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मेडिकल में चोट की पुष्टि तो रिपोर्ट क्यों नहीं..
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चिनौर पुवायां मार्ग पर जाम के दौरान पूर्व ग्राम प्रधान से बातचीत करते सीओ । संवाद
- फोटो : SHAHJAHANPUR
शाहजहांपुर। विधायक के बेटे के युवक को पीटने के मामले में कार्रवाई करने में पुलिस की हीलाहवाली के चलते नाराज पीड़ित के परिजनों ने हाईवे पर जाम लगा दिया। परिजनों का कहना था कि जब मेडिकल परीक्षण में युवक की पिटाई की बात पुष्ट हो चुकी है तो एफआईआर दर्ज कर आरोपियों की गिरफ्तारी क्यों नहीं की जा रही। बाद में उत्तेजित लोग रिपोर्ट लिखे जाने पर ही शांत हुए। वहीं विधायक के बेटे ने भी पीड़ित के परिजन के खिलाफ तहरीर दी। जिस पर पीड़ित शंकर के रिश्तेदार और निवर्तमान प्रधान गंगासागर वर्मा, प्रमोद वर्मा, कला और 20-25 अज्ञात लोगों के खिलाफ जानलेवा हमले और एससी-एसटी एक्ट और अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई।
मंगलवार रात विधायक के बेटे नीरज पर चिनौर गांव के रहने वाले और निवर्तमान प्रधान गंगासागर वर्मा के चचेरे भाई शंकर ने जानलेवा हमले का आरोप लगाया। गंगासागर का कहना था कि शंकर को बुरी तरह पीटा गया लेकिन तहरीर के बावजूद सदर बाजार थाने की पुलिस ने एफआईआर दर्ज करने में जानबूझकर लापरवाही बरती। इसी के चलते नाराज ग्रामीणों ने बुधवार सुबह लगभग साढ़े नौ बजे पुवायां रोड पर जाम लगा दिया। इसके बाद सीओ प्रवीण यादव और सदर बाजार प्रभारी निरीक्षक अशोक पाल मौके पर पहुंचे और कार्रवाई का आश्वासन देकर जाम खुलवाया।
आरोप-प्रत्यारोप
पुवायां विधायक चेतराम ने आरोप लगाया कि गंगासागर वर्मा गांव चिनौर के पूर्व प्रधान हैं और उन्होंने ग्राम सभा की भूमि पर कब्जा कर रखा है। पास में ही उनका कार्यालय है। गंगसागर वहीं पर ठेले लगवाते हें, जहां लोग शराब पीते हैं। इसको लेकर वह कई बार पुलिस से शिकायत कर चुके हैं। चेतराम ने बताया कि 26 जनवरी को कुछ लोग ठेले पर शराब पी रहे थे। बेटे नीरज ने गणतंत्र दिवस पर खुलेआम शराब पीने पर टोका तो आरोपी गाली गलौज करने लगे। उनके पुत्र के घर आ जाने पर आरोपी रात नौ बजे 20 से 25 लोगों के साथ उनके मकान पर आकर जातिसूचक गालियां देने लगे। घर पर पथराव भी किया गया। इसके प्रमाण सीसीटीवी कैमरों में हैं। बेटे नीरज ने भी पुलिस को तहरीर दी है। उनकी साफ सुथरी छवि को खराब करने के लिए षड्यंत्र रचा जा रहा है। पूरे प्रकरण के पीछे एक नेता का हाथ है। पुलिस की जांच में सच्चाई सामने आ जाएगी। वहीं गंगासागर वर्मा का कहना है कि पेशबंदी में सत्ता के दबाव में उन पर एफआईआर दर्ज कराई गई है। जबकि उनके चचेरे भाई शंकर को नीरज ने सरेआम जमकर पीटा था और जान से मारने की नीयत से गला दबा दिया था जिसके निशान उसके गले पर हैं। शंकर का मेडिकल परीक्षण भी कराया गया था।
