीटी स्कैन शुरू नहीं हो सके।
इस बीच काॅलेज ने पांच करोड़ की लागत से नई सीटी स्कैन मशीन मंगाकर लगवा दी। पुराने ड्रग स्टोर के पास मशीन को लगवा दिया गया था। तब भी मरीजों को राहत नहीं मिल सकी। वहीं पीपीपी मॉडल के जरिये दूसरी मशीन भी आ गई। उसे स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। प्राचार्य डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि कॉलेज की ओर से लगी मशीन के लिए एनओसी आने का इंतजार है। दोनों ही मशीनों को एक सप्ताह में शुरू करा दिया जाएगा।
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अजीजगंज स्थित राजकीय मेडिकल कॉलेज में पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप के जरिये सीटी स्कैन मशीन लगी थी। यहां पर 35 से 40 सीटी स्कैन रोजाना होते थे। कम क्षमता की मशीन होने के चलते मरीजों को इंतजार करना पड़ता था। जुलाई में आई बाढ़ से राजकीय मेडिकल कॉलेज में जलभराव हो गया था। पानी में डूबकर सीटी स्कैन मशीन खराब हो गई थी। तब से अभी तक सीटी स्कैन शुरू नहीं हो सके।
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इस बीच काॅलेज ने पांच करोड़ की लागत से नई सीटी स्कैन मशीन मंगाकर लगवा दी। पुराने ड्रग स्टोर के पास मशीन को लगवा दिया गया था। तब भी मरीजों को राहत नहीं मिल सकी। वहीं पीपीपी मॉडल के जरिये दूसरी मशीन भी आ गई। उसे स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। प्राचार्य डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि कॉलेज की ओर से लगी मशीन के लिए एनओसी आने का इंतजार है। दोनों ही मशीनों को एक सप्ताह में शुरू करा दिया जाएगा।
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