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बच्चों ने तोड़ी झिझक, पुलिस से पूछे साइबर अपराध से बचने के उपाय

Tue, 23 Aug 2022 12:49 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 23 Aug 2022 12:49 AM IST
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Children break hesitation, ask ways to avoid cyber crime
शाहजहांपुर में सेठ एमआर जयपुरिया स्कूल के बच्चों को जानकारी देते प्रभारी कोतवाल राकेश सिंह चौहा - फोटो : SHAHJAHANPUR
शाहजहांपुर। सेठ एमआर जयपुरिया स्कूल के कक्षा नौ से 12 तक के छात्र-छात्राओं ने सोमवार को चौक कोतवाली का भ्रमण किया। विद्यार्थियों ने पुलिस के कार्य करने का तरीका जाना। इस बीच झिझक तोड़ी और पुलिस से सवालों की झड़ी लगा दी। उन्होंने साइबर अपराध से बचने और यातायात नियमों के बारे में जानकारी ली।
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अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से आयोजित थाना विजिट कार्यक्रम के तहत पूर्वाह्न 11.30 बजे छात्र-छात्राएं चौक कोतवाली पहुंचे। पहली बार थाने में कदम रखते हुए विद्यार्थी झिझक रहे थे। पहले उन्हें कार्यालय दिखाया गया। बताया कि यहां एफआईआर दर्ज की जाती है। छात्राओं ने इसकी प्रक्रिया जानने के बाद हवालात देखी। फिर महिला हेल्पडेस्क पर पहुंचे। महिला सिपाहियों ने 1090, डॉयल 112 समेत कई हेल्पलाइन की जानकारी दी।
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बताया कि महिला हेल्पडेस्क पर महिला सिपाही ही पीड़ित की शिकायत सुनती हैं। कार्यवाहक थाना प्रभारी राकेश सिंह चौहान ने छात्र-छात्राओं के सवालों के जवाब दिए। उन्होंने साइबर क्राइम से बचने पर जोर दिया। कहा कि साइबर अपराधी आपके खाते से रुपये उड़ा देते हैं। सावधानी बरतकर ही साइबर क्राइम का शिकार होने से बच सकते हैं। इस दौरान उप निरीक्षक गोविंद सिंह, शिक्षक रजत अग्रवाल, शिक्षिका हिना साजिद मौजूद रहीं।
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बच्चों ने ये पूछे सवाल
प्रश्न: डॉयल 112 से क्या-क्या फायदे हैं?
उत्तर: नंबर पर बात होने पर दस मिनट के अंदर पुलिस सहायता के लिए पहुंचेगी। कॉल जाने पर यदि फोन कट हो जाता है तो पुलिस कॉलर को ट्रेस कर पहुंच जाती है।
प्रश्न: साइबर अपराध से कैसे बचे?
उत्तर: अंजान व्यक्ति से बात बिल्कुल न करें। वह बातों में फंसाकर डाटा चोरी कर लेगा।
प्रश्न: घायल व्यक्ति मिले तो कहां पर फोन करें?
उत्तर: सहायता के लिए 108 व 112 पर कॉल कर जानकारी दे सकते हैं।
प्रश्न : रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए क्या करें?
उत्तर : अब ऑनलाइन रिपोर्ट भी दर्ज हो सकती है। थाने जाकर रिपोर्ट दर्ज कराई जा सकती है। महिलाओं के लिए हर थाने में अलग हेल्पडेस्क स्थापित की गई है।
पहली बार देखा थाना
हम पहली बार थाने में आए हैं। थाने में पुलिस द्वारा बहुत ही बेहतर जानकारी उपलब्ध कराई गई। यह काफी काम आएगी। -आयुष
बहुत कुछ जाना
बहुत कुछ जानने को मिला है। पुलिस के कार्य करने का तरीका भी पता चला। पुलिस विपरीत परिस्थितियों में काम करती है। -प्रत्युष पांडेय
हेल्पलाइन नंबर नोट किए
थाने में हेल्पलाइन नंबरों के बारे में पता चला है। नंबरों को डायरी में नोट कर लिया है। जरूरत पड़ने पर इस्तेमाल करेंगे। -अनन्या बाथम
महिला हेल्पडेस्क के बारे में जाना
पहली बार थाने आने का मौका मिला है। यहां महिलाओं की बात सुनने के लिए अलग से कक्ष बना है। यह पहली बार पता चला। -सानवी नारंग
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