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Shahjahanpur News: भ्रष्टाचार के आरोपी ओसीएफ प्रबंधक के आवास पर सीबीआई का छापा, किया सील
Fri, 10 Jul 2026 01:25 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहांपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहांपुर
Published by: बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 10 Jul 2026 01:25 AM IST
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CBI
- फोटो : अमर उजाला
फिरोजाबाद के हजरतपुर स्थित आयुध उपस्कर निर्माणी (ओईएफएच) में भ्रष्टाचार के मामले में सीबीआई ने शाहजहांपुर स्थित ओसीएफ में तैनात आरोपी कनिष्ठ कार्य प्रबंधक दीपेश गुप्ता और ठेकेदार कपिल पांडेय के आवास पर छापा मारा। सीबीआई को दोनों आरोपी नहीं मिले। सीबीआई ने दीपेश गुप्ता का आवास सील कर दिया है। जबकि कपिल के मकान में तलाशी ली, हालांकि कुछ मिला नहीं।
सीबीआई की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा की गाजियाबाद इकाई की टीम ने रक्षा मंत्रालय के अधीन संचालित ओईएफएच के तत्कालीन मुख्य महाप्रबंधक (सीजीएम) अमित सिंह, कनिष्ठ कार्य प्रबंधकों और कई ठेकेदारों व छद्म (डमी) कंपनियों के खिलाफ भ्रष्टाचार, धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश की चार अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज की हैं। इनमें कुल 10 आरोपी बनाए गए हैं।
इस मामले में ओईएफएच में तैनात रहे दीपेश गुप्ता पर टेंडरों में हेरफेर और लाखों रुपये की रिश्वत लेने का आरोप है। दीपेश करीब छह महीने से शाहजहांपुर स्थित आयुध वस्त्र निर्माणी (ओसीएफ) में कनिष्ठ कार्य प्रबंधक के पद पर कार्यरत हैं। वहीं, चिनौर के रहने वाले देव ट्रेडर्स के प्रबंधक कपिल कुमार पांडेय को सीबीआई ने घोटाले में धन स्थानांतरण और फर्जीवाड़े में मददगार होने का आरोपी बनाया है।
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बुधवार देर शाम सीबीआई की एक टीम शाहजहांपुर पहुंची। टीम फैक्टरी इस्टेट के पटेल रोड पर निर्माणी के बंगले में रहने वाले दीपेश गुप्ता के आवास पर गई, लेकिन वहां वह नहीं मिले। टीम ने उनके आवास को सील कर दिया है। इसके बाद टीम चिनौर में पुवायां रोड स्थित कपिल पांडेय के पिता के मकान पर पहुंची। यहां भी आरोपी के न मिलने पर इस आवास में कपिल के कमरे की तलाशी ली।
एसपी सौरभ दीक्षित ने बताया कि सीबीआई की ओर से कार्रवाई की सूचना दी गई थी। सीबीआई ने एक आरोपी के आवास को सील किया है। किसी की गिरफ्तारी नहीं की गई है।
छह महीने पहले ही स्थानांतरित होकर ओसीएफ आए थे कनिष्ठ कार्य प्रबंधक
आयुध उपस्कर निर्माणी (ओईएफएच) में भ्रष्टाचार के मामले में फंसे कनिष्ठ कार्य प्रबंधक दीपेश गुप्ता छह महीने पहले ही स्थानांतरित होकर ओसीएफ आए थे। वहीं, ठेकेदार कपिल पांडेय के पिता महेश पांडेय ओसीएफ से सेवानिवृत्त हैं। सीबीआई की टीम ने कपिल पांडेय के मकान में पहुंचकर परिजनों से जानकारी ली। उनके कमरे पर पड़ा ताला तोड़कर जांच की।
फिरोजाबाद की ओईएफएच में भ्रष्टाचार के मामले में सीबीआई की जांच में सामने आया है कि वर्ष 2022 से 2025 के बीच नियमों को दरकिनार कर करीब 12 करोड़ रुपये से अधिक के फर्जी टेंडर बांटे गए और कारखाने के भीतर के ही कंप्यूटरों का इस्तेमाल कर चहेती कंपनियों को टेंडर दिलाए गए।
इसके एवज में अफसरों को लाखों की रिश्वत व अन्य लाभ दिए गए। इस मामले में ओईएफएच में तैनात रहे दीपेश गुप्ता पर लाखों रुपये की रिश्वत लेने का आरोप है। आरोप है कि तत्कालीन मुख्य महाप्रबंधक अमित सिंह ने कनिष्ठ कार्य प्रबंधक दीपेश गुप्ता को बार-बार स्थानीय क्रय समिति का सदस्य बनाया ताकि मनचाही कंपनियों को टेंडर मिल सकें।
मूलरूप से राजस्थान के सवाई माधोपुर के गणेश नगर के निवासी दीपेश वर्तमान में शाहजहांपुर स्थित आयुध वस्त्र निर्माणी में कनिष्ठ कार्य प्रबंधक हैं। वह छह महीने पहले ही स्थानांतरित होकर ओसीएफ आए हैं। सीबीआई ने पटेल रोड पर स्थित उनके बंगले को सील कर दिया गया है।
वहीं, चिनौर में होली एंजल्स स्कूल के पास रहने वाले देव ट्रेडर्स के प्रबंधक कपिल कुमार पांडेय को सीबीआई ने फर्जीवाड़े में मदद करने का आरोपी बनाया है। कपिल के पिता महेश पांडेय ओसीएफ से सेवानिवृत्त हुए हैं। एक भाई आदित्य ओसीएफ में एक फर्म में सुपरवाइजर हैं।
