{"_id":"6ae38386378aafef700e4b82","slug":"22-day-matrushakti-smriti-sandesh-yatra-concludes-in-baratara-shahjahanpur-news-c-122-1-sbly1042-188755-2026-10-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shahjahanpur News: 22 दिवसीय मातृशक्ति स्मृति संदेश यात्रा का बरतारा में समापन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shahjahanpur News: 22 दिवसीय मातृशक्ति स्मृति संदेश यात्रा का बरतारा में समापन
विज्ञापन
शाहजहांपुर। बरतारा में विनोबा सेवा आश्रम के अहिंसा सभागार में विनोबा भावे के पिता नरहरि भावे की पुण्यतिथि मनाई गई। इस मौके पर 22 दिवसीय मातृशक्ति स्मृति संदेश यात्रा की वापसी पर सभा आयोजित की गई।
कार्यक्रम में जमनालाल बजाज पुरस्कार से सम्मानित विमला बहन ने कहा कि विनोबा भावे के जीवन पर उनके माता-पिता के विचारों का गहरा प्रभाव था। रमेश भैया ने कहा कि यात्रा के दौरान विशेष अनुभूति हुई। मां रुक्मिणी का संदेश घर-घर पहुंचाने के लिए ऐसी यात्राओं की जरूरत है।
कार्यक्रम में कमलेश प्रेमी, श्याम पाल सिंह, केपी सिंह, दिव्या बहन, फूला देवी, शिवकुमारी और राजवीर ने भी विचार व्यक्त किए। संचालन मोहित कुमार ने किया। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन
कार्यक्रम में जमनालाल बजाज पुरस्कार से सम्मानित विमला बहन ने कहा कि विनोबा भावे के जीवन पर उनके माता-पिता के विचारों का गहरा प्रभाव था। रमेश भैया ने कहा कि यात्रा के दौरान विशेष अनुभूति हुई। मां रुक्मिणी का संदेश घर-घर पहुंचाने के लिए ऐसी यात्राओं की जरूरत है।
विज्ञापन
कार्यक्रम में कमलेश प्रेमी, श्याम पाल सिंह, केपी सिंह, दिव्या बहन, फूला देवी, शिवकुमारी और राजवीर ने भी विचार व्यक्त किए। संचालन मोहित कुमार ने किया। संवाद
विज्ञापन