फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shahjahanpur News ›   Crores shed on cleanliness but bushes have grown... canals are overflowing

Shahjahanpur News: सफाई पर करोड़ों बहाए पर उगी हैं झाड़ियां... उफना रहीं नहरें

Wed, 01 Feb 2023 07:00 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Wed, 01 Feb 2023 07:00 AM IST
विज्ञापन
Crores shed on cleanliness but bushes have grown... canals are overflowing
मीरानपुर कटरा में नहर की सफाई ना होने से उगी घास । संवाद - फोटो : SHAHJAHANPUR
शाहजहांपुर। जिले में फसलों की सिंचाई के लिए नहरों का जाल बिछा हुआ है। हर साल नहरों की सफाई पर करोड़ों रुपये खर्च होते हैं। इस साल भी हुए पर काम सिर्फ कागजों में हुआ। छोटी नहरों की सफाई और उनके रखरखाव पर तो ध्यान ही नहीं दिया जा रहा है। सिल्ट जमा होने से नहरें उफना रही हैं। पानी आसपास के खेतों और सड़कों पर भर रहा है। ददरौल क्षेत्र में चांदापुर नहर का पानी फसलों के साथ ही स्कूल में भर गया है।
विज्ञापन

जिले की तीन लाख हेक्टेयर से अधिक कृषि भूमि की सिंचाई को छोटी-बड़ी 121 नहरें हैं। इनमें शारदा नहर खंड की 80, राष्ट्रीय जल प्रबंध योजना की 36, नलकूप खंड की तीन और शारदा सागर खंड (लखीमपुर खीरी) की दो नहरें शामिल हैं। जिले में नहरों की लंबाई करीब 600 किमी है। विभागीय अभियंताओं के अनुसार नहरों की सिल्ट सफाई पर प्रति किमी लगभग 30 से 35 हजार रुपये खर्च होते हैं। हर साल नहरों की सफाई पर दो करोड़ रुपये का बजट जारी होता है, लेकिन इस वर्ष कई नहरों की सिल्ट सफाई नहीं होने से उनमें पानी ओवरफ्लो हो रहा है।
विज्ञापन

ददरौल क्षेत्र में अक्सर उफनाती है नहर
ददरौल। लखनऊ-दिल्ली हाईवे के टोल प्लाजा से रुद्रपुर, बिजलापुर, कारीनौशारा और सरौरा से चौहनापुर तक 30 किमी लंबी नलकूप खंड की नहर को अजीजगंज डाम से भी जोड़ा गया है। इस बार भी नहर की सफाई चांदापुर गांव तक कराई गई, लेकिन वहां से चौहनापुर तक 15 किमी हिस्से में वर्षों से सफाई न होने के कारण कासिमगंज गांव के आगे नहर में झाड़ियां उग आई हैं। पानी चांदापुर गांव से आगे नहीं बढ़ने पर पटरियों के ऊपर से बहने लगता है। बरेग गांव के पास 300 बीघा गेहूं समेत रबी की फसलें डूब चुकी हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

नहर में उग आई घास और झाड़ियां
मीरानपुर कटरा। नगर सहित आसपास गांवों के किसान शारदा नहर के अलावा उससे निकलने वाले तिलहर रजबहा, सैदापुर रजबहा, रमापुर माइनर, उखली माइनर, सालपुर माइनर आदि से फसलों की सिंचाई करते हैं। पिछले काफी दिनों से इन नहरों की सफाई पर कोई ध्यान नहीं दिए जाने से उनमें लंबी घास और झाड़ियां उग आई हैं। इस कारण पानी आने पर उथली नहरें उफनाकर फसलों का नुकसान करती हैं, जबकि नहरों के अंतिम छोर वाले खेतों तक पानी नहीं पहुंच रहा है।
जैतीपुर में नहर पटरी पर हुए अवैध कब्जे
जैतीपुर। क्षेत्र में कटरा की शारदा नहर और बरेली के रजबहा से निकली दो माइनरें करीब 50 गांवों की फसलों को सींचने के काम आती रहीं। करीब 13 किमी लंबी शारदा माइनर ताहरपुर, खेड़ा रठ, बझेड़ा भगवानपुर, नौगवां, गोहावर, विक्रमपुर और शिकारपुर होकर बहगुल नदी में मिलती है। इस नहर की सफाई हो चुकी है, लेकिन बरेली रजबहा की सफाई नहीं कराई गई। जगह-जगह कुलाबे कटने और नालियां गायब होने के साथ नहर पटरियों पर अवैध कब्जे हो गए हैं। इस कारण खमरिया, धीमरपुरा, बमियाना, पलिहुरा, करकौर, खिरिया, जुझारपुर, कटहा, बैसरा बैसरी, गोरा बकैनियां आदि गांवों के किसान नलकूप से महंगी सिंचाई करने को मजबूर हैं।

वर्जन
जिले की सभी छोटी-बड़ी नहरों की हर साल दिसंबर माह में एक साथ सिल्ट सफाई कराई जाती है। इसमें बड़ी नहरों को प्राथमिकता दी जाती है। शारदा नहर खंड की यहां से नियंत्रित होने वाली नहरों का जाल शाहजहांपुर के अलावा पीलीभीत, बरेली और हरदोई तक फैला है। नहर खंड की 80 नहरों की सिल्ट सफाई को इस वर्ष 2.18 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए। सफाई का काम पूरा हो चुका है, लेकिन अभी स्वीकृत बजट की आधी धनराशि मिल सकी है। ग्रामीण क्षेत्र की माइनरों सर्वे कराकर उनकी कमियां दूर कराई जाएंगी। - सुनील भास्कर, अधिशासी अभियंता, शारदा नहर खंड
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed