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Shahjahanpur News: पति से सीएमओ की नोकझोंक के बाद ऑफिस पहुंचीं जिला पंचायत अध्यक्ष...कराई अभिलेखों की जांच
Fri, 07 Mar 2025 12:44 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
Updated Fri, 07 Mar 2025 12:44 AM IST
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बृहस्पतिवार को सीएमओ कार्यालय में जिला पंचायत अध्यक्ष ममता यादव ने अपने कार्यालय की टीम के साथ
शाहजहांपुर। अस्पताल के पंजीकरण को लेकर पति पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष अजय यादव से विवाद के बाद जिला पंचायत अध्यक्ष ममता यादव बृहस्पतिवार शाम कार्यालय की टीम के साथ सीएमओ आफिस पहुंच गईं। स्टोर इंचार्ज को बुलाकर स्वास्थ्य विभाग में चल रहे घोटाले से जुड़े अभिलेखों की जांच कराई। रजिस्टर व लैपटाॅप में खरीद-फरोख्त के मिलान में अंतर मिला है।
अस्पताल के पंजीकरण को लेकर सीएमओ द्वारा फोन नहीं उठाए जाने पर जिला पंचायत अध्यक्ष ममता यादव के पति पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष अजय यादव ने सीएमओ से नाराजगी जताई थी। सीएमओ से नोकझोंक होने के बाद उन्होंने कार्रवाई के लिए वित्त मंत्री को मामले से अवगत कराया था। पति से विवाद के बाद बृहस्पतिवार को जिला पंचायत अध्यक्ष ममता यादव सीएमओ कार्यालय में पहुंच गईं। उनके साथ में जिला पंचायत की वित्त एवं लेखाधिकारी स्वाति वर्मा भी थीं। उन्हाेंने तुरंत ही विभाग के लिए खरीदे गए सामान के अभिलेखों को तलब किया और मिलान शुरू कराया। खरीदे गए माल की धनराशि का रजिस्टर और लैपटॉप में अंतर मिला। उन्हें अभिलेखाें में क्रम संख्या में कई स्थानों पर जगह छूटी मिली। जांच टीम ने स्टोर इंचार्ज से खाली पेज की वजह पूछी तो वह कोई जवाब नहीं दे सके। रजिस्टर पर सीरियल का नंबर 56 व 57 गायब था। धनराशि में इतना हेरफेर होने के सवाल पर स्टोर इंचार्ज ने चुप्पी साध ली। कुछेक सवालों के गलत जवाब देने पर नाराजगी जताई। उन्होंने समाज कल्याण में हुए घोटाले में कई लोगों पर एफआईआर दर्ज होने का हवाला भी दिया।
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हर बिल में 80-90 हजार का अंतर
वित्त एवं लेखाधिकारी स्वाति वर्मा ने बताया कि खरीद-फरोख्त के हर बिल में 80-90 हजार का अंतर है। इस संबंध में स्टोर इंचार्ज ने स्वीकार भी किया है।
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-स्वास्थ्य विभाग में खरीद-फरोख्त में बड़े पैमाने पर घोटाला हुआ है। सात रजिस्टरों को देखा गया। दो रजिस्टर को सील किया है। इसका परीक्षण करा रहे हैं। इसके बाद घोटाले के पूरे साक्ष्य प्रस्तुत किए जाएंगे।
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अजय यादव, पूर्व अध्यक्ष-जिला पंचायत
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-जिला पंचायत अध्यक्ष ने अपनी टीम के साथ अभिलेख देखे हैं। जहां पर कमियां मिली हैं, उसकी जांच कराकर जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जाएगी।
डॉ.अंसार अली, सीएमओ
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अस्पताल के पंजीकरण को लेकर सीएमओ द्वारा फोन नहीं उठाए जाने पर जिला पंचायत अध्यक्ष ममता यादव के पति पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष अजय यादव ने सीएमओ से नाराजगी जताई थी। सीएमओ से नोकझोंक होने के बाद उन्होंने कार्रवाई के लिए वित्त मंत्री को मामले से अवगत कराया था। पति से विवाद के बाद बृहस्पतिवार को जिला पंचायत अध्यक्ष ममता यादव सीएमओ कार्यालय में पहुंच गईं। उनके साथ में जिला पंचायत की वित्त एवं लेखाधिकारी स्वाति वर्मा भी थीं। उन्हाेंने तुरंत ही विभाग के लिए खरीदे गए सामान के अभिलेखों को तलब किया और मिलान शुरू कराया। खरीदे गए माल की धनराशि का रजिस्टर और लैपटॉप में अंतर मिला। उन्हें अभिलेखाें में क्रम संख्या में कई स्थानों पर जगह छूटी मिली। जांच टीम ने स्टोर इंचार्ज से खाली पेज की वजह पूछी तो वह कोई जवाब नहीं दे सके। रजिस्टर पर सीरियल का नंबर 56 व 57 गायब था। धनराशि में इतना हेरफेर होने के सवाल पर स्टोर इंचार्ज ने चुप्पी साध ली। कुछेक सवालों के गलत जवाब देने पर नाराजगी जताई। उन्होंने समाज कल्याण में हुए घोटाले में कई लोगों पर एफआईआर दर्ज होने का हवाला भी दिया।
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हर बिल में 80-90 हजार का अंतर
वित्त एवं लेखाधिकारी स्वाति वर्मा ने बताया कि खरीद-फरोख्त के हर बिल में 80-90 हजार का अंतर है। इस संबंध में स्टोर इंचार्ज ने स्वीकार भी किया है।
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-स्वास्थ्य विभाग में खरीद-फरोख्त में बड़े पैमाने पर घोटाला हुआ है। सात रजिस्टरों को देखा गया। दो रजिस्टर को सील किया है। इसका परीक्षण करा रहे हैं। इसके बाद घोटाले के पूरे साक्ष्य प्रस्तुत किए जाएंगे।
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अजय यादव, पूर्व अध्यक्ष-जिला पंचायत
-जिला पंचायत अध्यक्ष ने अपनी टीम के साथ अभिलेख देखे हैं। जहां पर कमियां मिली हैं, उसकी जांच कराकर जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जाएगी।
डॉ.अंसार अली, सीएमओ