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Shahjahanpur News: ध्रुव चरित्र सुनाकर निष्काम भक्ति के लिए किया प्रेरित
Sun, 18 May 2025 01:07 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
Updated Sun, 18 May 2025 01:07 AM IST
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कुर्रिया कलां में भोले बाबा स्थान पर कथा सुनाते कथाव्यास अवधेश कुमार शुक्ला। संवाद
कुर्रियाकलां। गांव के भोले बाबा स्थान पर आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में व्यास पंडित अवधेश कुमार शुक्ला ने श्रद्धालुओं को ध्रुव चरित्र का प्रसंग सुनाया। उन्हें भगवान की निष्काम भक्ति के लिए प्रेरित किया।
कहा कि एक बार राजा उत्तान पाद सिंहासन पर बैठे थे। तभी बालक ध्रुव खेलते हुए राजमहल में पहुंच गए। उस समय उनका सौतेला भाई उत्तम राजा की गोदी में बैठा था। ध्रुव ने भी पिता की गोद में चढ़ने का प्रयास किया। इस पर उसकी सौतेली मां सुरुचि ने ध्रुव को डांटते हुए कहा कि उसका राजा की गोद में चढ़ने का अधिकार नहीं है। यदि राजा की गोद में बैठना है तो पहले वह भजन करे। फिर उसे शरीर का त्याग कर उसके गर्भ से जन्म लेना होगा। सौतेली मां से हुए अपमान से दुखी ध्रुव ने एक पैर पर खड़े होकर भगवान विष्णु की तपस्या की। उनके कठोर तप से भगवान विष्णु ने प्रसन्न होकर उन्हें ध्रुव तारा के रूप में अटल रहने का वरदान दिया।
कथा व्यास ने कहा कि ध्रुव की तरह सभी को भगवान की बिना किसी कामना के भक्ति करनी चाहिए। अंत में आयोजक लालू श्रीवास्तव ने आरती कर प्रसाद वितरण किया। कथा श्रवण में रामसेवक सिंह, नन्हे सिंह, बुधपाल सिंह,ओमकांत त्रिपाठी, शिवदत्त तिवारी आदि मौजूद रहे। संवाद
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कहा कि एक बार राजा उत्तान पाद सिंहासन पर बैठे थे। तभी बालक ध्रुव खेलते हुए राजमहल में पहुंच गए। उस समय उनका सौतेला भाई उत्तम राजा की गोदी में बैठा था। ध्रुव ने भी पिता की गोद में चढ़ने का प्रयास किया। इस पर उसकी सौतेली मां सुरुचि ने ध्रुव को डांटते हुए कहा कि उसका राजा की गोद में चढ़ने का अधिकार नहीं है। यदि राजा की गोद में बैठना है तो पहले वह भजन करे। फिर उसे शरीर का त्याग कर उसके गर्भ से जन्म लेना होगा। सौतेली मां से हुए अपमान से दुखी ध्रुव ने एक पैर पर खड़े होकर भगवान विष्णु की तपस्या की। उनके कठोर तप से भगवान विष्णु ने प्रसन्न होकर उन्हें ध्रुव तारा के रूप में अटल रहने का वरदान दिया।
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कथा व्यास ने कहा कि ध्रुव की तरह सभी को भगवान की बिना किसी कामना के भक्ति करनी चाहिए। अंत में आयोजक लालू श्रीवास्तव ने आरती कर प्रसाद वितरण किया। कथा श्रवण में रामसेवक सिंह, नन्हे सिंह, बुधपाल सिंह,ओमकांत त्रिपाठी, शिवदत्त तिवारी आदि मौजूद रहे। संवाद
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