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खुटार के तीन युवकों की मार्ग दुर्घटना में मौत
ख्ाुटार (श्ााहजहांपुर)
Updated Sun, 14 Dec 2014 11:02 PM IST
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जीप से रुद्रपुर जा रहे नगर के मोहल्ला रायटोला निवासी अवधेश शर्मा (32),
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मोहल्ला पश्चिमी गढ़ी निवासी अतुल कुमार (17) और गांव रूरा निवासी सुखपाल
सिंह उर्फ कमल (30) की शनिवार रात उत्तराखंड के सितारगंज में मार्ग
दुर्घटना में मौत हो गई।
तीनों युवकों की जीप को कंटेनर ने टक्कर मार दी, जिससे जीप के परखचे उड़ गए और तीनों की मौके पर ही मौत हो गई। शनिवार देर रात सूचना मिलने पर तीनों के परिवार में कोहराम मच गया। पोस्टमार्टम के बाद रविवार देर शाम तीनों के परिजन शव ले आए।
सुखपाल सिंह उर्फ कमल के रिश्तेदार परविंदर सिंह का खुटार के अलावा कई और जगह टायर रिट्रेडिंग का काम है। सुखपाल भी उसके साथ काम करता था। परविंदर की पत्नी रूबी कौर का रुद्र्रपुर में आपरेशन हुआ था, जिस पर सुखपाल दो अन्य साथियों संग उसे देखने रुद्रपुर जा रहा था।
सितारगंज से मिली जानकारी के मुताबिक रात में करीब 9:15 बजे सितारगंज से आगे निकलते ही एनएच 74 पर इंदिरानगर के पास शैली पुल के समीप उनकी जीप को विपरीत दिशा से आ रहे कंटेनर यूपी 32 डीएन 2843 ने टक्कर मार दी।
हादसे में जीप के कई टुकड़े हो गए और अवध्ेाश और अतुल ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि सुखपाल ने सितारंगज के अस्पताल में दम तोड़ दिया। रात में ही परिवार के लोगों को हादसे की सूचना मिली तो कोहराम मच गया।
रोते-बिलखते परिवार के लोग उत्तराखंड रवाना हो गए। रविवार को पोस्टमार्टम के बाद देर शाम शव घर पहुंचे। मृतकों के परिवार के लोगों का रो रोकर बुरा हाल है।
अतुल पर थी दो बहनों की शादी की जिम्मेदारी
खुटार। हादसे में मृत अतुल के पिता की मौत पहले ही हो चुकी थी। तीन बहनों के बीच अतुल अकेला था। एक बहन शिल्पी की शादी हो चुकी है। दूसरी बहन खुशबू की शादी उसने पड़ोस के गांव रौतापुर में तय की थी। सगाई और गोद भराई की रस्म हो चुकी थी। जनवरी में शादी होनी थी।
सुखपाल की बच सकती थी जान
सितारगंज (ब्यूरो)। कंटेनर की टक्कर से मृत जीप सवार तीन युवकों में सुखपाल सिंह उर्फ कमल की सांसें चल रही थी। आसपास के लोगों ने हादसे के बाद पुलिस को तुरंत सूचना दी थी लेकिन न तो पुलिस समय से पहुंची और न ही आपातकालीन 108 एंबुलेंस। करीब एक घंटा देरी से पुलिस के पहुंचने के बाद आपातकालीन 108 एंबुलेंस आई। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि अगर पुलिस, एंबुलेंस समय से आ जाती तो कमल की जान बच सकती थी।
तीनों युवकों की जीप को कंटेनर ने टक्कर मार दी, जिससे जीप के परखचे उड़ गए और तीनों की मौके पर ही मौत हो गई। शनिवार देर रात सूचना मिलने पर तीनों के परिवार में कोहराम मच गया। पोस्टमार्टम के बाद रविवार देर शाम तीनों के परिजन शव ले आए।
सुखपाल सिंह उर्फ कमल के रिश्तेदार परविंदर सिंह का खुटार के अलावा कई और जगह टायर रिट्रेडिंग का काम है। सुखपाल भी उसके साथ काम करता था। परविंदर की पत्नी रूबी कौर का रुद्र्रपुर में आपरेशन हुआ था, जिस पर सुखपाल दो अन्य साथियों संग उसे देखने रुद्रपुर जा रहा था।
सितारगंज से मिली जानकारी के मुताबिक रात में करीब 9:15 बजे सितारगंज से आगे निकलते ही एनएच 74 पर इंदिरानगर के पास शैली पुल के समीप उनकी जीप को विपरीत दिशा से आ रहे कंटेनर यूपी 32 डीएन 2843 ने टक्कर मार दी।
हादसे में जीप के कई टुकड़े हो गए और अवध्ेाश और अतुल ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि सुखपाल ने सितारंगज के अस्पताल में दम तोड़ दिया। रात में ही परिवार के लोगों को हादसे की सूचना मिली तो कोहराम मच गया।
रोते-बिलखते परिवार के लोग उत्तराखंड रवाना हो गए। रविवार को पोस्टमार्टम के बाद देर शाम शव घर पहुंचे। मृतकों के परिवार के लोगों का रो रोकर बुरा हाल है।
अतुल पर थी दो बहनों की शादी की जिम्मेदारी
खुटार। हादसे में मृत अतुल के पिता की मौत पहले ही हो चुकी थी। तीन बहनों के बीच अतुल अकेला था। एक बहन शिल्पी की शादी हो चुकी है। दूसरी बहन खुशबू की शादी उसने पड़ोस के गांव रौतापुर में तय की थी। सगाई और गोद भराई की रस्म हो चुकी थी। जनवरी में शादी होनी थी।
सुखपाल की बच सकती थी जान
सितारगंज (ब्यूरो)। कंटेनर की टक्कर से मृत जीप सवार तीन युवकों में सुखपाल सिंह उर्फ कमल की सांसें चल रही थी। आसपास के लोगों ने हादसे के बाद पुलिस को तुरंत सूचना दी थी लेकिन न तो पुलिस समय से पहुंची और न ही आपातकालीन 108 एंबुलेंस। करीब एक घंटा देरी से पुलिस के पहुंचने के बाद आपातकालीन 108 एंबुलेंस आई। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि अगर पुलिस, एंबुलेंस समय से आ जाती तो कमल की जान बच सकती थी।