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‘अमर उजाला’ ने किशोर को मिलाए उसके अपने
Shahjahanpur
Updated Sun, 11 Nov 2012 12:00 PM IST
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शाहजहांपुर रेलवे स्टेशन पर बिछुड़ गया था घरवालों से
- भटककर गांव नाहिल पहुंचा बिहार का अखिलेश
अमर उजाला नेटवर्क
पुवायां। बिहार का एक किशोर ‘अमर उजाला’ की मदद से अपने परिजनों से मिल गया है। परिजनों ने ‘अमर उजाला’ का धन्यवाद देते हुए किशोर के मिलने पर खुशी व्यक्त की।
बिहार प्रांत के जनपद सहरसा के थाना सौर बाजार के गांव ठेंगहा निवासी महादेव यादव का 12 वर्षीय पुत्र अखिलेश कुछ समय से बीमार था। उसका भाई मुकेश दिल्ली में काम करता है। गांव से अखिलेश के रिश्ते का मामा रंजीत कुमार दिल्ली जा रहा था। किशोर के माता-पिता ने इलाज के लिए उसे भी भाई मुकेश के पास दिल्ली भेज दिया। पांच नवंबर की सुबह किशोर शाहजहांपुर रेलवे स्टेशन पर पानी पीने को उतरा। इसी बीच ट्रेन रवाना हो गई। किसी तरह वह भटक कर गांव नाहिल आ पहुंचा।
नाहिल निवासी रामादीन खेत से घर आ रहे थे। सात नवंबर को रास्ते में अखिलेश उन्हें मिला। उसकी हालत अत्यंत खराब थी। रामादीन उसे अपने साथ घर ले आए। पुलिस को जानकारी दी तो पुलिस ने किशोर को टिकट लेकर बिहार की ट्रेन पर बैठा देने की बात कहते हुए अपना पल्ला झाड़ लिया। जिस पर वह किशोर को अमर उजाला कार्यालय लेकर आए। अखिलेश से नाम-पता पूछने के बाद संवाददाता ने एनआईसी की साइट पर सहरसा के एसपी और सौर बाजार के एसओ का नंबर जुटाते हुए उन्हें सारा वाकया बताया। अधिकारियों ने भी अमर उजाला के प्रयास की सराहना करते हुए किशोर के घर खबर भिजवाई।
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आज किशोर का मामा रंजीत और उसका ममेरा भाई राजीव पुवायां पहुंचे और किशोर को अपने साथ घर ले गए। उन्होंने बताया कि लड़के के गायब होने से वह लोग बेहद परेशान थे। मुरादाबाद से दिल्ली तक तमाम जगह तलाश करने के बाद भी उसका पता नहीं चल रह था। लड़के के गायब होने के दिन से ही उसने घर खाना तक नहीं बना है। अमर उजाला के माध्यम से जानकारी पाकर परिजनों ने चैन की सांस ली।
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- भटककर गांव नाहिल पहुंचा बिहार का अखिलेश
अमर उजाला नेटवर्क
पुवायां। बिहार का एक किशोर ‘अमर उजाला’ की मदद से अपने परिजनों से मिल गया है। परिजनों ने ‘अमर उजाला’ का धन्यवाद देते हुए किशोर के मिलने पर खुशी व्यक्त की।
बिहार प्रांत के जनपद सहरसा के थाना सौर बाजार के गांव ठेंगहा निवासी महादेव यादव का 12 वर्षीय पुत्र अखिलेश कुछ समय से बीमार था। उसका भाई मुकेश दिल्ली में काम करता है। गांव से अखिलेश के रिश्ते का मामा रंजीत कुमार दिल्ली जा रहा था। किशोर के माता-पिता ने इलाज के लिए उसे भी भाई मुकेश के पास दिल्ली भेज दिया। पांच नवंबर की सुबह किशोर शाहजहांपुर रेलवे स्टेशन पर पानी पीने को उतरा। इसी बीच ट्रेन रवाना हो गई। किसी तरह वह भटक कर गांव नाहिल आ पहुंचा।
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नाहिल निवासी रामादीन खेत से घर आ रहे थे। सात नवंबर को रास्ते में अखिलेश उन्हें मिला। उसकी हालत अत्यंत खराब थी। रामादीन उसे अपने साथ घर ले आए। पुलिस को जानकारी दी तो पुलिस ने किशोर को टिकट लेकर बिहार की ट्रेन पर बैठा देने की बात कहते हुए अपना पल्ला झाड़ लिया। जिस पर वह किशोर को अमर उजाला कार्यालय लेकर आए। अखिलेश से नाम-पता पूछने के बाद संवाददाता ने एनआईसी की साइट पर सहरसा के एसपी और सौर बाजार के एसओ का नंबर जुटाते हुए उन्हें सारा वाकया बताया। अधिकारियों ने भी अमर उजाला के प्रयास की सराहना करते हुए किशोर के घर खबर भिजवाई।
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आज किशोर का मामा रंजीत और उसका ममेरा भाई राजीव पुवायां पहुंचे और किशोर को अपने साथ घर ले गए। उन्होंने बताया कि लड़के के गायब होने से वह लोग बेहद परेशान थे। मुरादाबाद से दिल्ली तक तमाम जगह तलाश करने के बाद भी उसका पता नहीं चल रह था। लड़के के गायब होने के दिन से ही उसने घर खाना तक नहीं बना है। अमर उजाला के माध्यम से जानकारी पाकर परिजनों ने चैन की सांस ली।