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राजस्व विवाद रहित ग्रामों को वरीयता दी जाएगी : डीएम
Tue, 16 Jul 2024 11:30 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Tue, 16 Jul 2024 11:30 PM IST
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संतकबीरनगर। डीएम महेंद्र सिंह तंवर ने जिले के राजस्व गांवों को राजस्व विवाद रहित बनाने को लेकर सभी तहसीलों में राजस्व विवाद रहित ग्राम अभियान चलाने का निर्देश दिया है। उन्होंने समस्त एसडीएम और राजस्व अधिकारियों को निर्देशित किया है कि निर्धारित प्रारूप पर राजस्व विवाद रहित ग्राम अभियान चलाया जाए। इसके साथ ही शिकायतकर्ताओं की समस्या एवं समाधान का विवरण प्राप्त करते हुए जनपद के समस्त राजस्व गांवों की अंतिम रूप से एक सूची तैयार जाए। शिकायतों का समाधान कर राजस्व विवाद रहित ग्राम बनाने की दिशा में कार्य किया जाए।
डीएम महेंद्र सिंह तंवर ने कहा कि राजस्व विवाद रहित ग्राम से तात्पर्य एक ऐसे राजस्व ग्राम से है जहां किसी भी ग्रामवासी का भूमि संबंधित विवाद लंबित नहीं है। इसमें पैमाइश, कब्जे, आबादी, रास्ते इत्यादि संबंधित विवाद सम्मिलित किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि विभिन्न न्यायालयों में भी लंबित विवादों को इसमें शामिल किया जा रहा है और उसके उपरांत यदि समाधान होता है तो संबंधित न्यायालय में राजस्व आख्या एवं सहमति लगा दी जाएगी। यह अभियान समयबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। इसके साथ ही राजस्व विवाद रहित ग्रामों को वर्ष में एक बार सर्टिफिकेट दिया जाएगा, साथ ही प्रत्येक छह महीने बाद इसको अपडेट किया जाएगा।
डीएम ने बताया कि जनपद से ऐसे ग्रामों को विभिन्न योजनाओं में कुछ अतिरिक्त प्रोत्साहन, वरीयता भी दी जाएगी। इस अभियान के लिए न्याय पंचायत वार नोडल अधिकारियों की नियुक्ति भी की जाएगी। राजस्व विवाद रहित ग्रामों का चयन करते समय आईजीआरएस, जनता दर्शन में जिस ग्राम से सबसे अधिक समस्याएं हैं, उनको प्राथमिकताएं दी जा रही है। इसके लिए प्रत्येक ग्राम में कम से कम पांच लोग की टीम गठित की जा रही है। इसमें तीन लेखपाल तथा दो सिपाही शामिल हैं। साथ में जटिल समस्याओं, विषयों के लिए एक थानावार सीनियर राजस्व कर्मी, अधिकारी एवं पर्याप्त पुलिस बल का भी गठन किया जा रहा है।
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डीएम महेंद्र सिंह तंवर ने कहा कि राजस्व विवाद रहित ग्राम से तात्पर्य एक ऐसे राजस्व ग्राम से है जहां किसी भी ग्रामवासी का भूमि संबंधित विवाद लंबित नहीं है। इसमें पैमाइश, कब्जे, आबादी, रास्ते इत्यादि संबंधित विवाद सम्मिलित किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि विभिन्न न्यायालयों में भी लंबित विवादों को इसमें शामिल किया जा रहा है और उसके उपरांत यदि समाधान होता है तो संबंधित न्यायालय में राजस्व आख्या एवं सहमति लगा दी जाएगी। यह अभियान समयबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। इसके साथ ही राजस्व विवाद रहित ग्रामों को वर्ष में एक बार सर्टिफिकेट दिया जाएगा, साथ ही प्रत्येक छह महीने बाद इसको अपडेट किया जाएगा।
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डीएम ने बताया कि जनपद से ऐसे ग्रामों को विभिन्न योजनाओं में कुछ अतिरिक्त प्रोत्साहन, वरीयता भी दी जाएगी। इस अभियान के लिए न्याय पंचायत वार नोडल अधिकारियों की नियुक्ति भी की जाएगी। राजस्व विवाद रहित ग्रामों का चयन करते समय आईजीआरएस, जनता दर्शन में जिस ग्राम से सबसे अधिक समस्याएं हैं, उनको प्राथमिकताएं दी जा रही है। इसके लिए प्रत्येक ग्राम में कम से कम पांच लोग की टीम गठित की जा रही है। इसमें तीन लेखपाल तथा दो सिपाही शामिल हैं। साथ में जटिल समस्याओं, विषयों के लिए एक थानावार सीनियर राजस्व कर्मी, अधिकारी एवं पर्याप्त पुलिस बल का भी गठन किया जा रहा है।
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