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पुवायां का चर्चित शालिनी हत्याकांड
Updated Sun, 18 Jun 2017 08:07 PM IST
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पुवायां (शाहजहांपुर)। पुत्री को जहर देकर मारने और शव को जलाने के आरोप में दो माह से फरार चल रहे मनोज और उसकी महिला मित्र नीरज को पुलिस ने रविवार की सुबह गिरफ्तार कर लिया। दोनों शनिवार रात ही यहां आए थे। पुलिस ने मनोज और नीरज को शरण देने के आरोप में पिता-पुत्र को भी बंदी बना लिया।
गौरतलब है कि क्षेत्र के गांव भिलावां निवासी मनोज यादव का अपनी पत्नी रेखा यादव सेे काफी समय से विवाद चल रहा था। रेखा पति से अलग शाहजहांपुर में रहती है। उसके बच्चे मनोज के साथ रहते थे। छह अप्रैल को रेखा ने 16 वर्षीय पुत्री शालिनी की हत्या कर कॉलेज परिसर में ही शव जलाने की सूचना पुलिस को दी थी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर चिता से अधजला शव कब्जे में ले लिया था। रात में ही रेखा की ओर से ससुर रामकुमार, पति मनोज, उसकी महिला मित्र नीरज देवी और गांव के ही शिव सिंह के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली थी। रामकुमार को मौके से और बाद में शिव सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। मनोज और नीरज फरार चल रहे थे।
एसपी की ओर से दोनों पर पांच-पांच हजार रुपये का ईनाम भी घोषित किया गया था। रविवार की सुबह पुलिस ने थाने से चंद कदम की दूरी पर राजा मार्केट में शर्मा टेलर वाली गली में जयचंद के घर से दोनों को दबोच लिया। इस दौरान जयचंद और उसके पुत्र रविंद्र को हत्यारोपियों को शरण देने के आरोप में भी गिरफ्तार किया गया। रविवार दोपहर को एएसपी ग्रामीण सुभाषचंद्र शाक्य ने प्रेसवार्ता करते हुए मामले का खुलासा किया। इसके बाद सभी का चालान कर दिया। गिरफ्तारी करने वाली टीम में कोतवाली प्रभारी अशोक पाल, एसआई प्रमोद कुमार, नासिर खां, सिपाही राजवीर सिंह, यशवीर सिंह, महिला सिपाही गायत्री त्यागी शामिल रही।
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....जब पुत्र को घेरा तब पकड़ में आया मनोज
पुवायां। शालिनी की हत्या के बाद से पिता के बचाव में शुरुआत से ही लगा मृतका का भाई शनिवार को पुलिस की घेराबंदी में टूट गया। इससे पुलिस को कई क्लू हाथ लगे और दो माह तक पुलिस को थकाने वाले मनोज और नीरज कुछ ही घंटों में पुलिस की गिरफ्त में फंस गये।
पुलिस ने शनिवार को मनोज के पुत्र को पूछताछ के लिए बुलाया। इसके बाद उसने गाजियाबाद में दोनों के रहने की बात कही। जिस पर एक टीम गाजियाबाद भेजी गई। मनोज का पुत्र वहां पुलिस को कई घंटे तक टहलाता रहा। इसके बाद उसने पुलिस को बताया कि पुवायां के जयचंद का पुत्र गाजियाबाद में मनोज को एक बार पैसे दे गया था। इसके बाद पुलिस ने जयचंद के घर दबिश दी। इस दौरान घर के सभी सदस्यों को एक साथ बैठाकर पूछताछ शुरू कर दी गई। पूछताछ में पुलिस के सामने नीरज मौजूद रही, और पास में ही तख्त पर मनोज भी मुंह पर कपड़ा डाले लेटा था, लेकिन पुलिस दोनों को नहीं पहचान पाने के कारण जान नहीं सकी। पुलिस नीरज से ही उसके बारे में सवाल कर रही थी। बाद में पुलिस ने जयचंद के पुत्र रविंद्र से कड़ाई से पूछताछ की तो उसने दोनों की पहचान करा दी। इससे पुलिस ने दोनों को हिरासत में ले लिया।