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पहले भी हो चुके विवाद
गंगासागर वर्मा ने बताया कि विधायक चेतराम के बेटे नीरज का पहले भी विवादों से नाता रहा है। 2017 में विधानसभा चुनाव के परिणाम से पहले एक महिला दरोगा से विवाद को लेकर भी नीरज चर्चा में आया था। चिनौर और सिंधौली के एक-दो मामलों में भी उन पर विवाद करने के आरोप लगे थे। हालांकि विधायक चेतराम ने इन सब आरोपों को उनकी छवि खराब करने का षड्यंत्र बताया था।
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मंगलवार रात विधायक के बेटे नीरज पर चिनौर गांव के रहने वाले और निवर्तमान प्रधान गंगासागर वर्मा के चचेरे भाई शंकर ने जानलेवा हमले का आरोप लगाया। गंगासागर का कहना था कि शंकर को बुरी तरह पीटा गया लेकिन तहरीर के बावजूद सदर बाजार थाने की पुलिस ने एफआईआर दर्ज करने में जानबूझकर लापरवाही बरती। इसी के चलते नाराज ग्रामीणों ने बुधवार सुबह लगभग साढ़े नौ बजे पुवायां रोड पर जाम लगा दिया। इसके बाद सीओ प्रवीण यादव और सदर बाजार प्रभारी निरीक्षक अशोक पाल मौके पर पहुंचे और कार्रवाई का आश्वासन देकर जाम खुलवाया।
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आरोप-प्रत्यारोप
पुवायां विधायक चेतराम ने आरोप लगाया कि गंगासागर वर्मा गांव चिनौर के पूर्व प्रधान हैं और उन्होंने ग्राम सभा की भूमि पर कब्जा कर रखा है। पास में ही उनका कार्यालय है। गंगसागर वहीं पर ठेले लगवाते हें, जहां लोग शराब पीते हैं। इसको लेकर वह कई बार पुलिस से शिकायत कर चुके हैं। चेतराम ने बताया कि 26 जनवरी को कुछ लोग ठेले पर शराब पी रहे थे। बेटे नीरज ने गणतंत्र दिवस पर खुलेआम शराब पीने पर टोका तो आरोपी गाली गलौज करने लगे। उनके पुत्र के घर आ जाने पर आरोपी रात नौ बजे 20 से 25 लोगों के साथ उनके मकान पर आकर जातिसूचक गालियां देने लगे। घर पर पथराव भी किया गया। इसके प्रमाण सीसीटीवी कैमरों में हैं। बेटे नीरज ने भी पुलिस को तहरीर दी है। उनकी साफ सुथरी छवि को खराब करने के लिए षड्यंत्र रचा जा रहा है। पूरे प्रकरण के पीछे एक नेता का हाथ है। पुलिस की जांच में सच्चाई सामने आ जाएगी। वहीं गंगासागर वर्मा का कहना है कि पेशबंदी में सत्ता के दबाव में उन पर एफआईआर दर्ज कराई गई है। जबकि उनके चचेरे भाई शंकर को नीरज ने सरेआम जमकर पीटा था और जान से मारने की नीयत से गला दबा दिया था जिसके निशान उसके गले पर हैं। शंकर का मेडिकल परीक्षण भी कराया गया था।
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पहले भी हो चुके विवाद
गंगासागर वर्मा ने बताया कि विधायक चेतराम के बेटे नीरज का पहले भी विवादों से नाता रहा है। 2017 में विधानसभा चुनाव के परिणाम से पहले एक महिला दरोगा से विवाद को लेकर भी नीरज चर्चा में आया था। चिनौर और सिंधौली के एक-दो मामलों में भी उन पर विवाद करने के आरोप लगे थे। हालांकि विधायक चेतराम ने इन सब आरोपों को उनकी छवि खराब करने का षड्यंत्र बताया था।