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Sant Kabir Nagar News: खाने के पड़ गए थे लाले, भारतीय दूतावास की सक्रियता से लौट पाया
Sat, 29 Apr 2023 11:53 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Sat, 29 Apr 2023 11:53 PM IST
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सूडान से लौटे सुहेल का स्वागत किया गया।
संतकबीरनगर। सेंमरियांवा क्षेत्र के चमरसन गांव के रहने वाले सुहेल अहमद शनिवार को सूडान से चलकर जिला मुख्यालय पर पहुंचे। सकुशल घर वापसी पर तहसीलदार खलीलाबाद ने सुहेल को माला पहनाकर और मिठाई खिलाकर स्वागत किया। सुहेल ने केंद्र सरकार और सूडान स्थित भारतीय दूतावास के प्रति शुक्रिया अदा किया। उन्होंने कहा कि सूडान में खाने के लाले पड़ गए थे। भारतीय दूतावास ने सक्रियता दिखाई तो लौट पाया।
चमरसन गांव के रहने वाले जुबेर अहमद के पुत्र सुहेल अहमद दो वर्ष पहले मशीनरी का काम करने के लिए सूडान गए थे। इस दौरान अप्रैल 2022 में वह वापस आए थे। सुहेल ने बताया कि पिछले कुछ समय से सूडान के हालात बहुत खराब हैं। वहां आरएसएस और बुरहान की सेना की आपसी लड़ाई से गृह युद्घ शुरु हो गया है। उससे पूरे देश में अफरा-तफरी फैल गई है। उन्होंने बताया कि सूडान के सभी जिलों में दुकानों का स्टॉक खत्म हो जाने से खाने के लाले पड़ गए हैं। चारों तरफ गोलीबारी और बम दगने से हालात बद से बदतर हो गए हैं।
सूडान में बीते भयावह समय को याद करते हुए सुहेल ने बताया कि सही समय पर भारतीय दूतावास ने वहां से लिफ्ट करा लिया, वरना आज आप सब के बीच होता या नहीं, कहना मुश्किल है। उन्होंने बताया कि भारतीय दूतावास ने छोटे-छोटे एरिया में व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर लोगों को एकत्रित किया। फिर वहां से भारतीय फैक्ट्री में इकट्ठा कर पोर्ट सूडान भेजा। वहां से जिन लोगों के पास पासपोर्ट नहीं था, उन्हें इमरजेंसी पासपोर्ट जारी करते हुए शिप और एयरक्राफ्ट के जरिए जेड्डा के रास्ते आठ दिनों के भीतर नई दिल्ली पहुंचा दिया गया। सुहेल ने इस कठिन समय में जीवन की रक्षा करने के लिए भारतीय दूतावास और भारत सरकार का धन्यवाद ज्ञापित किया है। इस अवसर पर नायब तहसीलदार विजय कुमार, आपदा अधिकारी कृष्ण कुमार के साथ यातायात पुलिस, होमगार्ड और पीआरडी के जवान मौजूद रहे।
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चमरसन गांव के रहने वाले जुबेर अहमद के पुत्र सुहेल अहमद दो वर्ष पहले मशीनरी का काम करने के लिए सूडान गए थे। इस दौरान अप्रैल 2022 में वह वापस आए थे। सुहेल ने बताया कि पिछले कुछ समय से सूडान के हालात बहुत खराब हैं। वहां आरएसएस और बुरहान की सेना की आपसी लड़ाई से गृह युद्घ शुरु हो गया है। उससे पूरे देश में अफरा-तफरी फैल गई है। उन्होंने बताया कि सूडान के सभी जिलों में दुकानों का स्टॉक खत्म हो जाने से खाने के लाले पड़ गए हैं। चारों तरफ गोलीबारी और बम दगने से हालात बद से बदतर हो गए हैं।
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सूडान में बीते भयावह समय को याद करते हुए सुहेल ने बताया कि सही समय पर भारतीय दूतावास ने वहां से लिफ्ट करा लिया, वरना आज आप सब के बीच होता या नहीं, कहना मुश्किल है। उन्होंने बताया कि भारतीय दूतावास ने छोटे-छोटे एरिया में व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर लोगों को एकत्रित किया। फिर वहां से भारतीय फैक्ट्री में इकट्ठा कर पोर्ट सूडान भेजा। वहां से जिन लोगों के पास पासपोर्ट नहीं था, उन्हें इमरजेंसी पासपोर्ट जारी करते हुए शिप और एयरक्राफ्ट के जरिए जेड्डा के रास्ते आठ दिनों के भीतर नई दिल्ली पहुंचा दिया गया। सुहेल ने इस कठिन समय में जीवन की रक्षा करने के लिए भारतीय दूतावास और भारत सरकार का धन्यवाद ज्ञापित किया है। इस अवसर पर नायब तहसीलदार विजय कुमार, आपदा अधिकारी कृष्ण कुमार के साथ यातायात पुलिस, होमगार्ड और पीआरडी के जवान मौजूद रहे।
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