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Shahjahanpur News: माता-पिता के साथ ही पुरोहित का भी लगाना होगा शपथपत्र...तब होगा विवाह का पंजीकरण
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शाहजहांपुर। माता-पिता की मर्जी के बगैर विवाह करके पंजीकरण कराना अब आसान नहीं होगा। पंजीकरण कराने के लिए संबंधित पुरोहित और वर-वधू के माता-पिता का शपथपत्र व गवाही अनिवार्य कर दी गई है। नए नियम के लागू होने के बाद विवाह पंजीकरण में फर्जीवाड़ा नहीं हो पाएगा।
सुप्रीम कोर्ट ने विवाह का पंजीकरण अनिवार्य किया है। इसके बाद भी कई लोग जरूरत पड़ने पर ही विवाह का पंजीकरण कराते थे। इसमें वे जोड़े भी शामिल होते थे, जो परिवार से गुपचुप शादी करके पंजीकरण करा लेते थे। विदेश जाने के लिए पति-पत्नी का विवाह पंजीकरण अनिवार्य है।
कुछ लोग विदेश जाने के लिए विवाह पंजीकरण कराते थे। इनका पंजीकरण उप निबंध कार्यालय में होता है। अब वर या वधू उसी जिले में विवाह का पंजीकरण करा सकते हैं, जहां के वे रहने वाले हैं। साक्ष्य के तौर पर विवाह कराने वाले पंडित या पुरोहित की गवाही के साथ शपथपत्र लिया जाएगा।
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इसमें बताना होगा कि उनकी मौजूदगी में विवाह हुआ है। इसके साथ ही वर-वधू के माता-पिता का भी शपथपत्र और गवाही होगी। न्यायालय की ओर विशेषकर ऐसे युगलों के विवाह पंजीकरण के संबंध में जारी किए गए हैं, जिनके द्वारा अपने परिवार की सहमति के बिना विवाह किया गया है।
नए दिशा-निर्देशों के अनुसार अब विवाह पंजीकरण के लिए उसी कार्यालय में आवेदन स्वीकार किए जाएंगे, जहां वर या वधु- वधू या फिर उनके माता-पिता निवास कर रहे हों।
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पुरोहित की भूमिका रहेगी अहम
विवाह कराने वाले पुरोहित, पंडित या अन्य को एक शपथपत्र भी अनिवार्य रूप से देना होगा। इसमें शपथकर्ता का पूरा नाम, पिता का नाम, स्थायी पता, वर्तमान पता, आधार कार्ड की प्रति, कोई अन्य वैध पहचान पत्र, मोबाइल नंबर, पुरोहित की पासपोर्ट आकार की फोटोग्राफ होगी। इसमें शपथकर्ता की पहचान और प्रामाणिकता को स्थापित किया जा सके। शपथपत्र में अनिवार्य रूप से यह भी घोषणा करनी होगी कि उनके द्वारा वर-वधु का विवाह संपन्न कराया गया है।
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जनपद में विवाह पंजीकरण की स्थिति
वर्ष संख्या
2022-23 901
2023-24 943
2024-25 797
2025 में अब तक 225
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विवाह पंजीकरण का नया नियम लागू हो गया है। इसमें वर-वधू वहीं पंजीकरण करा सकते हैं, जहां के रहने वाले हैं। पुरोहित के साथ वर-वधू के माता-पिता की गवाही के साथ शपथपत्र भी लगाया जाना अनिवार्य हो गया है।
- अरुण कुमार गुप्ता, सब रजिस्टार, सदर तहसील
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सुप्रीम कोर्ट ने विवाह का पंजीकरण अनिवार्य किया है। इसके बाद भी कई लोग जरूरत पड़ने पर ही विवाह का पंजीकरण कराते थे। इसमें वे जोड़े भी शामिल होते थे, जो परिवार से गुपचुप शादी करके पंजीकरण करा लेते थे। विदेश जाने के लिए पति-पत्नी का विवाह पंजीकरण अनिवार्य है।
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कुछ लोग विदेश जाने के लिए विवाह पंजीकरण कराते थे। इनका पंजीकरण उप निबंध कार्यालय में होता है। अब वर या वधू उसी जिले में विवाह का पंजीकरण करा सकते हैं, जहां के वे रहने वाले हैं। साक्ष्य के तौर पर विवाह कराने वाले पंडित या पुरोहित की गवाही के साथ शपथपत्र लिया जाएगा।
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इसमें बताना होगा कि उनकी मौजूदगी में विवाह हुआ है। इसके साथ ही वर-वधू के माता-पिता का भी शपथपत्र और गवाही होगी। न्यायालय की ओर विशेषकर ऐसे युगलों के विवाह पंजीकरण के संबंध में जारी किए गए हैं, जिनके द्वारा अपने परिवार की सहमति के बिना विवाह किया गया है।
नए दिशा-निर्देशों के अनुसार अब विवाह पंजीकरण के लिए उसी कार्यालय में आवेदन स्वीकार किए जाएंगे, जहां वर या वधु- वधू या फिर उनके माता-पिता निवास कर रहे हों।
पुरोहित की भूमिका रहेगी अहम
विवाह कराने वाले पुरोहित, पंडित या अन्य को एक शपथपत्र भी अनिवार्य रूप से देना होगा। इसमें शपथकर्ता का पूरा नाम, पिता का नाम, स्थायी पता, वर्तमान पता, आधार कार्ड की प्रति, कोई अन्य वैध पहचान पत्र, मोबाइल नंबर, पुरोहित की पासपोर्ट आकार की फोटोग्राफ होगी। इसमें शपथकर्ता की पहचान और प्रामाणिकता को स्थापित किया जा सके। शपथपत्र में अनिवार्य रूप से यह भी घोषणा करनी होगी कि उनके द्वारा वर-वधु का विवाह संपन्न कराया गया है।
जनपद में विवाह पंजीकरण की स्थिति
वर्ष संख्या
2022-23 901
2023-24 943
2024-25 797
2025 में अब तक 225
विवाह पंजीकरण का नया नियम लागू हो गया है। इसमें वर-वधू वहीं पंजीकरण करा सकते हैं, जहां के रहने वाले हैं। पुरोहित के साथ वर-वधू के माता-पिता की गवाही के साथ शपथपत्र भी लगाया जाना अनिवार्य हो गया है।
- अरुण कुमार गुप्ता, सब रजिस्टार, सदर तहसील