शाहजहांपुर में हादसा: खंभे के सपोर्टिंग तार में उतरे करंट से मासूम की मौत, लापरवाही पर जेई को नोटिस जारी
शाहजहांपुर के मीरानपुर कटरा में बृहस्पतिवार सुबह दर्दनाक हादसा हुआ। बिजली के खंभे के स्पोर्टिंग तार में उतरे करंट से आठ साल के बालक की मौत हो गई। घटना के बाद उसके परिवार में कोहराम मच गया।
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शाहजहांपुर के मीरानपुर कटरा के मोहल्ला बंगशान स्थित रामनगर कॉलोनी में बृहस्पतिवार सुबह सीमेंटेड बिजली खंभे के सपोर्ट में लगे तार में उतरे करंट की चपेट में आने से आठ वर्षीय असद की मौत हो गई। मां रेशमा बेगम जिंदा होने की आस में बेटे को गोद में उठाकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गईं, लेकिन चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया। हादसे के बाद अधीक्षण अभियंता अनुज प्रताप सिंह ने अवर अभियंता संजय कुमार को नोटिस जारी कर शुक्रवार दोपहर तक स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए हैं।
कार चालक जलालुद्दीन अंसारी का बेटा असद मोहल्ले के इंग्लिश मीडियम स्कूल में कक्षा दो का छात्र था। तबीयत खराब होने के कारण बृहस्पतिवार को वह स्कूल नहीं गया था। सुबह करीब 10 बजे वह घर से निकलकर बच्चों के साथ खेलने लगा। इसी दौरान गली में मकान के पास सड़क किनारे लगे सीमेंटेड बिजली खंभे के सपोर्टिंग तार के संपर्क में आ गया। तार में करंट उतर रहा था।
चपेट में आने से असद छटपटाने लगा। उसकी आवाज सुनकर मां रेशमा बेगम बाहर आईं। उनके शोर मचाने पर आसपास के लोग जुट गए और किसी तरह बच्चे को करंट से छुड़ाया। अचेत बेटे को देखकर मां बिलख पड़ीं। वाहन से उसे सीएचसी ले जाया गया, जहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। बेटे की मौत से परिवार में कोहराम मच गया। सीओ तिलहर विदुष सक्सेना ने बताया कि तहरीर मिलने पर जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस से उलझी मां, बोली- बेटा जिंदा है, नहीं ले जाने दूंगी
बेटे की मौत की सूचना के बाद मां रेशमा बेगम उसे गोद में उठाकर दहाड़े मारकर रोने लगीं। पुलिस शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजने पहुंची तो वह शव देने को तैयार नहीं हुईं। उनका कहना था कि बेटा जिंदा है और उसकी धड़कन चल रही है। वह असद को नहीं ले जाने देंगी। आसपास की महिलाओं ने उन्हें संभाला। इसके बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लिया। भाई की मौत से छह वर्षीय अर्श और चार वर्षीय मन्नत के आंसू भी नहीं थम रहे थे। जलालुद्दीन पत्नी और बच्चों को संभालते रहे।
इंसुलेटर लगाने और चेकिंग में लापरवाही, सपोर्टिंग तारों में उतर रहा था करंट
बिजली कर्मियों के अनुसार लाइन बनाते समय खंभे के सपोर्टिंग तार में करंट उतरने से बचाने के लिए इंसुलेटर लगाया जाता है। इंसुलेटर नहीं लगाने या टूट जाने पर खंभे के सपोर्ट के लिए लगाए गए अर्थिंग तार में करंट उतरने लगता है। नियम के अनुसार लाइनमैन को गश्त के दौरान ऐसे तारों की निगरानी कर इंसुलेटर लगाने का इंतजाम करना चाहिए। आरोप है कि जेई से लेकर लाइनमैन तक इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। पिछले कुछ महीनों में अर्थिंग तारों में करंट उतरने से कई हादसे हो चुके हैं।
मृतक के पिता जलालुद्दीन अंसारी ने बताया कि बारिश के दौरान जलभराव होने पर बिजली खंभे और अर्थिंग तार के आसपास करंट उतर आता था। इसकी सूचना एक माह पहले बिजली निगम के अफसरों और स्थानीय कर्मचारियों को दी थी, लेकिन शिकायत पर ध्यान नहीं दिया गया। हादसे के बाद निगम की टीम अर्थिंग वाला तार निकालकर ले गई। विद्युत निगम के उपखंड अधिकारी धर्मेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि खंभे में करंट उतरने की सूचना उन्हें नहीं मिली थी। मृतक के पिता की बात का संज्ञान लेकर जांच कराई जाएगी।
अक्षीण अभियंता अनुज प्रताप सिंह ने बताया कि मामले की जानकारी मिलने पर अवर अभियंता संजय कुमार को नोटिस जारी कर शुक्रवार दोपहर तक स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए गए हैं। दोषी पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। अर्थिंग वाले तारों को सुरक्षित करने के लिए पूर्व में भी सभी को निर्देश दिए गए थे।
- 14 जून: मिर्जापुर के गांव नई बस्ती भौती में संगीता की बिजली खंभे में उतरे करंट की चपेट में आने से मौत हुई थी।
- 24 जून: कांट के मोहल्ला मरहैया रहमतपुर निवासी फुरकान के पांच वर्षीय बेटे अमान की खंभे के सपोर्ट तार में उतरे करंट की चपेट में आने से मौत हुई थी।
- 22 मार्च: बंडा के गांव रामदेवरी निवासी ब्रजेश खेत में लगे तार में करंट उतरने से झुलस गए थे। बरेली ले जाते समय उनकी मौत हो गई थी।