आदित्य ने बताया कि भाई कपिल काफी समय से आगरा में रह रहे हैं। वह कभी-कभी पिता के आवास पर आते हैं। बुधवार को आवास पर पहुंची सीबीआई टीम ने उनके आवास पर आकर परिजनों से पूछताछ की थी। जिस कमरे में कपिल आकर रुकते हैं, उसका ताला तोड़कर अंदर जांच की। इसके बाद टीम लौट गई। आदित्य ने बताया कि भाई को गलत फंसाया जा रहा है। जांच में सच्चाई सामने आ जाएगी।
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सीबीआई की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा की गाजियाबाद इकाई की टीम ने रक्षा मंत्रालय के अधीन संचालित ओईएफएच के तत्कालीन मुख्य महाप्रबंधक (सीजीएम) अमित सिंह, कनिष्ठ कार्य प्रबंधकों और कई ठेकेदारों व छद्म (डमी) कंपनियों के खिलाफ भ्रष्टाचार, धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश की चार अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज की हैं। इनमें कुल 10 आरोपी बनाए गए हैं।
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इस मामले में ओईएफएच में तैनात रहे दीपेश गुप्ता पर टेंडरों में हेरफेर और लाखों रुपये की रिश्वत लेने का आरोप है। दीपेश करीब छह महीने से शाहजहांपुर स्थित आयुध वस्त्र निर्माणी (ओसीएफ) में कनिष्ठ कार्य प्रबंधक के पद पर कार्यरत हैं। वहीं, चिनौर के रहने वाले देव ट्रेडर्स के प्रबंधक कपिल कुमार पांडेय को सीबीआई ने घोटाले में धन स्थानांतरण और फर्जीवाड़े में मददगार होने का आरोपी बनाया है।
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बुधवार देर शाम सीबीआई की एक टीम शाहजहांपुर पहुंची। टीम फैक्टरी इस्टेट के पटेल रोड पर निर्माणी के बंगले में रहने वाले दीपेश गुप्ता के आवास पर गई, लेकिन वहां वह नहीं मिले। टीम ने उनके आवास को सील कर दिया है। इसके बाद टीम चिनौर में पुवायां रोड स्थित कपिल पांडेय के पिता के मकान पर पहुंची। यहां भी आरोपी के न मिलने पर इस आवास में कपिल के कमरे की तलाशी ली।
एसपी सौरभ दीक्षित ने बताया कि सीबीआई की ओर से कार्रवाई की सूचना दी गई थी। सीबीआई ने एक आरोपी के आवास को सील किया है। किसी की गिरफ्तारी नहीं की गई है।
छह महीने पहले ही स्थानांतरित होकर ओसीएफ आए थे कनिष्ठ कार्य प्रबंधक
आयुध उपस्कर निर्माणी (ओईएफएच) में भ्रष्टाचार के मामले में फंसे कनिष्ठ कार्य प्रबंधक दीपेश गुप्ता छह महीने पहले ही स्थानांतरित होकर ओसीएफ आए थे। वहीं, ठेकेदार कपिल पांडेय के पिता महेश पांडेय ओसीएफ से सेवानिवृत्त हैं। सीबीआई की टीम ने कपिल पांडेय के मकान में पहुंचकर परिजनों से जानकारी ली। उनके कमरे पर पड़ा ताला तोड़कर जांच की।
फिरोजाबाद की ओईएफएच में भ्रष्टाचार के मामले में सीबीआई की जांच में सामने आया है कि वर्ष 2022 से 2025 के बीच नियमों को दरकिनार कर करीब 12 करोड़ रुपये से अधिक के फर्जी टेंडर बांटे गए और कारखाने के भीतर के ही कंप्यूटरों का इस्तेमाल कर चहेती कंपनियों को टेंडर दिलाए गए।
इसके एवज में अफसरों को लाखों की रिश्वत व अन्य लाभ दिए गए। इस मामले में ओईएफएच में तैनात रहे दीपेश गुप्ता पर लाखों रुपये की रिश्वत लेने का आरोप है। आरोप है कि तत्कालीन मुख्य महाप्रबंधक अमित सिंह ने कनिष्ठ कार्य प्रबंधक दीपेश गुप्ता को बार-बार स्थानीय क्रय समिति का सदस्य बनाया ताकि मनचाही कंपनियों को टेंडर मिल सकें।
मूलरूप से राजस्थान के सवाई माधोपुर के गणेश नगर के निवासी दीपेश वर्तमान में शाहजहांपुर स्थित आयुध वस्त्र निर्माणी में कनिष्ठ कार्य प्रबंधक हैं। वह छह महीने पहले ही स्थानांतरित होकर ओसीएफ आए हैं। सीबीआई ने पटेल रोड पर स्थित उनके बंगले को सील कर दिया गया है।
वहीं, चिनौर में होली एंजल्स स्कूल के पास रहने वाले देव ट्रेडर्स के प्रबंधक कपिल कुमार पांडेय को सीबीआई ने फर्जीवाड़े में मदद करने का आरोपी बनाया है। कपिल के पिता महेश पांडेय ओसीएफ से सेवानिवृत्त हुए हैं। एक भाई आदित्य ओसीएफ में एक फर्म में सुपरवाइजर हैं।
आदित्य ने बताया कि भाई कपिल काफी समय से आगरा में रह रहे हैं। वह कभी-कभी पिता के आवास पर आते हैं। बुधवार को आवास पर पहुंची सीबीआई टीम ने उनके आवास पर आकर परिजनों से पूछताछ की थी। जिस कमरे में कपिल आकर रुकते हैं, उसका ताला तोड़कर अंदर जांच की। इसके बाद टीम लौट गई। आदित्य ने बताया कि भाई को गलत फंसाया जा रहा है। जांच में सच्चाई सामने आ जाएगी।