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मौत के मुंह में समाया एक और किसान
चांदपुर (खुटार)।
Updated Sun, 12 Apr 2015 09:14 PM IST
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मसूर और गेहूं की फसल बर्बाद होने का सदमा गांव धनसिंहपुर के 62 वर्षीय किसान राजाराम भी बर्दाश्त नहीं कर सके। शनिवार को उन्हें हार्टअटैक हुआ। जब तक उन्हें इलाज के लिए ले जाने की व्यवस्था की जाती तब तक उन्होंने दम तोड़ दिया। उनकी मौत से घर में कोहराम मचा हुआ है।
राजाराम के पुत्र ब्रजेश कुमार ने बताया कि उनकी पुत्री पदमा की एक मई को शादी है। इस बार पिता ने सात बीघा खेत में मसूर और सात बीघा में गेहूं की फसल बोई थी। शनिवार को मसूर की गहाई हुई तो बारिश के कारण खराब हुई फसल में उत्पादन बेहद कम मिला। गेहूं की फसल भी बारिश में खराब हो गई थी। पिता राजाराम इसको लेकर काफी परेशान थे। शनिवार शाम उन्हें सीने में दर्द की शिकायत हुई। जब तक उन्हें इलाज के लिए ले जाने का प्रबंध किया तब तक उनकी मौत हो गई।
राजाराम के छोटे पुत्र 35 वर्षीय इंद्रजीत की जनवरी, 2015 में संदिग्ध हालत में मौत हो गई थी। वह जवान बेटे की मौत से भी काफी परेशान रहते थे। ऊपर से फसल खराब हो जाने का सदमा उन्हें बर्दाश्त नहीं हो सका। एसडीएम लालबहादुर का कहना है कि धनसिंहपुर में किसान की सदमे के चलते मौत की जानकारी उन्हें नहीं है।
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राजाराम के पुत्र ब्रजेश कुमार ने बताया कि उनकी पुत्री पदमा की एक मई को शादी है। इस बार पिता ने सात बीघा खेत में मसूर और सात बीघा में गेहूं की फसल बोई थी। शनिवार को मसूर की गहाई हुई तो बारिश के कारण खराब हुई फसल में उत्पादन बेहद कम मिला। गेहूं की फसल भी बारिश में खराब हो गई थी। पिता राजाराम इसको लेकर काफी परेशान थे। शनिवार शाम उन्हें सीने में दर्द की शिकायत हुई। जब तक उन्हें इलाज के लिए ले जाने का प्रबंध किया तब तक उनकी मौत हो गई।
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राजाराम के छोटे पुत्र 35 वर्षीय इंद्रजीत की जनवरी, 2015 में संदिग्ध हालत में मौत हो गई थी। वह जवान बेटे की मौत से भी काफी परेशान रहते थे। ऊपर से फसल खराब हो जाने का सदमा उन्हें बर्दाश्त नहीं हो सका। एसडीएम लालबहादुर का कहना है कि धनसिंहपुर में किसान की सदमे के चलते मौत की जानकारी उन्हें नहीं है।
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