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Shahjahanpur News: बंडा मंडी में 20 क्रय केंद्र बने दिखावटी
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बंडा उपमंडी में लगे गेहूं के ढेर। संवाद
बंडा। किसानों को गेहूं का समर्थन मूल्य दिलाने के लिए यहां 23 क्रय केंद्र स्थापित किए गए हैं, लेकिन सिर्फ तीन क्रय केंद्रों पर गेहूं की तौल हो रही है। बाकी केंद्रों पर अब तक गेहूं की खरीद शुरू नहीं हो सकी है और वे दिखावटी बने हुए हैं। क्रय केंद्र ठप होने से गेहूं लेकर मंडी पहुंचने वाले किसान बेहद परेशान हैं।
क्रय केंद्र बंद होने की वजह पूछने पर केंद्र प्रभारी बारदाने की कमी बताकर किसानों को टरका रहे हैं। इस वजह से तमाम किसान कई दिन से मंडी में डेरा डालकर अपनी उपज की रखवाली कर रहे हैं।
मंडी में बंद पड़े कई केंद्रों के प्रभारी भी किसानों को मौजूद नहीं मिल रहे हैं। मंडी परिसर में गल्ला आढ़ती किसानों से सस्ते दामों पर गेहूं खरीदकर भारी मुनाफा कमाने में जुटे हैं। एसडीएम सदानंद सरोज ने बताया गेहूं की तौल में तेजी लाने को लेकर मंडी सचिव से बात हुई है। उनका कहना है कि वह स्वयं बंडा जाकर पता लगाएंगे कि तौल क्यों नहीं हो रही है। संवाद
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बारदाने की कमी से दिखावटी बना हरिहरपुर केंद्र
चांदपुर। किसानों को समर्थन मूल्य दिलाने के लिए हरिहरपुर गांव में खोला गया गेहूं क्रय केंद्र दिखावटी साबित हो रहा है। क्रय केंद्र पर अब तक बारदाना नहीं पहुुंचने से सरकारी खरीद शुरू नहीं हो सकी है। मजबूरी में किसान बिचौलियों को औने-पौने दामों पर गेहूं बेच रहे हैं।
हरिहरपुर में यूपीएसएस का क्रय केंद्र खुला है। सरकार ने इस वर्ष गेहूं का समर्थन मूल्य 2585 रुपये प्रति क्विंटल घोषित किया है। दो हफ्ते से अधिक समय हो जाने के बावजूद केंद्र पर अब तक जूट की पर्याप्त बोरियां उपलब्ध नहीं हो सकी हैं। इस वजह से गेहूं की खरीद भी शुरू नहीं हो सकी है।
नतीजतन गेहूं लेकर आने वाले किसानों को तौल कराए बगैर लौटना पड़ रहा है। इसका फायदा उठाने के लिए बिचौलिये सक्रिय हो गए हैं। जरूरतमंद किसान उनके हाथ 1800 से 2000 रुपये प्रति क्विंटल के भाव से गेहूं बेच रहे हैं। किसानों का आरोप है कि जिम्मेदार अधिकारी स्थिति से अवगत होने के बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठा रहे हैं।
उन्होंने केंद्र पर अतिशीघ्र बारदाना उपलब्ध कराकर गेहूं की तौल शुरू कराए जाने की मांग की है। केंद्र प्रभारी मनोहर लाल के अनुुसार बारदाना की मांग उच्चाधिकारियों को भेजी जा चुकी है। जल्द ही बोरे मिलने की उम्मीद है। केंद्र पर बारदाना आते ही गेहूं की खरीद शुरू करा दी जाएगी।
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क्रय केंद्र बंद होने की वजह पूछने पर केंद्र प्रभारी बारदाने की कमी बताकर किसानों को टरका रहे हैं। इस वजह से तमाम किसान कई दिन से मंडी में डेरा डालकर अपनी उपज की रखवाली कर रहे हैं।
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मंडी में बंद पड़े कई केंद्रों के प्रभारी भी किसानों को मौजूद नहीं मिल रहे हैं। मंडी परिसर में गल्ला आढ़ती किसानों से सस्ते दामों पर गेहूं खरीदकर भारी मुनाफा कमाने में जुटे हैं। एसडीएम सदानंद सरोज ने बताया गेहूं की तौल में तेजी लाने को लेकर मंडी सचिव से बात हुई है। उनका कहना है कि वह स्वयं बंडा जाकर पता लगाएंगे कि तौल क्यों नहीं हो रही है। संवाद
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बारदाने की कमी से दिखावटी बना हरिहरपुर केंद्र
चांदपुर। किसानों को समर्थन मूल्य दिलाने के लिए हरिहरपुर गांव में खोला गया गेहूं क्रय केंद्र दिखावटी साबित हो रहा है। क्रय केंद्र पर अब तक बारदाना नहीं पहुुंचने से सरकारी खरीद शुरू नहीं हो सकी है। मजबूरी में किसान बिचौलियों को औने-पौने दामों पर गेहूं बेच रहे हैं।
हरिहरपुर में यूपीएसएस का क्रय केंद्र खुला है। सरकार ने इस वर्ष गेहूं का समर्थन मूल्य 2585 रुपये प्रति क्विंटल घोषित किया है। दो हफ्ते से अधिक समय हो जाने के बावजूद केंद्र पर अब तक जूट की पर्याप्त बोरियां उपलब्ध नहीं हो सकी हैं। इस वजह से गेहूं की खरीद भी शुरू नहीं हो सकी है।
नतीजतन गेहूं लेकर आने वाले किसानों को तौल कराए बगैर लौटना पड़ रहा है। इसका फायदा उठाने के लिए बिचौलिये सक्रिय हो गए हैं। जरूरतमंद किसान उनके हाथ 1800 से 2000 रुपये प्रति क्विंटल के भाव से गेहूं बेच रहे हैं। किसानों का आरोप है कि जिम्मेदार अधिकारी स्थिति से अवगत होने के बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठा रहे हैं।
उन्होंने केंद्र पर अतिशीघ्र बारदाना उपलब्ध कराकर गेहूं की तौल शुरू कराए जाने की मांग की है। केंद्र प्रभारी मनोहर लाल के अनुुसार बारदाना की मांग उच्चाधिकारियों को भेजी जा चुकी है। जल्द ही बोरे मिलने की उम्मीद है। केंद्र पर बारदाना आते ही गेहूं की खरीद शुरू करा दी जाएगी।