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Shahjahanpur News: छह घंटे बाद रेत से निकाला शव, किया अंतिम संस्कार
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गांव लालपुर निवासी सुखचैन सिंह का फाइल फोटो। स्रोत -परिजन
पुवायां। क्रिकेट खेलते समय करंट लग जाने से खिलाड़ी की मौत हो जाने पर परिजनों ने जीवित होने की उम्मीद में शव को रेत में दबा दिया। बाद में सोमवार को शव को निकालकर अंतिम संस्कार कर दिया गया।
गांव लालपुर निवासी सुखचैन सिंह (33) रविवार को गांव और आसपास के युवकों के साथ क्रिकेट खेलने गांव बेला छेदा गए थे। जिस जगह क्रिकेट मैच हो रहा था, वहीं बिजली का खंभा भी लगा था। खंभे के पास भरे पानी में सपोर्टिंग तार बंधा था।
खंभे के पास से गेंद उठाते समय सुखचैन का हाथ तार से छू गया था। करंट लगने से वह झुलस गए। साथी खिलाड़ी उनको सीएचसी लाए थे। यहां डॉक्टर ने सुखचैन सिंह को मृत घोषित कर दिया था। इसके बाद परिजन शव को घर ले गए और उसे रेत में दबा दिया।
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उनका मानना था कि इससे करंट दूर हो जाएगा और सुखचैन की जान बच जाएगी। रविवार दोपहर तीन बजे से रात नौ बजे तक शव रेत में दबा रहा। इसके बाद शव को निकाल लिया गया। अंतत: सोमवार को सुखचैन सिंह का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
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तार में करंट नहीं आ रहा है। निजी नलकूप की लाइन में बीच से मंदिर के लिए लाइन डाली गई है। गेंद लगने से बंच लाइन का तार टूट कर पानी में गिरने से करंट आ गया। पानी से गेंद उठाते समय सुखचैन को करंट लगा।
- जगदीश कुमार, एसडीओ बिजली उपकेंद्र, पुवायां
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गांव लालपुर निवासी सुखचैन सिंह (33) रविवार को गांव और आसपास के युवकों के साथ क्रिकेट खेलने गांव बेला छेदा गए थे। जिस जगह क्रिकेट मैच हो रहा था, वहीं बिजली का खंभा भी लगा था। खंभे के पास भरे पानी में सपोर्टिंग तार बंधा था।
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खंभे के पास से गेंद उठाते समय सुखचैन का हाथ तार से छू गया था। करंट लगने से वह झुलस गए। साथी खिलाड़ी उनको सीएचसी लाए थे। यहां डॉक्टर ने सुखचैन सिंह को मृत घोषित कर दिया था। इसके बाद परिजन शव को घर ले गए और उसे रेत में दबा दिया।
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उनका मानना था कि इससे करंट दूर हो जाएगा और सुखचैन की जान बच जाएगी। रविवार दोपहर तीन बजे से रात नौ बजे तक शव रेत में दबा रहा। इसके बाद शव को निकाल लिया गया। अंतत: सोमवार को सुखचैन सिंह का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
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तार में करंट नहीं आ रहा है। निजी नलकूप की लाइन में बीच से मंदिर के लिए लाइन डाली गई है। गेंद लगने से बंच लाइन का तार टूट कर पानी में गिरने से करंट आ गया। पानी से गेंद उठाते समय सुखचैन को करंट लगा।
- जगदीश कुमार, एसडीओ बिजली उपकेंद्र, पुवायां