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Shahjahanpur News: अब भी बिक रहा चीनी मांझा, चपेट में आया वार्ड बॉय
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सतेंद्र यादव। स्रोत: सोशल मीडिया
शाहजहांपुर। तमाम दावों के बावजूद चीनी मांझा की बिक्री पर प्रशासन रोक नहीं लगा पा रहा है। बृहस्पतिवार को राजकीय मेडिकल कॉलेज में कार्यरत वॉर्ड बॉय चीनी मांझा की चपेट में आ गया। बाइक की रफ्तार कम होने के कारण उसकी जान बच गई।
बृहस्पतिवार को राजकीय मेडिकल कॉलेज में कार्यरत वार्ड बॉय सतेंद्र यादव चीनी मांझे की चपेट में आ गया। वह मंगलवार शाम बाइक से ड्यूटी पर जा रहे थे। इस बीच मोहल्ला दलेलगंज के पुल पर चीनी मांझा उनकी गर्दन से लिपट गया। बाइक की गति धीमी होने के कारण उनकी गर्दन पर केवल रगड़ ही लगी। पीड़ित के मुताबिक, बाइक की रफ्तार अगर तेज होती तो बड़ा हादसा हो सकता था।
बता दें कि 11 जनवरी को अजीजगंज गर्रा पुल के पास चीनी मांझा से सिपाही शाहरुख हसन की गर्दन कट गई थी। उनकी मौके पर ही मौत हो गई थी। इसके बाद सक्रिय हुए प्रशासन ने अभियान चलाया था। तब कुछ स्थानों से चीनी मांझे की बरामदगी की गई थी। इसके बाद अभियान ठप पड़ गया।
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आसपास के जिलों में भी हो रहे हादसे
शाहजहांपुर के अलावा आसपास के जिलों में भी चीनी मांझे से हादसे हो रहे हैं। हरदोई के शाहबाद के गांव उधरनपुर में रहने वाली दो साल की आरजू छत पर अपने माता-पिता के साथ खेल रहीं थीं। चीनी मांझे की चपेट में आने से उनकी गर्दन कट गई। शाहजहांपुर के एक निजी अस्पताल में उसका इलाज चल रहा है। चीनी मांझा शाहजहांपुर में अधिकतर बरेली से ही आता है।
चीनी मांझा से हो चुकीं कई घटनाएं
- करीब दो वर्ष पूर्व गर्रा फाटक पर एक कंपनी के कर्मचारी की गर्दन मांझे से कट गई थी। कैंट क्षेत्र में एक युवक की चीनी मांझे से अंगुली कट गई थी। एक एमआर जख्मी हो गया था। पूर्व में एसपी के पीआरओ इश्तियाक अहमद चीनी मांझा की चपेट में आ गए थे, लेकिन हेलमेट ने उन्हें बचा लिया था। पुवायां रोड पर चीनी मांझा फंसने से बाइक पर सवार एक महिला का पर्स कट गया था।
चीनी मांझे को लेकर अभियान चल रहा है। थाना प्रभारियों को कार्रवाई के लिए निर्देशित किया है। दोबारा से अभियान चलाकर चीनी मांझा के कारोबारी तलाशे जाएंगे। - पंकज पंत, सीओ सिटी
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बृहस्पतिवार को राजकीय मेडिकल कॉलेज में कार्यरत वार्ड बॉय सतेंद्र यादव चीनी मांझे की चपेट में आ गया। वह मंगलवार शाम बाइक से ड्यूटी पर जा रहे थे। इस बीच मोहल्ला दलेलगंज के पुल पर चीनी मांझा उनकी गर्दन से लिपट गया। बाइक की गति धीमी होने के कारण उनकी गर्दन पर केवल रगड़ ही लगी। पीड़ित के मुताबिक, बाइक की रफ्तार अगर तेज होती तो बड़ा हादसा हो सकता था।
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बता दें कि 11 जनवरी को अजीजगंज गर्रा पुल के पास चीनी मांझा से सिपाही शाहरुख हसन की गर्दन कट गई थी। उनकी मौके पर ही मौत हो गई थी। इसके बाद सक्रिय हुए प्रशासन ने अभियान चलाया था। तब कुछ स्थानों से चीनी मांझे की बरामदगी की गई थी। इसके बाद अभियान ठप पड़ गया।
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आसपास के जिलों में भी हो रहे हादसे
शाहजहांपुर के अलावा आसपास के जिलों में भी चीनी मांझे से हादसे हो रहे हैं। हरदोई के शाहबाद के गांव उधरनपुर में रहने वाली दो साल की आरजू छत पर अपने माता-पिता के साथ खेल रहीं थीं। चीनी मांझे की चपेट में आने से उनकी गर्दन कट गई। शाहजहांपुर के एक निजी अस्पताल में उसका इलाज चल रहा है। चीनी मांझा शाहजहांपुर में अधिकतर बरेली से ही आता है।
चीनी मांझा से हो चुकीं कई घटनाएं
- करीब दो वर्ष पूर्व गर्रा फाटक पर एक कंपनी के कर्मचारी की गर्दन मांझे से कट गई थी। कैंट क्षेत्र में एक युवक की चीनी मांझे से अंगुली कट गई थी। एक एमआर जख्मी हो गया था। पूर्व में एसपी के पीआरओ इश्तियाक अहमद चीनी मांझा की चपेट में आ गए थे, लेकिन हेलमेट ने उन्हें बचा लिया था। पुवायां रोड पर चीनी मांझा फंसने से बाइक पर सवार एक महिला का पर्स कट गया था।
चीनी मांझे को लेकर अभियान चल रहा है। थाना प्रभारियों को कार्रवाई के लिए निर्देशित किया है। दोबारा से अभियान चलाकर चीनी मांझा के कारोबारी तलाशे जाएंगे। - पंकज पंत, सीओ सिटी