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होली के रंगों और आकर्षक पिचकारियों से गुलजार हुए शहर के बाजार

Mon, 14 Mar 2022 12:30 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Mon, 14 Mar 2022 12:30 AM IST
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City markets buzzed with colors and pichkaris
शाहजहांपुर के बहादुरगंज बाजार में एक दुकान के बाहर ग्राहकों को लुभाने के लिए रखा अबीर-गुलाल। संव? - फोटो : SHAHJAHANPUR
शाहजहांपुर। होली को अभी एक सप्ताह शेष है। लेकिन, त्योहार के रंगों और आकर्षक पिचकारियों से शहर के बाजार गुलजार होने लगे हैं। चौक मंडी से मालखाना मोड़ तक और घंटाघर से बहादुरगंज तक सड़कों और उनके आगे फुटपाथ तक रंगों और पिचकारियों की दुकानें सजने लगी हैं।
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हालांकि दुकानदारों का कहना है कि बीते वर्ष की तुलना में अबीर-गुलाल के दाम करीब डेढ़ गुना बढ़ गए हैं, लेकिन महंगाई पर त्योहार का उल्लास सिर चढ़कर बोल रहा है। बाजार में अमीर से लेकर गरीब परिवारों के बच्चों के लिए पिचकारियां आई हैं। लोगों को दूर तक स्प्रे की मार करने वाली पिचकारियां ज्यादा लुभा रही हैं। इसी तरह त्वचा के लिए सुरक्षित माने जाने वाले तमाम तरह के हर्बल रंग भी बिक रहे हैं।
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राफेल थ्री-डी और दोनाली प्रेशर पिचकारियां बच्चों की पहली पसंद
बाजार में 50 रुपये से लेकर 650 रुपये तक कीमत वाली पिचकारियां आई हैं। कम कीमत वाली पिचकारियां तरह-तरह के फलों-सब्जियों की आकृति वाली हैं जबकि तीन सौ रुपये और इससे अधिक कीमत वाली पिचकारियों को इस तरह डिजाइन किया गया है कि बच्चे दूर से ही उनकी ओर लपक रहे हैं।
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इनमेें सैनिकों की वर्दी जैसे प्रिंट और राइफल की तरह दिखने वाली राफेल थ्री-डी और दोनाली बंदूक जैसी प्रेशर पिचकारी बच्चे जिद करके ले रहे हैं। बीते 25 साल से होली पर पिचकारी का कारोबार कर रहे बहादुरगंज के आमिर शौजफ का कहना है कि इस बार चीन से पिचकारियों की खेप दिल्ली नहीं आई। इसलिए बंगलुरू से माल मंगाने में भाड़ा ज्यादा लगा तो पिचकारी की कीमतें भी दस से 20 प्रतिशत बढ़ गई हैं।
जैविक गुलाल, रंगीन स्प्रे, स्मोकी अनार की ज्यादा मांग
बाजार में गुणवत्ता के अनुसार अबीर-गुलाल 100 से 150 रुपये किलो बिक रहा है, लेकिन जैविक विधि से फूलों-सब्जियों से तैयार किए गए हर्बल गुलाल का सेट 275 से 300 रुपये का है। विक्रेताओं के अनुसार अब लोग पानी में घुलने वाले रंग खरीदने के बजाय थोड़े महंगे हर्बल रंग ज्यादा पसंद कर रहे हैं। रंगीन स्प्रे 40 से 50 रुपये नग बिक रहे हैं। यही नहीं, कई दुकानों पर होली पर रंगीन धुआं छोड़ने वाले अनार भी 50 से 80 रुपये नग बिक रहे हैं।
चुनाव नतीजे घोषित होने पर रंगों की बढ़ी मांग
रंग के कारोबारियों का कहना है कि कानपुर, हाथरस आदि बाहर के शहरों की कई फैक्टरियों में रंग का उत्पादन कम हो रहा है, लेकिन विधानसभा चुनाव के दौरान रंगों की मांग एकाएक बढ़ गई है। फिलहाल, रंगों की थोक बिक्री बहुत हो रही है, लेकिन फुटकर ग्राहक कम आ रहे हैं। बीते दिन मतगणना के बाद चुनाव के नतीजे आए तो जीतने वाले प्रत्याशियों के तमाम समर्थकों ने थोक में रंग खरीदकर पहले से ही होली मनानी शुरू कर दी। मांग ज्यादा और आवक कम होने से रंगों के फुटकर दाम बीते साल की तुलना में डेढ़ गुना बढ़ गए हैं।
कारोबारियों की बात
जिस उम्र के ग्राहक होते हैं, उनकी पसंद का ध्यान रखकर वैसी पिचकारियां मंगाई हैं। बच्चों को खिलौना बंदूक और स्कूल का बस्ता ज्यादा पसंद होता है। इसलिए इन्हीं चीजों से मिलती-जुलती पिचकारियां मंगाई हैं। अभी पिचकारी की मांग ज्यादा नहीं है, लेकिन होली से पहले सारा माल बिक जाने की उम्मीद है। -मोहम्मद शकील, पिचकारी विक्रेता
इस बार फैक्टरियों में रंग का उत्पादन कम हुआ है। इसलिए बाहर से माल कम आ रहा है और रंगों के थोक दाम भी बढ़ गए हैं। मजबूरन फुटकर कीमतें डेढ़ गुना बढ़ गईं, लेकिन चुनाव के कारण रंगों की मांग दोगुनी हो गई है। तमाम प्रत्याशियों के समर्थक त्योहार से पहले ही रंगों की होली खेलने में जुटे हैं। जैविक रंग महंगे होने पर भी बिक रहे हैं। -गोपाल, किराना एवं रंग कारोबारी
बाजार से रंगीन कपड़ा, गाटा, जरी आदि सामान लाकर डिस्को कैप, मनचलुआ टोपी खुद तैयार करती हूं। बच्चों में इन चीजों की मांग ज्यादा होती है, इसलिए टोपियों के नाम भी ऐसे प्रचलित हुए जो बच्चों को पसंद हैं। थोक में 42 रुपये दर्जन डिस्को कैप और 150 रुपये की 50 मनचलुआ टोपी बिक जाती हैं। इसलिए इन चीजों के फुटकर दाम भी सीमित हैं। -शीला सक्सेना, टोपी विक्रेता

होली पर बच्चे ही नहीं, युवा भी बालों में रंग लगने से बचाने के लिए हैट लगाकर बाहर निकलते हैं। कई बार बच्चे शहीद भगत सिंह जैसा दिखने के लिए माता-पिता से हैट दिलाने की गुहार करते हैं। उनकी पसंद को देखते कई डिजाइन में जीन कपड़े और प्लास्टिक के हैट मंगाए हैं। इनकी बिक्री एक-दो दिन मेें बढ़ जाएगी। -रोहित सक्सेना, हैट विक्रेता

शाहजहांपुर के बहादुरगंज बाजार में एक दुकान पर सजे मुखौटे। संवाद

शाहजहांपुर के बहादुरगंज बाजार में एक दुकान पर सजे मुखौटे। संवाद- फोटो : SHAHJAHANPUR

शाहजहांपुर में शुक्रवार को बाजार में सजी रंगबिरंगी पिचकारियों की दुकान पर बच्चे के साथ खरीदारी ?

शाहजहांपुर में शुक्रवार को बाजार में सजी रंगबिरंगी पिचकारियों की दुकान पर बच्चे के साथ खरीदारी ?- फोटो : SHAHJAHANPUR

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