दिखाया बहन का सुसाइड नोट, पुलिस ने बताया फर्जी
पिता मनोज की गिरफ्तारी के बाद थाने पहुंचे मनोज के 16 वर्षीय पुत्र ने एक सुसाइड नोट दिखाते हुए बताया कि उसकी बहन शालिनी की हत्या नहीं की गई है। शालिनी ने सुसाइड किया है। मरने से पहले शालिनी का लिखा पत्र उसके पास है। पुलिस ने उससे कहा कि सुसाइड नोट अबी तक पुलिस को क्यों नहीं दिया तो वह कोई जवाब नहीं दे सका। कोतवाली प्रभारी अशोक पाल सिंह ने बताया कि सुसाइड नोट फर्जी है।
धार्मिक स्थलों पर घूमकर की पूजा अर्चना
छह अप्रैल को पुत्री की हत्या में नामजद होने के बाद मनोज अपनी महिला मित्र नीरज के साथ में फरार हो गया था। पुलिस के पूछने पर मनोज ने बताया कि वह इस दौरान हरिद्वार आदि धार्मिक स्थलों पर घूमने गया और देवी-देवताओं के दर्शन कर पूजा अर्चना की। इसके बाद वह शनिवार रात मदद के लिए पुवायां आया था। अगर वह रविवार को पुलिस से बच जाता तो फिर से बाहर निकल जाता।
मनोज ने नीरज को बताया पत्नी
एएसपी ग्रामीण के प्रेसवार्ता के दौरान मीडिया ने जब मनोज से नीरज के बारे में पूछा तो उसने बताया कि नीरज उसकी पत्नी है। जुलाई16 में उसके साथ शादी कर चुका है।
रेखा ने किया पुत्र को ले जाने से इंकार
रविवार को मनोज और नीरज को जेल ले जाने के दौरान उसका पुत्र भी उसके साथ जाने लगा तो पुलिस ने उसे रोक लिया। पूछने पर कहा कि वह भी पिता के साथ ही जेल जाएगा। जिस पर पुलिस ने रेखा से पुत्र को साथ ले जाने को कहा तो उसने साफ इंकार कर दिया और चली गई। बाद में पुलिस ने मनोज के पुत्र को उसके रिश्तेदार की सुपुर्दगी में दे दिया।
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गौरतलब है कि क्षेत्र के गांव भिलावां निवासी मनोज यादव का अपनी पत्नी रेखा यादव सेे काफी समय से विवाद चल रहा था। रेखा पति से अलग शाहजहांपुर में रहती है। उसके बच्चे मनोज के साथ रहते थे। छह अप्रैल को रेखा ने 16 वर्षीय पुत्री शालिनी की हत्या कर कॉलेज परिसर में ही शव जलाने की सूचना पुलिस को दी थी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर चिता से अधजला शव कब्जे में ले लिया था। रात में ही रेखा की ओर से ससुर रामकुमार, पति मनोज, उसकी महिला मित्र नीरज देवी और गांव के ही शिव सिंह के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली थी। रामकुमार को मौके से और बाद में शिव सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। मनोज और नीरज फरार चल रहे थे।
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एसपी की ओर से दोनों पर पांच-पांच हजार रुपये का ईनाम भी घोषित किया गया था। रविवार की सुबह पुलिस ने थाने से चंद कदम की दूरी पर राजा मार्केट में शर्मा टेलर वाली गली में जयचंद के घर से दोनों को दबोच लिया। इस दौरान जयचंद और उसके पुत्र रविंद्र को हत्यारोपियों को शरण देने के आरोप में भी गिरफ्तार किया गया। रविवार दोपहर को एएसपी ग्रामीण सुभाषचंद्र शाक्य ने प्रेसवार्ता करते हुए मामले का खुलासा किया। इसके बाद सभी का चालान कर दिया। गिरफ्तारी करने वाली टीम में कोतवाली प्रभारी अशोक पाल, एसआई प्रमोद कुमार, नासिर खां, सिपाही राजवीर सिंह, यशवीर सिंह, महिला सिपाही गायत्री त्यागी शामिल रही।
