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Shahjahanpur News: खुटार के मु़ख्य चौराहे के पास दुकानों का निर्माण रुकवाया
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खुटार। खुटार में सड़क किनारे करोड़ों की कीमत की जमीन पर चल रहे निर्माण कार्य को एसडीएम चित्रा निर्वाल के आदेश पर रुकवा दिया गया है। कुछ जमीन पर कब्जे के मामले में रिपोर्ट दर्ज होने और पास की जमीन पर निर्माण को हरी झंडी देने के बाद अब निर्माण रुकवा दिए जाने से राजस्वकर्मियों की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। निर्माण सरकारी भूमि पर पाया गया तो राजस्वकर्मियों पर कार्रवाई भी तय मानी जा रही है।
खुटार कस्बे में एक स्थान पर दुकानों आदि का निर्माण कराने के लिए नींव खोदे जाने पर लोगों ने सरकारी भूमि पर कब्जे का आरोप लगाते हुए शिकायत की थी। नायब तहसीलदार ने मौका मुआयना कर निर्माण रुकवा दिया था। कई दिन तक निर्माण कार्य बंद रहा, लेकिन बाद में निर्माण कार्य फिर से शुरू हो गया था। दुकान का निर्माण करा रहे लोगों का कहना था कि लेखपाल ने पैमाइश की थी, जिसमें जमीन सरकारी नहीं पाई गई है। इसके बाद निर्माण कार्य शुरू कराया गया था।
उधर शिकायत करने वालों का कहना है कि जिस जगह पर निर्माण हो रहा है, वहां कभी एक बड़ा तालाब था। जमीन सरकारी है, लेकिन राजस्वकर्मियों की सांठगांठ के चलते निर्माण शुरू करा दिया गया है। जिस जमीन पर निर्माण हो रहा है, उसके दोनाें ओर सरकारी जमीन बताते हुए कब्जा करने वालों पर पूर्व में ही रिपोर्ट दर्ज है। ऐसे में बीच की जमीन भी सरकारी है, लेकिन निर्माण पर रोक नहीं लगवाई जा रही है। इसके अलावा जमीन रोड के किनारे होने के चलते पीडब्ल्यूडी को भी जांच कर कार्रवाई करनी चाहिए थी।
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ईओ सहित 22 लोगों पर दर्ज हुई थी रिपोर्ट
2018 में इसी जमीन के पास दुकानों का निर्माण कराने का प्रयास किया गया था। तब तत्कालीन डीएम के आदेश पर नगर पंचायत के तत्कालीन ईओ सहित 22 लोगों पर सरकारी भूमि पर कब्जा करने के आरोप में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। यह मामला कोर्ट में विचाराधीन है। अब पास में ही निर्माण कार्य को हरी झंडी दिए जाने पर ईओ और राजस्वकर्मियों पर सवाल उठ रहे हैं। पूर्व में खुटार में तैनात रहे एक राजस्वकर्मी का कहना है कि निर्माण गलत हो रहा है।
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लेखपाल से पैमाइश कराई गई थी। लेखपाल की रिपोर्ट के अनुसार निर्माण निजी गाटा पर हो रहा है। रिपोर्ट अधिकारियों को भेजी गई थी। शिकायतें मिलने पर निर्माण रुकवा दिया गया है।
चित्रा निर्वाल, एसडीएम पुवायां
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खुटार कस्बे में एक स्थान पर दुकानों आदि का निर्माण कराने के लिए नींव खोदे जाने पर लोगों ने सरकारी भूमि पर कब्जे का आरोप लगाते हुए शिकायत की थी। नायब तहसीलदार ने मौका मुआयना कर निर्माण रुकवा दिया था। कई दिन तक निर्माण कार्य बंद रहा, लेकिन बाद में निर्माण कार्य फिर से शुरू हो गया था। दुकान का निर्माण करा रहे लोगों का कहना था कि लेखपाल ने पैमाइश की थी, जिसमें जमीन सरकारी नहीं पाई गई है। इसके बाद निर्माण कार्य शुरू कराया गया था।
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उधर शिकायत करने वालों का कहना है कि जिस जगह पर निर्माण हो रहा है, वहां कभी एक बड़ा तालाब था। जमीन सरकारी है, लेकिन राजस्वकर्मियों की सांठगांठ के चलते निर्माण शुरू करा दिया गया है। जिस जमीन पर निर्माण हो रहा है, उसके दोनाें ओर सरकारी जमीन बताते हुए कब्जा करने वालों पर पूर्व में ही रिपोर्ट दर्ज है। ऐसे में बीच की जमीन भी सरकारी है, लेकिन निर्माण पर रोक नहीं लगवाई जा रही है। इसके अलावा जमीन रोड के किनारे होने के चलते पीडब्ल्यूडी को भी जांच कर कार्रवाई करनी चाहिए थी।
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ईओ सहित 22 लोगों पर दर्ज हुई थी रिपोर्ट
2018 में इसी जमीन के पास दुकानों का निर्माण कराने का प्रयास किया गया था। तब तत्कालीन डीएम के आदेश पर नगर पंचायत के तत्कालीन ईओ सहित 22 लोगों पर सरकारी भूमि पर कब्जा करने के आरोप में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। यह मामला कोर्ट में विचाराधीन है। अब पास में ही निर्माण कार्य को हरी झंडी दिए जाने पर ईओ और राजस्वकर्मियों पर सवाल उठ रहे हैं। पूर्व में खुटार में तैनात रहे एक राजस्वकर्मी का कहना है कि निर्माण गलत हो रहा है।
लेखपाल से पैमाइश कराई गई थी। लेखपाल की रिपोर्ट के अनुसार निर्माण निजी गाटा पर हो रहा है। रिपोर्ट अधिकारियों को भेजी गई थी। शिकायतें मिलने पर निर्माण रुकवा दिया गया है।
चित्रा निर्वाल, एसडीएम पुवायां