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Shahjahanpur News: भाई ने कहा था- मायके लौट आओ...बच्चों की खातिर नहीं आई कौशल्या
Fri, 28 Mar 2025 12:52 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
Updated Fri, 28 Mar 2025 12:52 AM IST
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शाहजहांपुर। पति के पीटने के बाद बुधवार की शाम अचानक अपने मायके बरेली जिले के थाना फतेहगंज पूर्वी के करतौली गांव पहुंची कौशल्या को देखकर परिवार वाले शंकित हुए थे। भाई जानकी प्रसाद ने समझाया कि घुटनभरी जिंदगी से बचकर स्थायी रूप से मायके में आकर रहने लगो। कौशल्या ने बच्चों की खातिर ऐसा करने से इन्कार कर दिया। सुबह उसे बच्चों की हत्या की खबर लगी तो बदहवास हो गई।
जानकी प्रसाद की चचेरी बुआ का बेटा राजीव काफी सीधे स्वभाव का था। रिश्तेदारी होने के चलते दोनों परिवारों ने रिश्ता तय कर दिया और करीब 15 साल पहले कौशल्या उर्फ क्रांति मानपुर चचरी में बहू बनकर आ गईं। उनकी जिंदगी की गाड़ी बिल्कुल ठीक चल रही थी। करीब एक साल पहले उनके परिवार की खुशियों पर ग्रहण लग गया।
सीएचसी भावलखेड़ा के सामने बाइक से जाते समय ट्रैक्टर-ट्रॉली से टक्कर लग गई। हादसे में राजीव के सिर में गंभीर चोट आई। जबड़े के साथ दांत टूट गए। उसकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण वह पत्नी से आए दिन मारपीट करने लगा था। कौशल्या ने मारपीट की सूचना कई बार अपने परिजनों को दी।
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मायके पक्ष ने अपनी बेटी को वापस बुलाने का प्रयास किया, लेकिन बच्चों की खातिर वह सब सहती रही। बुधवार की शाम को अचानक वह अपने मायके में पहुंची तो उसे देखकर भाई जानकी प्रसाद ने पूछा कि बच्चे कहां हैं? कौशल्या बोली कि राजीव ने मारपीट कर भगा दिया।
जानकी ने बृहस्पतिवार को चलकर पंचायत कराने की बात कही थी। जानकी ने बताया कि वह मेहनत-मजदूरी कर अपने परिवार का पेट पालते हैं। परिवार में एक सदस्य और बढ़ जाता तो कोई दिक्कत नहीं होती, लेकिन बहन ने हर बार आने से मना कर दिया।
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पिता की एक साल पहले हो चुकी मौत
कौशल्या के पिता जवाहर लाल की एक साल पहले मौत हो चुकी है। मां रामश्री बुजुर्ग हैं। उन्हें कानों से सुनाई और आंखों से साफ दिखाई तक नहीं देता है। उनका छोटा भाई विष्णु है।
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फोन तक नहीं था, पड़ोसी से लेते थे खबर
फोटो :
पोस्टमॉर्टम हाउस पर आईं कौशल्या की सगी बहन सावित्री भी भांजों की हत्या से काफी आहत थी। गोद में अपने बेटे को लिए मदनापुर के दौलतपुर से आई सावित्री ने बताया कि पूर्व में एक फोन कौशल्या के पास था, जिसे राजीव ने तोड़ दिया था। अब उससे बात तक नहीं हो पाती थी। पड़ोसियों को कॉल कर हालचाल लेते थे।
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जानकी प्रसाद की चचेरी बुआ का बेटा राजीव काफी सीधे स्वभाव का था। रिश्तेदारी होने के चलते दोनों परिवारों ने रिश्ता तय कर दिया और करीब 15 साल पहले कौशल्या उर्फ क्रांति मानपुर चचरी में बहू बनकर आ गईं। उनकी जिंदगी की गाड़ी बिल्कुल ठीक चल रही थी। करीब एक साल पहले उनके परिवार की खुशियों पर ग्रहण लग गया।
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सीएचसी भावलखेड़ा के सामने बाइक से जाते समय ट्रैक्टर-ट्रॉली से टक्कर लग गई। हादसे में राजीव के सिर में गंभीर चोट आई। जबड़े के साथ दांत टूट गए। उसकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण वह पत्नी से आए दिन मारपीट करने लगा था। कौशल्या ने मारपीट की सूचना कई बार अपने परिजनों को दी।
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मायके पक्ष ने अपनी बेटी को वापस बुलाने का प्रयास किया, लेकिन बच्चों की खातिर वह सब सहती रही। बुधवार की शाम को अचानक वह अपने मायके में पहुंची तो उसे देखकर भाई जानकी प्रसाद ने पूछा कि बच्चे कहां हैं? कौशल्या बोली कि राजीव ने मारपीट कर भगा दिया।
जानकी ने बृहस्पतिवार को चलकर पंचायत कराने की बात कही थी। जानकी ने बताया कि वह मेहनत-मजदूरी कर अपने परिवार का पेट पालते हैं। परिवार में एक सदस्य और बढ़ जाता तो कोई दिक्कत नहीं होती, लेकिन बहन ने हर बार आने से मना कर दिया।
पिता की एक साल पहले हो चुकी मौत
कौशल्या के पिता जवाहर लाल की एक साल पहले मौत हो चुकी है। मां रामश्री बुजुर्ग हैं। उन्हें कानों से सुनाई और आंखों से साफ दिखाई तक नहीं देता है। उनका छोटा भाई विष्णु है।
फोन तक नहीं था, पड़ोसी से लेते थे खबर
फोटो :
पोस्टमॉर्टम हाउस पर आईं कौशल्या की सगी बहन सावित्री भी भांजों की हत्या से काफी आहत थी। गोद में अपने बेटे को लिए मदनापुर के दौलतपुर से आई सावित्री ने बताया कि पूर्व में एक फोन कौशल्या के पास था, जिसे राजीव ने तोड़ दिया था। अब उससे बात तक नहीं हो पाती थी। पड़ोसियों को कॉल कर हालचाल लेते थे।