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....जब पुत्र को घेरा तब पकड़ में आया मनोज
पुवायां। शालिनी की हत्या के बाद से पिता के बचाव में शुरुआत से ही लगा मृतका का भाई शनिवार को पुलिस की घेराबंदी में टूट गया। इससे पुलिस को कई क्लू हाथ लगे और दो माह तक पुलिस को थकाने वाले मनोज और नीरज कुछ ही घंटों में पुलिस की गिरफ्त में फंस गये।
पुलिस ने शनिवार को मनोज के पुत्र को पूछताछ के लिए बुलाया। इसके बाद उसने गाजियाबाद में दोनों के रहने की बात कही। जिस पर एक टीम गाजियाबाद भेजी गई। मनोज का पुत्र वहां पुलिस को कई घंटे तक टहलाता रहा। इसके बाद उसने पुलिस को बताया कि पुवायां के जयचंद का पुत्र गाजियाबाद में मनोज को एक बार पैसे दे गया था। इसके बाद पुलिस ने जयचंद के घर दबिश दी। इस दौरान घर के सभी सदस्यों को एक साथ बैठाकर पूछताछ शुरू कर दी गई। पूछताछ में पुलिस के सामने नीरज मौजूद रही, और पास में ही तख्त पर मनोज भी मुंह पर कपड़ा डाले लेटा था, लेकिन पुलिस दोनों को नहीं पहचान पाने के कारण जान नहीं सकी। पुलिस नीरज से ही उसके बारे में सवाल कर रही थी। बाद में पुलिस ने जयचंद के पुत्र रविंद्र से कड़ाई से पूछताछ की तो उसने दोनों की पहचान करा दी। इससे पुलिस ने दोनों को हिरासत में ले लिया।
दिखाया बहन का सुसाइड नोट, पुलिस ने बताया फर्जी
पिता मनोज की गिरफ्तारी के बाद थाने पहुंचे मनोज के 16 वर्षीय पुत्र ने एक सुसाइड नोट दिखाते हुए बताया कि उसकी बहन शालिनी की हत्या नहीं की गई है। शालिनी ने सुसाइड किया है। मरने से पहले शालिनी का लिखा पत्र उसके पास है। पुलिस ने उससे कहा कि सुसाइड नोट अबी तक पुलिस को क्यों नहीं दिया तो वह कोई जवाब नहीं दे सका। कोतवाली प्रभारी अशोक पाल सिंह ने बताया कि सुसाइड नोट फर्जी है।
धार्मिक स्थलों पर घूमकर की पूजा अर्चना
छह अप्रैल को पुत्री की हत्या में नामजद होने के बाद मनोज अपनी महिला मित्र नीरज के साथ में फरार हो गया था। पुलिस के पूछने पर मनोज ने बताया कि वह इस दौरान हरिद्वार आदि धार्मिक स्थलों पर घूमने गया और देवी-देवताओं के दर्शन कर पूजा अर्चना की। इसके बाद वह शनिवार रात मदद के लिए पुवायां आया था। अगर वह रविवार को पुलिस से बच जाता तो फिर से बाहर निकल जाता।
मनोज ने नीरज को बताया पत्नी
एएसपी ग्रामीण के प्रेसवार्ता के दौरान मीडिया ने जब मनोज से नीरज के बारे में पूछा तो उसने बताया कि नीरज उसकी पत्नी है। जुलाई16 में उसके साथ शादी कर चुका है।
रेखा ने किया पुत्र को ले जाने से इंकार
रविवार को मनोज और नीरज को जेल ले जाने के दौरान उसका पुत्र भी उसके साथ जाने लगा तो पुलिस ने उसे रोक लिया। पूछने पर कहा कि वह भी पिता के साथ ही जेल जाएगा। जिस पर पुलिस ने रेखा से पुत्र को साथ ले जाने को कहा तो उसने साफ इंकार कर दिया और चली गई। बाद में पुलिस ने मनोज के पुत्र को उसके रिश्तेदार की सुपुर्दगी में दे दिया।